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कोर्ट का लॉकडाउन मिल रही तारीख पर तारीख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 02:27 AM IST
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advocate leaving profession due to economic condition down
कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन का असर सभी पर पड़ा है। प्रभावित होने वालों में अधिवक्ता भी हैं। दरअसल जिला कोर्ट में सिर्फ बेल व स्टे के मामलों में ही सुनवाई हो रही है। फिलहाल दो निचली और दो सेशन कोर्ट लग रही है। इनमें त्वरित मामले ही सुने जा रहे हैं। इनसे अलग अन्य मामलों में सिर्फ तारीख पे तारीख मिल रही है। कोर्ट के निरंतर न चलने से अधिवक्ताओं के साथ वेंडर, टाइपिस्ट, मुंशी, क्लर्क आदि भी काम न होने से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं।
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तमाम अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले डेढ़ साल से परेशान चल रहे हैं। यही कारण है कि वकालत करने आए तमाम नए वकील पेशा छोड़ने को मजबूर भी हुए हैं। 10 से 20 प्रतिशत ऐसे अधिवक्ता हैं जो अन्य व्यवसाय की ओर रुख कर चुके हैं। वहीं, जिला बार एसोसिएशन का कहना है कि वह अधिवक्ताओं की मदद के लिए सरकार से अनुरोध कर चुकी है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। जिले में 10 निचली अदालत हैं और नौ सेशन कोर्ट हैं। सब डिविजन असंध व इंद्री में भी दो-दो कोर्ट हैं। वहां भी अधिवक्ताओं व अन्य के यही हालात हैं।
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जिला बार एसोसिएशन का कहना है कि कोरोना कॉल में मरीजों की पूरी मदद की जा रही है। जो वकील कोरोना पॉजिटिव होता है, उसके इलाज के लिए एसोसिएशन 25 हजार रुपये देती है। यदि किसी की कोरोना के कारण जान चली जाती हैं तो उसके परिवार को आर्थिक मदद के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिला कोर्ट में रजिस्टर्ड करीब 3100 अधिवक्ता हैं। इनमें 1500 प्रक्टिस करते हैं।
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कोरोना के कारण कोर्ट पूरी तरह खुल नहीं रही है। इस कारण वकीलों को परेशानी हो रही है। ऐसे मे जिला बार एसोसिएशन ने सीएम के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा है। इसमें अधिवक्ताओं को आर्थिक मदद के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की गई है ताकि उनकी आर्थिक तंगी दूर हो सके।
कंवरप्रीत सिंह, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन, करनाल।
सरकार से हमारी मांग है कि सरकार पूरे प्रदेश के वकीलों के लिए 100 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद करें। यह रकम पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के मार्फत जिला बार एसोसिएशन को दें ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे वकीलों तक भी सरकारी मदद पहुंच सके।
हरीश आर्य , उप प्रधान, जिला बार एसोसिएशन, करनाल।
हालात देखते हुए अधिवक्ताओं के लिए भी सरकार को आर्थिक पैकेज देना चाहिए ताकि वे अपनी वकालत जारी रख सकें। आर्थिक संकट से जूझ रहे वकील अपनी वकालत छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। हमारी मांग है कोर्ट जल्द शुरू हो, ताकि अधिवक्ता परिवार का पालन पोषण अच्छे से कर सकें।
- सुनील, संयुक्त सचिव, जिला बार एसोसिएशन करनाल।
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कोरोना से कोर्ट का काम भी प्रभावित हुआ है। डेढ़ साल से काम न के बराबर है। ग्रांट के लिए ज्ञापन भी दिया हुआ है लेकिन नतीजा सिफर है। पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल से भी मांग की गई है कि वकीलों को आर्थिक मदद मिले। हालात न सुधरे तो प्रदेश में अधिवक्ताओं की कमी हो जाएगी।

- सुमित मोहन शर्मा, महासचिव जिला बार एसोसिएशन करनाल।
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अधिवक्ताओं के साथ टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर, मुंशी, क्लर्क सहित अन्य कर्मचारी भी तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द अधिवक्ताओं के लिए कोई सिक्योरिटी पैकेज प्लान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई आपदा आए तो उन्हें दोबारा आर्थिक तंगी से परेशान न होना पड़े।
- तपन वर्मा, कोषाध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन करनाल।
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