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Karnal News: अनुमति बगैर शहर में लगे विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग्स
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंच पर्वों की शृंखला शुरू हो चुकी है, विभिन्न कंपनियों, व्यापारियों ने अपने ब्रांड व वस्तुओं के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए शहर के मुख्य मार्गो पर खंभों, दीवारों आदि पर विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग्स लगा रखे हैं, सबसे खास बात तो ये है कि सभी अनाधिकृत तरीके से लगाए गए हैं। अभी तक नगर निगम से सिर्फ एक कंपनी ने ही 11 विज्ञापन स्थलों के लिए करार किया है। उसे भी अभी अनुमति जारी नहीं की जा सकी है।
नगर निगम का दावा है कि उनकी टीम हर रोज अनाधिकृत विज्ञापनों को उतार रही है। निगम ने शहरभर में 112 विज्ञापन स्थल चयनित किए हैं। इनमें थोड़े थोड़े विज्ञापन स्थल वेबसाइट पर अपलोड किए जाते हैं। वहीं कोई कंपनी या व्यापारी किराया जमा करके विज्ञापन स्थल लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पिछले महीने में निगम ने 12 साइट को अपलोड किया था।
बताते है कि इनमें से दो कंपनियां आई हैं, जिन्हें अनुमति देने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि इससे पहले पानीपत की एक कंपनी ने 11 साइट को लेने के लिए आवेदन किया था। अभी कंपनी ने फीस जमा नहीं की है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को रेंट जमा करने के लिए पत्र लिखा गया है, रेंट जमा करते ही अनुमति दे दी जाएगी।
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निगम की संयुक्त आयुक्त अदिति शर्मा ने बताया कि शहर में किसी भी व्यक्ति, फर्म, कम्पनी या एजेंसी को अनाधिकृत रूप से निगम क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर व फ्लैक्स लगाने की सख्त मनाही है। मनाही के बावजूद विज्ञापन प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन दल, नगर निगम अधिनियम व विज्ञापन पॉलिसी के तहत जुर्माना लगाने व एफआईआर कराई जाएगी।
संयुक्त आयुक्त अदिति ने शहरवासियों से अपील की है कि सार्वजनिक जगहों पर अनाधिकृत विज्ञापन बोर्ड न लगाएं, ऐसा करना सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इससे सार्वजनिक संपत्ति कुरूप होने के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी खराब होती है। अनाधिकृत बोर्ड न लगाने को लेकर बार-बार चेताया जाता रहा है, परंतु जो लोग नहीं मानते, उनके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी।
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करनाल। पंच पर्वों की शृंखला शुरू हो चुकी है, विभिन्न कंपनियों, व्यापारियों ने अपने ब्रांड व वस्तुओं के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए शहर के मुख्य मार्गो पर खंभों, दीवारों आदि पर विज्ञापन बोर्ड, होर्डिंग्स लगा रखे हैं, सबसे खास बात तो ये है कि सभी अनाधिकृत तरीके से लगाए गए हैं। अभी तक नगर निगम से सिर्फ एक कंपनी ने ही 11 विज्ञापन स्थलों के लिए करार किया है। उसे भी अभी अनुमति जारी नहीं की जा सकी है।
नगर निगम का दावा है कि उनकी टीम हर रोज अनाधिकृत विज्ञापनों को उतार रही है। निगम ने शहरभर में 112 विज्ञापन स्थल चयनित किए हैं। इनमें थोड़े थोड़े विज्ञापन स्थल वेबसाइट पर अपलोड किए जाते हैं। वहीं कोई कंपनी या व्यापारी किराया जमा करके विज्ञापन स्थल लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पिछले महीने में निगम ने 12 साइट को अपलोड किया था।
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बताते है कि इनमें से दो कंपनियां आई हैं, जिन्हें अनुमति देने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि इससे पहले पानीपत की एक कंपनी ने 11 साइट को लेने के लिए आवेदन किया था। अभी कंपनी ने फीस जमा नहीं की है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को रेंट जमा करने के लिए पत्र लिखा गया है, रेंट जमा करते ही अनुमति दे दी जाएगी।
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निगम की संयुक्त आयुक्त अदिति शर्मा ने बताया कि शहर में किसी भी व्यक्ति, फर्म, कम्पनी या एजेंसी को अनाधिकृत रूप से निगम क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर व फ्लैक्स लगाने की सख्त मनाही है। मनाही के बावजूद विज्ञापन प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन दल, नगर निगम अधिनियम व विज्ञापन पॉलिसी के तहत जुर्माना लगाने व एफआईआर कराई जाएगी।
संयुक्त आयुक्त अदिति ने शहरवासियों से अपील की है कि सार्वजनिक जगहों पर अनाधिकृत विज्ञापन बोर्ड न लगाएं, ऐसा करना सरकारी नियमों का उल्लंघन है। इससे सार्वजनिक संपत्ति कुरूप होने के साथ-साथ शहर की सुंदरता भी खराब होती है। अनाधिकृत बोर्ड न लगाने को लेकर बार-बार चेताया जाता रहा है, परंतु जो लोग नहीं मानते, उनके खिलाफ कार्रवाई अवश्य होगी।