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Karnal News: 96 गांवों में कॉलोनी काटने, मकान निर्माण के लिए लेनी होगी प्रशासनिक अनुमति
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शहर का नया नक्शा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम गठन के करीब 14 साल बाद दूसरी बार इसकी सीमा के शहरी क्षेत्र का विस्तार किया गया है। अब करनाल के अलग-अलग खंडों के 96 गांवों को भी शहरी सीमा में माना जाएगा। यहां पर नई कॉलोनी काटने व मकान या अन्य नव निर्माण के लिए लोगों को नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र का विस्तार भविष्य की विकासात्मक योजना और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर किया जाता है। ऐसे में इन गांवों में भी आने वाले समय में शहर की तर्ज पर मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिल सकती हैं। साथ ही, इनका विकास कार्य भी अलग तरीके से होंगे, हालांकि अभी इसके लिए कोई अधिसूचना या आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था में ही विकास कार्य एवं मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिलती रहेंगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, केवल नई कॉलोनी काटने, भूखंड को टूकड़ों में विकसित करने या कोई भी नवनिर्माण संबंधित कार्य विभागीय व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा। यहां लापरवाही बतरने पर डीटीपी की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
कुल 96 गांवों को शहरी क्षेत्र में ले लिया है। नगर निगम की नई वार्डबंदी, चुनाव या नए विधानसभा क्षेत्र के गठन तक विकास कार्यों की व्यवस्था वर्तमान स्थिति में ही रहेगी। नए परिसीमन के बाद ही क्षेत्र को हस्तांतरित कर सकते हैं। इसके लिए अभी अधिसूचना का इंतजार है। फिलहाल शहरी क्षेत्र में शामिल करने की अधिसूचना आई है। - रेणू बाला गुप्ता, मेयर
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वर्जन
अब नए शहरी क्षेत्र में जो 96 गांव शामिल किए गए हैं, यहां कोई भी व्यक्ति बिना विभागीय अनुमति के कॉलोनी नहीं काट सकता। न ही विस्तार किया जा सकता है। नए निर्माण के लिए भी विभागीय अनुमति जरूरी है। अवैध कॉलोनी न बनें इसलिए क्षेत्र का विस्तार किया गया है। - गुंजन वर्मा, डीटीपी
इन गांवों को किया गया है शामिल
खेड़ी मानसिंह, गढ़ी गुजरान, समौरा, चूरनी, संगोहा, दरड़, सलारू, उचाना, कुराली, टपराना, दनियालपुर, मैनमती, नेवल, बड़ागांव, मंगलपुर, कैलाश, टिकरी, बलड़ी, बुढ़ाखेड़ा, कलवेहड़ी, छपरा खेड़ा, रसूलपुर खुर्द, करनाल देहात क्षेत्र, फूसगढ़, शेखपुरा, सोहना, सुभरी, कुंजपुरा, नलवीकलां, सरफाबाद, डबरकी, चुंडीपुर, मोहियूदीनपुर, रसालपुर कलां, नगलामेघा, मिरगाहन, गंजोगढ़ी, पिपलवाली, कुटेल, मुबरकाबाद, रांवर, दादूपुर रोड़ान, ऊंचा सीवाना, बरदारा, कुंबोपुरा, दाहा, बजीदा जाटान, खर्कवाली, झीवरहेड़ी, हसनपुर, रसीन, भूसली, समालखा, बीजना, स्टौंडी, बुढ़नपुर, बिर्चपुर, बड़ौता, घोघड़ीपुर, पिंगली, टाहरपुर, खेड़ी नरू, बीड़ माजरा, जाणी, जुंडला, हथलाना, मंजूरा, मनढाई, जरीफाबाद, बजीदारोड़ान, सिरसी, दादूपुर रोड़ान, हेमदा, शाहपुर, कलामपुरा, चिड़ाव, डबरी, सैदपुरा, जरीफावीरान, पुंडरक, रुकनपुर, काछवा, जटपुर जागीर, कुड़क, सुलतानपुर, मुंडाखेड़ा, छपरी, ललायनी, भैणी कलां, भैणीखुर्द, शामगढ़, झंझाड़ी, दादूपुर खालसा, रंबा, गांगर व डडवा।
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दिशा और शहर की सीमा
- उत्तर : बिंदु ''''ए'''' से गांव सग्गा (हदबस्त संख्या-58), गांव बीड़ नरायणा (59), काछवा (11) और बहलौलपूर मुस्तरका (19) की राजस्व सीमा का मिलन बिंदु है। पूर्व की ओर बढ़ते हुए गांव काछवा (11), जटपुर जागीर (62), कुड़क (61), चोपरी (76), ललयानी (74), शामगढ़ (77), डोड़वा (73), गांगर (72), रंबा (62) और खेड़ीमान सिंह (63) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''बी'''' तक जोकि गांव खेड़ीमान सिंह (63), गोरगढ़ (64) और गढ़ीगुजरान (54) की राजस्व सीमाओं से मिलेगा।
- पूर्व : बिंदू ''''बी'''' से पूर्व की ओर बढ़ते हुए गांव गढ़ी गुजरान (54), समोरा (55), धुरनी (56), संगोहा (57), बड़ागांव (69), कुंजपुरा (75), नलवी कला (82), डबरकी (86), चुंडीपुर (87), मोहीयुदीनपुर (88) और नगलामेघा (96) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''सी'''' तक जोकि गांव नगला मेघा (96) के आयत संख्या 128 का दक्षिण-पूर्व कोना है।
- दक्षिण : बिंदु सी से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए गांव नगला मेघा (96), गंजोगढ़ी (7), पीपलवाली (8), कुटेल (9), मुबारकाबाद (10), बसताड़ा (7), हसनपुर (8), रसीन (10), बीजना (12), स्टौंडी (15), जानी (54) और जुंडला (44) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''डी'''' तक जोकि गांव जुंडला (44) के आयत संख्या 328 का दक्षिण-पश्चिम कोना है।
- पश्चिम : बिंदु डी से उत्तर की ओर बढ़ते हुए गांव जुंडला (44), हथलाना (40), मंजुरा (17), बजीदा रोडान (16) और काछवा (11) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ए तक मिलेगा।
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करनाल। नगर निगम गठन के करीब 14 साल बाद दूसरी बार इसकी सीमा के शहरी क्षेत्र का विस्तार किया गया है। अब करनाल के अलग-अलग खंडों के 96 गांवों को भी शहरी सीमा में माना जाएगा। यहां पर नई कॉलोनी काटने व मकान या अन्य नव निर्माण के लिए लोगों को नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र का विस्तार भविष्य की विकासात्मक योजना और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर किया जाता है। ऐसे में इन गांवों में भी आने वाले समय में शहर की तर्ज पर मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिल सकती हैं। साथ ही, इनका विकास कार्य भी अलग तरीके से होंगे, हालांकि अभी इसके लिए कोई अधिसूचना या आदेश नहीं आए हैं। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था में ही विकास कार्य एवं मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिलती रहेंगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, केवल नई कॉलोनी काटने, भूखंड को टूकड़ों में विकसित करने या कोई भी नवनिर्माण संबंधित कार्य विभागीय व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा। यहां लापरवाही बतरने पर डीटीपी की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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कुल 96 गांवों को शहरी क्षेत्र में ले लिया है। नगर निगम की नई वार्डबंदी, चुनाव या नए विधानसभा क्षेत्र के गठन तक विकास कार्यों की व्यवस्था वर्तमान स्थिति में ही रहेगी। नए परिसीमन के बाद ही क्षेत्र को हस्तांतरित कर सकते हैं। इसके लिए अभी अधिसूचना का इंतजार है। फिलहाल शहरी क्षेत्र में शामिल करने की अधिसूचना आई है। - रेणू बाला गुप्ता, मेयर
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वर्जन
अब नए शहरी क्षेत्र में जो 96 गांव शामिल किए गए हैं, यहां कोई भी व्यक्ति बिना विभागीय अनुमति के कॉलोनी नहीं काट सकता। न ही विस्तार किया जा सकता है। नए निर्माण के लिए भी विभागीय अनुमति जरूरी है। अवैध कॉलोनी न बनें इसलिए क्षेत्र का विस्तार किया गया है। - गुंजन वर्मा, डीटीपी
इन गांवों को किया गया है शामिल
खेड़ी मानसिंह, गढ़ी गुजरान, समौरा, चूरनी, संगोहा, दरड़, सलारू, उचाना, कुराली, टपराना, दनियालपुर, मैनमती, नेवल, बड़ागांव, मंगलपुर, कैलाश, टिकरी, बलड़ी, बुढ़ाखेड़ा, कलवेहड़ी, छपरा खेड़ा, रसूलपुर खुर्द, करनाल देहात क्षेत्र, फूसगढ़, शेखपुरा, सोहना, सुभरी, कुंजपुरा, नलवीकलां, सरफाबाद, डबरकी, चुंडीपुर, मोहियूदीनपुर, रसालपुर कलां, नगलामेघा, मिरगाहन, गंजोगढ़ी, पिपलवाली, कुटेल, मुबरकाबाद, रांवर, दादूपुर रोड़ान, ऊंचा सीवाना, बरदारा, कुंबोपुरा, दाहा, बजीदा जाटान, खर्कवाली, झीवरहेड़ी, हसनपुर, रसीन, भूसली, समालखा, बीजना, स्टौंडी, बुढ़नपुर, बिर्चपुर, बड़ौता, घोघड़ीपुर, पिंगली, टाहरपुर, खेड़ी नरू, बीड़ माजरा, जाणी, जुंडला, हथलाना, मंजूरा, मनढाई, जरीफाबाद, बजीदारोड़ान, सिरसी, दादूपुर रोड़ान, हेमदा, शाहपुर, कलामपुरा, चिड़ाव, डबरी, सैदपुरा, जरीफावीरान, पुंडरक, रुकनपुर, काछवा, जटपुर जागीर, कुड़क, सुलतानपुर, मुंडाखेड़ा, छपरी, ललायनी, भैणी कलां, भैणीखुर्द, शामगढ़, झंझाड़ी, दादूपुर खालसा, रंबा, गांगर व डडवा।
दिशा और शहर की सीमा
- उत्तर : बिंदु ''''ए'''' से गांव सग्गा (हदबस्त संख्या-58), गांव बीड़ नरायणा (59), काछवा (11) और बहलौलपूर मुस्तरका (19) की राजस्व सीमा का मिलन बिंदु है। पूर्व की ओर बढ़ते हुए गांव काछवा (11), जटपुर जागीर (62), कुड़क (61), चोपरी (76), ललयानी (74), शामगढ़ (77), डोड़वा (73), गांगर (72), रंबा (62) और खेड़ीमान सिंह (63) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''बी'''' तक जोकि गांव खेड़ीमान सिंह (63), गोरगढ़ (64) और गढ़ीगुजरान (54) की राजस्व सीमाओं से मिलेगा।
- पूर्व : बिंदू ''''बी'''' से पूर्व की ओर बढ़ते हुए गांव गढ़ी गुजरान (54), समोरा (55), धुरनी (56), संगोहा (57), बड़ागांव (69), कुंजपुरा (75), नलवी कला (82), डबरकी (86), चुंडीपुर (87), मोहीयुदीनपुर (88) और नगलामेघा (96) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''सी'''' तक जोकि गांव नगला मेघा (96) के आयत संख्या 128 का दक्षिण-पूर्व कोना है।
- दक्षिण : बिंदु सी से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए गांव नगला मेघा (96), गंजोगढ़ी (7), पीपलवाली (8), कुटेल (9), मुबारकाबाद (10), बसताड़ा (7), हसनपुर (8), रसीन (10), बीजना (12), स्टौंडी (15), जानी (54) और जुंडला (44) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ''''डी'''' तक जोकि गांव जुंडला (44) के आयत संख्या 328 का दक्षिण-पश्चिम कोना है।
- पश्चिम : बिंदु डी से उत्तर की ओर बढ़ते हुए गांव जुंडला (44), हथलाना (40), मंजुरा (17), बजीदा रोडान (16) और काछवा (11) की राजस्व सीमा के साथ-साथ बिंदु ए तक मिलेगा।