{"_id":"5d6988b18ebc3e0173475ad3","slug":"action-karnal-news-knl36749147","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने किया लाठी चार्ज तो ग्रामीणों ने किया पथराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने किया लाठी चार्ज तो ग्रामीणों ने किया पथराव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मायके में महिला के परिजनों के साथ मारपीट करने और निगदू पुलिस द्वारा आरोपी पक्ष के लोगों को छोड़ने के विरोध में शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने थाने में विरोध जताया। थाने में लोगों के आक्रोश को देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। अपने बचाव में ग्रामीणों और महिला के परिजनों ने थाने में पथराव कर बाहर धरना दे दिया। फायरिंग के आदेश मिलते ही परिजन और ग्रामीणों ने नीलोखेड़ी कारसा डोड रोड पर जाम लगा दिया। नाराज लोगों का कहना था कि पुलिस ने गांव में आकर महिला और उसके परिजनों के साथ मारपीट करने वालों को छोड़ दिया है। इसके अलावा इन लोगों पर लाठीचार्ज किया है। सूचना मिलने पर डीएसपी इंद्री पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजनों ने रात को करीब 8.30 बजे जाम खोल दिया।
ये है मामला
पीड़ित महिला कैलाश देवी ने बताया कि करीब तीन चार साल पहले उन्होंने अपनी लड़की की शादी टोहाना जिला जींद में की थी। उन्होंने बताया कि तीन साल से लड़की के ससुराल वाले उसे बहुत परेशान कर रहे थे। 17 अगस्त को ससुराल वालों ने उनकी बेटी को पीटा। ससुराल वालों से तंग आकर लड़की अपने डेढ़ वर्षीय बेटे को लेकर मायके आ गई। इस बारे में कई बार पंचायत हुई लेकिन ससुराल वाले नहीं माने। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब ससुराल वालों की तरफ से लड़की का पति, उसकी ननद और अन्य सात लोग घर में आए। जहां पर उन्होंने गाली गलौच और मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते घर में मौजूद तीनों महिलाओं को लाठी और डंडों से पीटना शुरू किया। मारपीट कर ससुराल पक्ष के लोग निगदू थाने जा पहुंचे। इसी बीच परिजनों के बचाव में गांव के युवक रवि और विपिन आए। ससुराल पक्ष के लोगों ने रवि और विपिन को भी घायल कर दिया। जहां दोनों का मेडिकल करवाया गया। उसके पीछे ही लड़की के परिजन भी थाने में पहुंचे। जहां पर थाना प्रबंधक ने लड़की के परिजनों को शाम साढ़े पांच बजे थाने में आने को कहा। साढ़े पांच बजे के करीब जब परिजन थाना निगदू पहुंचे तो वहां ससुराल पक्ष वालों को छोड़ दिया गया। थाना प्रभारी जयभगवान ने कहा कि ससुराल पक्ष वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है उनके परिवार में कोई मृत्यु हो गई है जिस कारण उन्हें छोड़ दिया गया है। जिस पर परिजन भड़क गए। उन्होंने थाना प्रबंधक के खिलाफ बिना कार्रवाई कर उन्हें छोड़ने पर थाने के बाहर गेट पर रोष व्यक्त किया। परिजनों के आक्रोश को देखकर पुलिस कर्मियों ने लाठी चार्ज कर दिया। बचाव में लोगों ने पथराव किया। वहीं परिजनों के साथ आए आस्था अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप को भी पुलिस ने पीटा। पुलिस कर्मियों ने लड़की के चाचा सुखदेव को पकड़ कर थाने के अंदर बुरी तरह पीटा।
.....................
परिजनों के साथ ग्रामीणों ने लगाया जाम
पुलिस द्वारा परिजनों पर लाठी चार्ज करने पर ग्रामीणों ने नीलोखेड़ी-कारसा डोड (एनकेडी) स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाकर कहा कि दलालों के कारण विधवा मां, विधवा भाभी और बेटी को पीटने पर पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि दलालों के कारण आज उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। परिजनों का रोष देख डीएसपी रणधीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि थाना प्रबंधक द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और परिजनों पर लाठी चार्ज बिना वजह किया गया है। थाना प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीएसपी ने निगदू थाना प्रभारी जयभगवान को लाइन हाजिर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये है मामला
पीड़ित महिला कैलाश देवी ने बताया कि करीब तीन चार साल पहले उन्होंने अपनी लड़की की शादी टोहाना जिला जींद में की थी। उन्होंने बताया कि तीन साल से लड़की के ससुराल वाले उसे बहुत परेशान कर रहे थे। 17 अगस्त को ससुराल वालों ने उनकी बेटी को पीटा। ससुराल वालों से तंग आकर लड़की अपने डेढ़ वर्षीय बेटे को लेकर मायके आ गई। इस बारे में कई बार पंचायत हुई लेकिन ससुराल वाले नहीं माने। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब ससुराल वालों की तरफ से लड़की का पति, उसकी ननद और अन्य सात लोग घर में आए। जहां पर उन्होंने गाली गलौच और मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते घर में मौजूद तीनों महिलाओं को लाठी और डंडों से पीटना शुरू किया। मारपीट कर ससुराल पक्ष के लोग निगदू थाने जा पहुंचे। इसी बीच परिजनों के बचाव में गांव के युवक रवि और विपिन आए। ससुराल पक्ष के लोगों ने रवि और विपिन को भी घायल कर दिया। जहां दोनों का मेडिकल करवाया गया। उसके पीछे ही लड़की के परिजन भी थाने में पहुंचे। जहां पर थाना प्रबंधक ने लड़की के परिजनों को शाम साढ़े पांच बजे थाने में आने को कहा। साढ़े पांच बजे के करीब जब परिजन थाना निगदू पहुंचे तो वहां ससुराल पक्ष वालों को छोड़ दिया गया। थाना प्रभारी जयभगवान ने कहा कि ससुराल पक्ष वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है उनके परिवार में कोई मृत्यु हो गई है जिस कारण उन्हें छोड़ दिया गया है। जिस पर परिजन भड़क गए। उन्होंने थाना प्रबंधक के खिलाफ बिना कार्रवाई कर उन्हें छोड़ने पर थाने के बाहर गेट पर रोष व्यक्त किया। परिजनों के आक्रोश को देखकर पुलिस कर्मियों ने लाठी चार्ज कर दिया। बचाव में लोगों ने पथराव किया। वहीं परिजनों के साथ आए आस्था अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप को भी पुलिस ने पीटा। पुलिस कर्मियों ने लड़की के चाचा सुखदेव को पकड़ कर थाने के अंदर बुरी तरह पीटा।
विज्ञापन
.....................
परिजनों के साथ ग्रामीणों ने लगाया जाम
पुलिस द्वारा परिजनों पर लाठी चार्ज करने पर ग्रामीणों ने नीलोखेड़ी-कारसा डोड (एनकेडी) स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों ने आरोप लगाकर कहा कि दलालों के कारण विधवा मां, विधवा भाभी और बेटी को पीटने पर पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि दलालों के कारण आज उन्हें इंसाफ नहीं मिला है। परिजनों का रोष देख डीएसपी रणधीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि थाना प्रबंधक द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और परिजनों पर लाठी चार्ज बिना वजह किया गया है। थाना प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर डीएसपी ने निगदू थाना प्रभारी जयभगवान को लाइन हाजिर कर दिया।
विज्ञापन