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Karnal News: फर्जी आधार कार्ड और जमीन की फर्द का प्रयोग कर करवाई आरोपी की जमानत, प्राथमिकी दर्ज
Mon, 09 Mar 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:49 AM IST
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करनाल। निगदू थाना में 7 जनवरी 2023 को दर्ज पिटाई करके मोबाइल छीनने के मामले में आरोपी को फर्जी आधार कार्ड तैयार करके और जमीन की फर्द लगाकर जमानत दिलवाने का मामला सामने आया है। आरोपी जब तारीख पर पेश नहीं हुआ तो अदालत ने जमानतदार को नोटिस भेजा। तब जाकर मामले में फर्जी जमानतदार की ओर से जमानत दिलवाने का खुलासा हुआ। बाद में सोहाना गांव निवासी कविंदर ने कोर्ट में पहुंचकर कहा कि उसने कभी किसी की जमानत नहीं ली और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार करके जमानत करवाने संबंधी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मामले के अनुसार, 7 जनवरी 2023 को निगदू गांव निवासी अंकुश को आरोपी गांधी ने फोन करके घर से बुलाया था। वहां पर माैजूद पांच लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। आरोपी उससे सात हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीनकर भाग गए थे। निगदू थाना पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट और छीना झपटी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में आरोपी संदीप निवासी पतनपुरी की जमानत 19 मई 2023 को कोर्ट में दाखिल की गई थी। उस समय एक लाख रुपये की जमानत और जमानतदार बॉन्ड कविंदर सिंह निवासी गांव सोहाना जिला करनाल के नाम पर दाखिल किए गए थे।
जमानत के समय कविंदर के पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड और उसकी जमीन की जमाबंदी वर्ष 2018-19 के दस्तावेज भी कोर्ट में जमा करवाए गए थे। उस दिन जमानतदार की पहचान धर्मपाल नंबरदार ने की थी। मामले में सुनवाई की तारीख 22 सितंबर 2025 लगी। लेकिन आरोपी संदीप पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी और गैर जमानती वारंट जारी किए। साथ ही जमानतदार और पहचान कराने वाले व्यक्ति को भी नोटिस जारी कर 16 अक्टूबर 2025 को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए। 16 अक्टूबर 2025 को कोर्ट में कविंदर नाम का व्यक्ति पेश हुआ। उसने बताया कि उसने कभी भी आरोपी संदीप की जमानत नहीं दी और वह आरोपी को जानता भी नहीं है। कविंदर ने कोर्ट में अपना असली आधार कार्ड भी पेश किया, जबकि कोर्ट रिकॉर्ड में जो आधार कार्ड जमा था उसका नंबर अलग था। जबकि नाम और पता एक ही था। कविंदर ने कोर्ट को बताया कि उसकी जमीन की जमाबंदी के कागज भी किसी अन्य व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हैं और आरोपी ने खुद को कविंदर बताकर आरोपी की जमानत ली है।
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दस्तावेजों की होगी जांच
मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉक्टर सविता कुमारी की कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को अदालत में कार्यरत अनुवादक सोमनाथ ने थाना सिविल लाइनके प्रभारी को लिखित शिकायत दी और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस शिकायत और कोर्ट आदेश के आधार पर सिविल लाइन थाना में सात मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कविंदर निवासी सोहाना के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 19 मई 2023 को आरोपी संदीप की जमानत दिलाई थी। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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मामले के अनुसार, 7 जनवरी 2023 को निगदू गांव निवासी अंकुश को आरोपी गांधी ने फोन करके घर से बुलाया था। वहां पर माैजूद पांच लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। आरोपी उससे सात हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीनकर भाग गए थे। निगदू थाना पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट और छीना झपटी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में आरोपी संदीप निवासी पतनपुरी की जमानत 19 मई 2023 को कोर्ट में दाखिल की गई थी। उस समय एक लाख रुपये की जमानत और जमानतदार बॉन्ड कविंदर सिंह निवासी गांव सोहाना जिला करनाल के नाम पर दाखिल किए गए थे।
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जमानत के समय कविंदर के पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड और उसकी जमीन की जमाबंदी वर्ष 2018-19 के दस्तावेज भी कोर्ट में जमा करवाए गए थे। उस दिन जमानतदार की पहचान धर्मपाल नंबरदार ने की थी। मामले में सुनवाई की तारीख 22 सितंबर 2025 लगी। लेकिन आरोपी संदीप पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी और गैर जमानती वारंट जारी किए। साथ ही जमानतदार और पहचान कराने वाले व्यक्ति को भी नोटिस जारी कर 16 अक्टूबर 2025 को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए। 16 अक्टूबर 2025 को कोर्ट में कविंदर नाम का व्यक्ति पेश हुआ। उसने बताया कि उसने कभी भी आरोपी संदीप की जमानत नहीं दी और वह आरोपी को जानता भी नहीं है। कविंदर ने कोर्ट में अपना असली आधार कार्ड भी पेश किया, जबकि कोर्ट रिकॉर्ड में जो आधार कार्ड जमा था उसका नंबर अलग था। जबकि नाम और पता एक ही था। कविंदर ने कोर्ट को बताया कि उसकी जमीन की जमाबंदी के कागज भी किसी अन्य व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हैं और आरोपी ने खुद को कविंदर बताकर आरोपी की जमानत ली है।
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दस्तावेजों की होगी जांच
मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉक्टर सविता कुमारी की कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को अदालत में कार्यरत अनुवादक सोमनाथ ने थाना सिविल लाइनके प्रभारी को लिखित शिकायत दी और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस शिकायत और कोर्ट आदेश के आधार पर सिविल लाइन थाना में सात मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया। थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने कविंदर निवासी सोहाना के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 19 मई 2023 को आरोपी संदीप की जमानत दिलाई थी। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है।