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Karnal News: खेल मैदान में चल रही थी निजी अकादमी, नोटिस जारी
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- परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक पर बिना अनुमति सरकारी खेल मैदान का इस्तेमाल करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मूनक के सरकारी खेल मैदान में चलाई जा रही निजी अकादमी पर खेल विभाग ने जुर्माना लगाया है। परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक पर विभाग से बिना अनुमति लिए अकादमी चलाने का आरोप लगाया गया है।
इस अकादमी की ओर से खिलाड़ियों से अभ्यास करने के नाम पर फीस वसूली जा रही है जबकि नियमानुसार सरकारी खेल स्टेडियम में ऐसा नहीं हो सकता। यहां पर संचालक ने मूनक के पूरे स्टेडियम को ही अपने अकादमी के खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वर्ष 2022 में खेल विभाग की पॉलिसी अनुसार अगर कोई खेल अकादमी या फिर कोई प्राइवेट व्यक्ति खेल मैदान का इस्तेमाल करता है तो उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से खेल विभाग को रुपये जमा करवाने पड़ते हैं।
यानी ग्रामीण मिनी स्टेडियम का इस्तेमाल करने पर 20 हजार रुपये प्रतिदिन खेल विभाग के खाते में जमा करवाने पड़ते हैं लेकिन प्रशिक्षक की ओर से ऐसा नहीं किया गया। एक तरफ जहां निजी नर्सरी संचालक ने खेल विभाग की पॉलिसी को नजर अंदाज किया वहीं खेल विभाग भी अनजान रहा। करीब तीन साल बाद खेल विभाग के संज्ञान में यह मामला आया और उन्होंने परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक को नोटिस जारी किया।
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परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक ने मूनक खेल स्टेडियम को खेल अकादमी की आड़ में खिलाड़ियों से रुपये लिए। स्टेडियम के हॉल में खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए आर्मी, हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एसएसबी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, कबड्डी, खो-खो व एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी करने के लिए बड़े-बड़े बैनर लगाए हैं।
निजी अकादमी की ओर से सरकारी खेल मैदान का खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए इस्तेमाल किया जाना गैर कानूनी है। यदि किसी सेवानिवृत्त फौजी या पुलिस अधिकारी की ओर से खिलाड़ियों को नि:शुल्क अभ्यास कराया जा रहा है तो उसके लिए मनाही नहीं है। सरकारी मैदान में अभ्यास के एवज में खिलाड़ियों से रुपये वसूलना नियमों के विरुद्ध है। मूनक की परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है, संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- सुधा भसीन, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मूनक के सरकारी खेल मैदान में चलाई जा रही निजी अकादमी पर खेल विभाग ने जुर्माना लगाया है। परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक पर विभाग से बिना अनुमति लिए अकादमी चलाने का आरोप लगाया गया है।
इस अकादमी की ओर से खिलाड़ियों से अभ्यास करने के नाम पर फीस वसूली जा रही है जबकि नियमानुसार सरकारी खेल स्टेडियम में ऐसा नहीं हो सकता। यहां पर संचालक ने मूनक के पूरे स्टेडियम को ही अपने अकादमी के खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वर्ष 2022 में खेल विभाग की पॉलिसी अनुसार अगर कोई खेल अकादमी या फिर कोई प्राइवेट व्यक्ति खेल मैदान का इस्तेमाल करता है तो उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से खेल विभाग को रुपये जमा करवाने पड़ते हैं।
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यानी ग्रामीण मिनी स्टेडियम का इस्तेमाल करने पर 20 हजार रुपये प्रतिदिन खेल विभाग के खाते में जमा करवाने पड़ते हैं लेकिन प्रशिक्षक की ओर से ऐसा नहीं किया गया। एक तरफ जहां निजी नर्सरी संचालक ने खेल विभाग की पॉलिसी को नजर अंदाज किया वहीं खेल विभाग भी अनजान रहा। करीब तीन साल बाद खेल विभाग के संज्ञान में यह मामला आया और उन्होंने परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक को नोटिस जारी किया।
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परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी के संचालक ने मूनक खेल स्टेडियम को खेल अकादमी की आड़ में खिलाड़ियों से रुपये लिए। स्टेडियम के हॉल में खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए आर्मी, हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस, एसएसबी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, कबड्डी, खो-खो व एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी करने के लिए बड़े-बड़े बैनर लगाए हैं।
निजी अकादमी की ओर से सरकारी खेल मैदान का खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए इस्तेमाल किया जाना गैर कानूनी है। यदि किसी सेवानिवृत्त फौजी या पुलिस अधिकारी की ओर से खिलाड़ियों को नि:शुल्क अभ्यास कराया जा रहा है तो उसके लिए मनाही नहीं है। सरकारी मैदान में अभ्यास के एवज में खिलाड़ियों से रुपये वसूलना नियमों के विरुद्ध है। मूनक की परमवीर स्पोर्ट्स अकादमी को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है, संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- सुधा भसीन, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, करनाल