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नायब तहसीलदार ने गांव पोलड़ किया अवलोकन
Karnal
Updated Fri, 14 Jun 2013 05:30 AM IST
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सीवन। नायब तहसीलदार सीवन सुभाष धवन ने बुधवार को गांव पोलड़ का दौरा कर किसानों को इस भूमि पर फिर से फसल न लगाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने उच्च न्यायालय के आदेश पर कृषि भूमि का कब्जा ले लिया था। कब्जे के समय उक्त भूमि पर फसल की बिजाई की हुई थी और फसल पककर तैयार थी। इसलिए किसानों को उनकी मांग पर उन्हें फसल काटने तक का समय दिया गया था। अब फसल की कटाई होने के बाद भूमि खाली हो चुकी है। इसलिए किसानों एवं अन्य लोगों को खाली पड़ी भूमि पर फसल की बिजाई न करने या किसी प्रकार का निर्माण न करने की हिदायत दी गई है।
यह जमीन पुरातत्व विभाग की
धवन ने बताया कि यह भूमि पुरातत्व विभाग की है। इसका कब्जा विभाग को दिलाया जा चुका है। जिला प्रशासन के आदेश पर उन्होंने गांव पोलड़ में भूमि का अवलोकन किया है। इस दौरान उन्हें पता चला है कि कुछ किसानों ने आगामी फसल की तैयारी में भूमि जोत रखी थी। उन्होंने किसानों को सख्ती से निर्देश देते हुए कहा कि वह प्रशासन के आदेशों का पालन करें और इस भूमि में आगामी फसल की तैयारी न करें अन्यथा प्रशासन द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
चेतावनी बोर्ड भी लगाए
धवन ने बताया कि इस भूमि पर दोबारा से कोई कब्जा न करे इसके लिए जिला प्रशासन ने गांव पोलड़ में मुख्य स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। अन्यथा उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इसी वर्ष 13 मार्च को पुरातत्व विभाग ने गांव पोलड़ में स्थित विभाग की उस 40 कैनाल 5 मरले भूमि का कब्जा लिया था जो कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल की जा रही थी, क्योंकि उस स्थान पर किसी प्रकार का निर्माण या आबादी नहीं थी।
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यह जमीन पुरातत्व विभाग की
धवन ने बताया कि यह भूमि पुरातत्व विभाग की है। इसका कब्जा विभाग को दिलाया जा चुका है। जिला प्रशासन के आदेश पर उन्होंने गांव पोलड़ में भूमि का अवलोकन किया है। इस दौरान उन्हें पता चला है कि कुछ किसानों ने आगामी फसल की तैयारी में भूमि जोत रखी थी। उन्होंने किसानों को सख्ती से निर्देश देते हुए कहा कि वह प्रशासन के आदेशों का पालन करें और इस भूमि में आगामी फसल की तैयारी न करें अन्यथा प्रशासन द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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चेतावनी बोर्ड भी लगाए
धवन ने बताया कि इस भूमि पर दोबारा से कोई कब्जा न करे इसके लिए जिला प्रशासन ने गांव पोलड़ में मुख्य स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। अन्यथा उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इसी वर्ष 13 मार्च को पुरातत्व विभाग ने गांव पोलड़ में स्थित विभाग की उस 40 कैनाल 5 मरले भूमि का कब्जा लिया था जो कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल की जा रही थी, क्योंकि उस स्थान पर किसी प्रकार का निर्माण या आबादी नहीं थी।
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