{"_id":"81-47395","slug":"Karnal-47395-81","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजा काट रहे कैदियों के परिवारों को मिलेगी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजा काट रहे कैदियों के परिवारों को मिलेगी सहायता
Karnal
Updated Tue, 11 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। लंबी सजा काट रहे कैदियों की बेसहारा पत्नी एवं परिवारों के लिए अब जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण भत्ता दिलवाने के लिए आगे आया है। विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने योजना का पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने का अब बीड़ा उठाया है।
समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत बेसहारा औरतों के लिए भत्ते का प्रावधान है। इसमें लंबी सजा वाले कैदियों की पत्नी भी बेसहारा की श्रेणी में आती है। योजना के तहत पत्नी को 500 रुपये प्रति माह एवं परिवार में दो बच्चों को 200 रुपये प्रत्येक को यह राशि मिलती है, लेकिन योजना की जानकारी न होने के कारण अब तक इसका लाभ नहीं उठाया जा रहा था। प्राधिकरण के समन्वयक अरविंद खुरानिया ने बताया कि जहां कानून का कार्य सजा देने का है, वहीं विधिक सेवाएं प्राधिकरण कैदियों एवं उनके परिवारों को उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य कर रहा है। योजना के तहत फत्ता राम निवासी कांगथली, रमेश कुमार निवासी जाजनपुर व सतपाल निवासी जाजनपुर जो कि जिला कारागार कैथल में विभिन्न आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं कि पत्नियों के आवेदन आए हैं। तीनों कैदी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
इससे पूर्व इस वित्तीय सहायता मिलने के बारे में किसी ने भी कोई पहल नहीं की थी और न ही आज तक इस प्रकार की सहायता राशि किसी दोषी के परिजनों को मिली है। इस बारे में सारी जानकारी प्राधिकरण की ओर से पिछले दिनों जेल में बंद कैदियों को दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग की योजना के तहत बेसहारा औरतों के लिए भत्ते का प्रावधान है। इसमें लंबी सजा वाले कैदियों की पत्नी भी बेसहारा की श्रेणी में आती है। योजना के तहत पत्नी को 500 रुपये प्रति माह एवं परिवार में दो बच्चों को 200 रुपये प्रत्येक को यह राशि मिलती है, लेकिन योजना की जानकारी न होने के कारण अब तक इसका लाभ नहीं उठाया जा रहा था। प्राधिकरण के समन्वयक अरविंद खुरानिया ने बताया कि जहां कानून का कार्य सजा देने का है, वहीं विधिक सेवाएं प्राधिकरण कैदियों एवं उनके परिवारों को उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य कर रहा है। योजना के तहत फत्ता राम निवासी कांगथली, रमेश कुमार निवासी जाजनपुर व सतपाल निवासी जाजनपुर जो कि जिला कारागार कैथल में विभिन्न आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं कि पत्नियों के आवेदन आए हैं। तीनों कैदी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
विज्ञापन
इससे पूर्व इस वित्तीय सहायता मिलने के बारे में किसी ने भी कोई पहल नहीं की थी और न ही आज तक इस प्रकार की सहायता राशि किसी दोषी के परिजनों को मिली है। इस बारे में सारी जानकारी प्राधिकरण की ओर से पिछले दिनों जेल में बंद कैदियों को दी गई थी।
विज्ञापन