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सीएम के पास पहुंचा एफसीआई में भ्रष्टाचार का मामला
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:25 AM IST
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सीएम के पास पहुंचा एफसीआई में भ्रष्टाचार का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
नेवल स्थित एफसीआई के असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) द्वारा राइस मिलर्स से चावल को पास कराने के नाम पर प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने का मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक पहुंच गया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नीरज मित्तल और कुंजपुरा मार्केट कमेटी के चेयरमैन ईलम सिंह के नेतृत्व में व्यापारी सीएम से मिले और पूरे मामले की जानकारी दी। सीएम ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं, इस मामले में डीसी डॉ. आदित्य दहिया का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी व अधिकारी पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि दो दिन पहले ही नेवल के राइस मिलर्स ने एफसीआई के डीएम रवि यादव को लिखित में शिकायत दी थी और नेवल में तैनात एक असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) पर आरोप लगाया था कि गाड़ी के चावल पास करने के लिए प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये की मांग कर रहा है। जो मिलर्स उसे पैसे नहीं दे रहा है, उसकी गाड़ी को रिजेक्ट करके जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
इससे पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें
एफसीआई में भ्रष्टाचार के आरोपों की ये शिकायत पहली नहीं है। इससे पहले भी एफसीआई के अधिकारियों की शिकायतें आती रही हैं। पिछले साल तत्कालीन डीसी मनदीप सिंह बराड़ के सामने भी तरावड़ी राइस मिलर्स ने दो अधिकारियों की शिकायत की थी और प्रति गाड़ी तीन हजार रुपये मांगने के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच डीसी ने डीएफएससी को सौंपी थी, लेकिन जांच को बाद में दबा दिया गया। गौरतलब है कि राइस मिलर्स प्रदेश सरकार से धान की खरीद करते हैं और उसे मिलिंग के बाद सरकार को वापस चावल देना होता है। मिलर्स के पास 31 मार्च का समय है, इसके बाद कोई चावल देता है तो उस पर चार्ज लगते हैं। वापस चावल एफसीआई को दिया जाता है, एफसीआई चावल लेने से पहले नार्म्स के अनुसार उसकी चेकिंग करती है।
अगर कोई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो ये गलत है, ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मेरे पास लिखित में शिकायत नहीं आई है, अगर शिकायत आती है तो तुरंत इस मामले में एक्शन लिया जाएगा। प्रदेश सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है, इसलिए भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
नेवल स्थित एफसीआई के असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) द्वारा राइस मिलर्स से चावल को पास कराने के नाम पर प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये मांगने का मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक पहुंच गया। राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान नीरज मित्तल और कुंजपुरा मार्केट कमेटी के चेयरमैन ईलम सिंह के नेतृत्व में व्यापारी सीएम से मिले और पूरे मामले की जानकारी दी। सीएम ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं, इस मामले में डीसी डॉ. आदित्य दहिया का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी व अधिकारी पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि दो दिन पहले ही नेवल के राइस मिलर्स ने एफसीआई के डीएम रवि यादव को लिखित में शिकायत दी थी और नेवल में तैनात एक असिस्टेंट मैनेजर (टेक्निकल) पर आरोप लगाया था कि गाड़ी के चावल पास करने के लिए प्रति गाड़ी पांच हजार रुपये की मांग कर रहा है। जो मिलर्स उसे पैसे नहीं दे रहा है, उसकी गाड़ी को रिजेक्ट करके जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
इससे पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें
एफसीआई में भ्रष्टाचार के आरोपों की ये शिकायत पहली नहीं है। इससे पहले भी एफसीआई के अधिकारियों की शिकायतें आती रही हैं। पिछले साल तत्कालीन डीसी मनदीप सिंह बराड़ के सामने भी तरावड़ी राइस मिलर्स ने दो अधिकारियों की शिकायत की थी और प्रति गाड़ी तीन हजार रुपये मांगने के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच डीसी ने डीएफएससी को सौंपी थी, लेकिन जांच को बाद में दबा दिया गया। गौरतलब है कि राइस मिलर्स प्रदेश सरकार से धान की खरीद करते हैं और उसे मिलिंग के बाद सरकार को वापस चावल देना होता है। मिलर्स के पास 31 मार्च का समय है, इसके बाद कोई चावल देता है तो उस पर चार्ज लगते हैं। वापस चावल एफसीआई को दिया जाता है, एफसीआई चावल लेने से पहले नार्म्स के अनुसार उसकी चेकिंग करती है।
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अगर कोई सरकारी अधिकारी व कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो ये गलत है, ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मेरे पास लिखित में शिकायत नहीं आई है, अगर शिकायत आती है तो तुरंत इस मामले में एक्शन लिया जाएगा। प्रदेश सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है, इसलिए भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल।
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