{"_id":"69863d6e2a6fb832e7098b18","slug":"90-vehicles-registered-in-the-name-of-a-deceased-woman-the-truth-came-out-when-her-elderly-husbands-pension-was-cut-karnal-news-c-18-knl1018-840400-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: मृत महिला के नाम पर 90 वाहन पंजीकृत, बुजुर्ग पति की पेंशन कटी तो हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: मृत महिला के नाम पर 90 वाहन पंजीकृत, बुजुर्ग पति की पेंशन कटी तो हुआ खुलासा
विज्ञापन
परिवार पहचान पत्र दिखाता मृतक सविता का पति रविंद्र
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सेक्टर-34 क्षेत्र के रहने वाले 70 वर्षीय रविंद्र की नवंबर, 2025 में बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई। उन्होंने कार्यालयों में जाकर जांच कराई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला की उनकी मृतक पत्नी के नाम पर 90 वाहन पंजीकृत हैं। 16 जिलों में दोपहिया से लेकर ट्रक तक पंजीकृत मिलने पर उनके पति की पेंशन कटी है। पत्नी की वर्ष 2019 में मौत गई थी।
बुजुर्ग का कहना है कि उनके पास केवल दो पुराने दोपहिया वाहन ही हैं, यह भी उनकी पत्नी सविता के नाम पर नहीं हैं। अब वह अपने परिवार पहचानपत्र को दुरुस्त कराने और पेंशन फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एडीसी कार्यालय में भी शिकायत दी।
रविंद्र का कहना है कि पत्नी के नाम कभी एक भी वाहन नहीं खरीदा। सरकारी महकमे की गलती से उनकी पेंशन बंद हो गई है। जब वह समाज कल्याण विभाग पहुंचे तो उनकी पत्नी को करोड़पति भी बताया गया। पता नहीं यह कैसे हुआ है। उनकी मौत के दो साल बाद वर्ष 2021 में खरीदी गईं गाड़ियां भी दिवंगत पत्नी के नाम पर हैं।
विज्ञापन
डेढ़ साल पहले भी बंद हो गई थी पेंशन
बुजुर्ग ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी उनकी पेंशन सात महीने के लिए बंद रही थी। बाद में फिर से शुरू हो गई। अब नवंबर, 2025 से दोबारा पेंशन बंद कर दी गई। उनका कहना है कि दो महीने से संबंधित विभागों को लिखित शिकायतें दे रहे हैं। सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन जवाब नहीं आया।
मामला उनके संज्ञान में आया है, परिवार पहचानपत्र में यदि कुछ गलत दर्ज हुआ है तो उसे दुरुस्त करा लिया जाएगा। - योगेश मेहता, एडीसी
विज्ञापन
करनाल। सेक्टर-34 क्षेत्र के रहने वाले 70 वर्षीय रविंद्र की नवंबर, 2025 में बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई। उन्होंने कार्यालयों में जाकर जांच कराई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला की उनकी मृतक पत्नी के नाम पर 90 वाहन पंजीकृत हैं। 16 जिलों में दोपहिया से लेकर ट्रक तक पंजीकृत मिलने पर उनके पति की पेंशन कटी है। पत्नी की वर्ष 2019 में मौत गई थी।
बुजुर्ग का कहना है कि उनके पास केवल दो पुराने दोपहिया वाहन ही हैं, यह भी उनकी पत्नी सविता के नाम पर नहीं हैं। अब वह अपने परिवार पहचानपत्र को दुरुस्त कराने और पेंशन फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने एडीसी कार्यालय में भी शिकायत दी।
विज्ञापन
रविंद्र का कहना है कि पत्नी के नाम कभी एक भी वाहन नहीं खरीदा। सरकारी महकमे की गलती से उनकी पेंशन बंद हो गई है। जब वह समाज कल्याण विभाग पहुंचे तो उनकी पत्नी को करोड़पति भी बताया गया। पता नहीं यह कैसे हुआ है। उनकी मौत के दो साल बाद वर्ष 2021 में खरीदी गईं गाड़ियां भी दिवंगत पत्नी के नाम पर हैं।
विज्ञापन
डेढ़ साल पहले भी बंद हो गई थी पेंशन
बुजुर्ग ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी उनकी पेंशन सात महीने के लिए बंद रही थी। बाद में फिर से शुरू हो गई। अब नवंबर, 2025 से दोबारा पेंशन बंद कर दी गई। उनका कहना है कि दो महीने से संबंधित विभागों को लिखित शिकायतें दे रहे हैं। सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन जवाब नहीं आया।
मामला उनके संज्ञान में आया है, परिवार पहचानपत्र में यदि कुछ गलत दर्ज हुआ है तो उसे दुरुस्त करा लिया जाएगा। - योगेश मेहता, एडीसी