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मोबाइल पर बात करने को लेकर विवाद, लाठी डंडों से हमला, एक को छत से फेंका, मौत
Updated Wed, 06 Sep 2017 09:51 PM IST
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मोबाइल पर बात करने को लेकर विवाद, लाठी डंडों से हमला, एक को छत से फेंका, मौत
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव फुसगढ़ में गली में मोबाइल पर बात करने को लेकर मामला इतना बढ़ गया कि लाठी और डंडे चल गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने युवक के पिता को छत से नीचे फेंक दिया, इससे उसकी मौत हो गई, जबकि पांच अन्य सदस्य घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बवाल काटा और शव लेने से इंकार कर दिया। बाद में डीएसपी ने परिजनों को समझाया और उनके आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव फुसगढ़ निवासी मुकेश ने शिकायत में बताया कि मंगलवार की रात को उसके भाई का फोन आया हुआ था और वह घर से बाहर गली में खड़ा होकर फोन कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस से कुछ युवक आए और गली में फोन करने को लेकर झगड़ा करने लगे। जैसे ही वह इस बारे में अपने पिता जीता राम को घर पर बताने के लिए गया तो अचानक युवक लाठी और डंडों के साथ घर में घुस गए और हमला बोल दिया। हमले में उसकी मां बिमला, बहन पूनम, भाई राहुल घायल हो गए, जबकि उसके पिता को छत से नीचे फेंक दिया। इससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान उसके पिता ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। मृतक के दामाद रामफल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों पर आरोप लगाए हैं कि उसके ससुर जीता राम का इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा समय पर इलाज नहीं किया गया। यदि डाक्टर उसका समय पर इलाज करते तो उनकी जान बच सकती थी। बुधवार को सुबह परिजन पोस्टमार्टम के बाहर एकत्र हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार, डीएसपी विवेक चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनकी तलाश जारी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव फुसगढ़ में गली में मोबाइल पर बात करने को लेकर मामला इतना बढ़ गया कि लाठी और डंडे चल गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने युवक के पिता को छत से नीचे फेंक दिया, इससे उसकी मौत हो गई, जबकि पांच अन्य सदस्य घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बवाल काटा और शव लेने से इंकार कर दिया। बाद में डीएसपी ने परिजनों को समझाया और उनके आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव फुसगढ़ निवासी मुकेश ने शिकायत में बताया कि मंगलवार की रात को उसके भाई का फोन आया हुआ था और वह घर से बाहर गली में खड़ा होकर फोन कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस से कुछ युवक आए और गली में फोन करने को लेकर झगड़ा करने लगे। जैसे ही वह इस बारे में अपने पिता जीता राम को घर पर बताने के लिए गया तो अचानक युवक लाठी और डंडों के साथ घर में घुस गए और हमला बोल दिया। हमले में उसकी मां बिमला, बहन पूनम, भाई राहुल घायल हो गए, जबकि उसके पिता को छत से नीचे फेंक दिया। इससे सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान उसके पिता ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। मृतक के दामाद रामफल ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों पर आरोप लगाए हैं कि उसके ससुर जीता राम का इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा समय पर इलाज नहीं किया गया। यदि डाक्टर उसका समय पर इलाज करते तो उनकी जान बच सकती थी। बुधवार को सुबह परिजन पोस्टमार्टम के बाहर एकत्र हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार, डीएसपी विवेक चौधरी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनकी तलाश जारी है।
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