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एनएमसी बिल के विरोध में डाक्टरों ने की हड़ताल, काम-काज रखा ठप्प
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:38 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एनएमसी बिल पेश करने के विरोध में आज पूरे भारत में प्राइवेट डॉक्टरों ने हड़ताल रखी। इस हड़ताल का असर आज पूरे करनाल जिले में दिखाई दिया, जिसके चलते डॉक्टरों ने ओपीडी नहीं की और काम-काज पूर्ण रुप से ठप्प रखा। हड़ताल में कल्पना चावला मेडिकल कालेज की एमबीबीएस छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और इस बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते प्राइवेट अस्पतालों में सन्नाटा दिखाई दिया, जिस कारण रोगियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। शनिवार सुबह नौ बजे डाक्टर इकट्ठे होकर डीसी निवास पर पहुंचे और डीसी डॉ. आदित्य दहिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डाक्टरों ने कहा है कि इस बिल के तहत डाक्टरों के विरुद्ध साजिश रची जा रही है और इस बिल में एमबीबीएस करने वाले बच्चों को पूरे साढ़े पांच वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर एकमुश्त पूरी पढ़ाई का इम्तिहान पास करना होगा अन्यथा उनको एमबीबीएस की डिग्री नहीं दी जाएगी। ऐसा किसी भी क्षेत्र में जैसे इंजीनियर, आयुर्वेद, आर्ट्स, कॉमर्स में नहीं होता। इसके तहत प्राईवेट मेडिकल कालेज की फीस बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएगी और ये सब मेडिकल प्रोफेशन का स्तर गिरा देगी। करनाल डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डा. राकेश जिन्दल ने बताया कि इस बिल के आने से डाक्टर अपना काम पूरी निष्ठा से नहीं कर पाएंगे। इस अवसर पर करनाल के सभी वरिष्ठ डा. वी.के. सिंगला, डा. वी.के. अग्रवाल, डा. आर.के. सैनी, डा. राकेश मित्तल, डा. पी.आर. अत्रेजा, डा. धु्रव गुप्ता, डा. ए.के. सूद, डा. गगन कौशल, डा. वी.के. मल्होत्रा, डा. मधु चौधरी, डा. आर.के. कालरा, डा. मेघा बंसल, डा. गीता, डा. अरुण गोयल, डा. के.बी. जैन, डा. गौरव भास्कर, डा. ललित, डा. सुशील भाटिया, डा. मुनीष गर्ग, डा. प्रदीप भाटिया, डा. तरुण गोयल, डा. सुनील मित्तल आदि उपस्थित रहे।
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करनाल। एनएमसी बिल पेश करने के विरोध में आज पूरे भारत में प्राइवेट डॉक्टरों ने हड़ताल रखी। इस हड़ताल का असर आज पूरे करनाल जिले में दिखाई दिया, जिसके चलते डॉक्टरों ने ओपीडी नहीं की और काम-काज पूर्ण रुप से ठप्प रखा। हड़ताल में कल्पना चावला मेडिकल कालेज की एमबीबीएस छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और इस बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते प्राइवेट अस्पतालों में सन्नाटा दिखाई दिया, जिस कारण रोगियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। शनिवार सुबह नौ बजे डाक्टर इकट्ठे होकर डीसी निवास पर पहुंचे और डीसी डॉ. आदित्य दहिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डाक्टरों ने कहा है कि इस बिल के तहत डाक्टरों के विरुद्ध साजिश रची जा रही है और इस बिल में एमबीबीएस करने वाले बच्चों को पूरे साढ़े पांच वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर एकमुश्त पूरी पढ़ाई का इम्तिहान पास करना होगा अन्यथा उनको एमबीबीएस की डिग्री नहीं दी जाएगी। ऐसा किसी भी क्षेत्र में जैसे इंजीनियर, आयुर्वेद, आर्ट्स, कॉमर्स में नहीं होता। इसके तहत प्राईवेट मेडिकल कालेज की फीस बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएगी और ये सब मेडिकल प्रोफेशन का स्तर गिरा देगी। करनाल डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डा. राकेश जिन्दल ने बताया कि इस बिल के आने से डाक्टर अपना काम पूरी निष्ठा से नहीं कर पाएंगे। इस अवसर पर करनाल के सभी वरिष्ठ डा. वी.के. सिंगला, डा. वी.के. अग्रवाल, डा. आर.के. सैनी, डा. राकेश मित्तल, डा. पी.आर. अत्रेजा, डा. धु्रव गुप्ता, डा. ए.के. सूद, डा. गगन कौशल, डा. वी.के. मल्होत्रा, डा. मधु चौधरी, डा. आर.के. कालरा, डा. मेघा बंसल, डा. गीता, डा. अरुण गोयल, डा. के.बी. जैन, डा. गौरव भास्कर, डा. ललित, डा. सुशील भाटिया, डा. मुनीष गर्ग, डा. प्रदीप भाटिया, डा. तरुण गोयल, डा. सुनील मित्तल आदि उपस्थित रहे।