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विकास शुल्क के खिलाफ सड़कों पर उतरे 66 कालोनियों के लोग
Updated Sat, 21 Jul 2018 01:01 AM IST
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विकास शुल्क के खिलाफ सड़कों पर उतरे 66 कॉलोनियों के लोग
-जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले कॉलोनी वासियों ने चेताया मांगें नहीं मानी तो सरकार के प्रतिनिधियों का करेंगे घेराव
-लघु सचिवालय के सामने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, सीएम के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनफोटो संख्या-6, 6ए
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कालोनियों को वैध करने के बाद उनसे प्रति गज एक हजार रुपये विकास शुल्क लगाने और शेष कालोनियों को वैध नहीं करने के विरोध में शुक्रवार को शहर की 66 कॉलोनियों को लोगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोगों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे सरकार के जन प्रतिनिधियों का घेराव करेंगे। बाद में कालोनी वासियों ने सीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले करनाल की 66 कालोनियों के प्रतिनिधियों ने फव्वारा पार्क में बैठक की। बैठक में सभी कालोनियों को नियमित करवाने व सरकार के विकास शुल्क के फरमान को वापस लेने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान लोगों ने मांग की कि सभी 66 कॉलोनियों को नियमित किया जाए। जिन कालोनियों को नियमित किया गया है उनसे विकास शुल्क लेने की शर्त को रद्द किया जाए। कॉलोनीवासी विकास शुल्क नहीं दे सकते। नगर निगम करनाल की तरफ से 66 कॉलोनियों के नाम भेजे गए थे, लेकिन केवल 23 कॉलोनियों को ही वैध किया गया है। सरकार के इस फैसले ने लोगों में फूट डालने का कार्य किया है। इस अवसर पर राजेंद्र आर्य, एसपी त्यागी, बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान महावीर सिंह मान, रवि भाटिया, किताब सिंह, सत्यवान रमन, सुभाष यादव, वरिष्ठ उपप्रधान गुलाब सिंह पोसवाल, बिजेंद्र सैनी, सुभाष दहिया, जय भगवान शर्मा, सुंदर राणा, महावीर, भूपेंद्र नौतना, विनोद सैणी व सुरेंद्रं रावत सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
केवल वैध करने से कुछ नहीं होगा, सुविधाएं दे सरकार
इस मौके पर जागरूक संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह लाठर ने कहा कि सरकार एक महीने के भीतर विकास शुल्क का फैसला वापस ले। सभी कालोनियों को नियमित किया जाए। जिन कालोनियों को नियमित कर दिया गया है, उनमें मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं। पानी की उचित व्यवस्था हो, गलियां पक्की जाएं तथा पानी निकासी के प्रबंधन हों। वैध की गई कालोनियों में रजिस्ट्री हो। प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम में एनओसी की शर्त हटाकर जाति/रिहायशी प्रमाण पत्र बनाये जाएं, ताकि नगर निगम से बनने वाले कागजो में किसी प्रकार की कठिनाई ना आए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जागरूक संघर्ष समिति करनाल शहर की सभी कालोनियों में जन संपर्क करके लोगों को जागरूक करके सरकार के जन प्रतिनिधियों का घेराव करने का काम करेगी।
जानबूझकर बढ़ाए 23 कॉलोनियों के कलेक्टर रेट आंदोलन का संचालन कर रहे बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र आर्य ने कहा कि सरकार ने सोची समझी साजिश के चलते वैध की गई 23 कॉलोनियों में कलेक्टर रेट बढ़ा दिए हैं, ताकि 23 कॉलोनियों के लोगों से ज्यादा विकास शुल्क लिया जा सके। जोकि सरकार बची 43 कॉलोनियों में भी कलेक्टर रेट बढ़ाने की साजिश रच रही है। आर्य ने कहा कि इस समय सभी कालोनियों के लोग एकजुट हो गए हैं और इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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-जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले कॉलोनी वासियों ने चेताया मांगें नहीं मानी तो सरकार के प्रतिनिधियों का करेंगे घेराव
-लघु सचिवालय के सामने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, सीएम के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनफोटो संख्या-6, 6ए
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कालोनियों को वैध करने के बाद उनसे प्रति गज एक हजार रुपये विकास शुल्क लगाने और शेष कालोनियों को वैध नहीं करने के विरोध में शुक्रवार को शहर की 66 कॉलोनियों को लोगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोगों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे सरकार के जन प्रतिनिधियों का घेराव करेंगे। बाद में कालोनी वासियों ने सीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, जागरूक संघर्ष समिति के बैनर तले करनाल की 66 कालोनियों के प्रतिनिधियों ने फव्वारा पार्क में बैठक की। बैठक में सभी कालोनियों को नियमित करवाने व सरकार के विकास शुल्क के फरमान को वापस लेने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान लोगों ने मांग की कि सभी 66 कॉलोनियों को नियमित किया जाए। जिन कालोनियों को नियमित किया गया है उनसे विकास शुल्क लेने की शर्त को रद्द किया जाए। कॉलोनीवासी विकास शुल्क नहीं दे सकते। नगर निगम करनाल की तरफ से 66 कॉलोनियों के नाम भेजे गए थे, लेकिन केवल 23 कॉलोनियों को ही वैध किया गया है। सरकार के इस फैसले ने लोगों में फूट डालने का कार्य किया है। इस अवसर पर राजेंद्र आर्य, एसपी त्यागी, बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान महावीर सिंह मान, रवि भाटिया, किताब सिंह, सत्यवान रमन, सुभाष यादव, वरिष्ठ उपप्रधान गुलाब सिंह पोसवाल, बिजेंद्र सैनी, सुभाष दहिया, जय भगवान शर्मा, सुंदर राणा, महावीर, भूपेंद्र नौतना, विनोद सैणी व सुरेंद्रं रावत सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
केवल वैध करने से कुछ नहीं होगा, सुविधाएं दे सरकार
इस मौके पर जागरूक संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह लाठर ने कहा कि सरकार एक महीने के भीतर विकास शुल्क का फैसला वापस ले। सभी कालोनियों को नियमित किया जाए। जिन कालोनियों को नियमित कर दिया गया है, उनमें मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं। पानी की उचित व्यवस्था हो, गलियां पक्की जाएं तथा पानी निकासी के प्रबंधन हों। वैध की गई कालोनियों में रजिस्ट्री हो। प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम में एनओसी की शर्त हटाकर जाति/रिहायशी प्रमाण पत्र बनाये जाएं, ताकि नगर निगम से बनने वाले कागजो में किसी प्रकार की कठिनाई ना आए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जागरूक संघर्ष समिति करनाल शहर की सभी कालोनियों में जन संपर्क करके लोगों को जागरूक करके सरकार के जन प्रतिनिधियों का घेराव करने का काम करेगी।
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जानबूझकर बढ़ाए 23 कॉलोनियों के कलेक्टर रेट आंदोलन का संचालन कर रहे बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र आर्य ने कहा कि सरकार ने सोची समझी साजिश के चलते वैध की गई 23 कॉलोनियों में कलेक्टर रेट बढ़ा दिए हैं, ताकि 23 कॉलोनियों के लोगों से ज्यादा विकास शुल्क लिया जा सके। जोकि सरकार बची 43 कॉलोनियों में भी कलेक्टर रेट बढ़ाने की साजिश रच रही है। आर्य ने कहा कि इस समय सभी कालोनियों के लोग एकजुट हो गए हैं और इस आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
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