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14 एमएम बारिश से बढ़ी अवैध कालोनियों में परेशानी, गुस्साए लोगों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शनिवार को शहर मेें हुई 14 एमएम बारिश से जहां शहरवासियों को उमस से राहत मिली, वहीं, अवैध कॉलोनीवासियों के लिए यह पानी मुसीबत बनके बरसा। शहर की दर्जनों अवैध कॉलोनियों की गलियों में पानी भर गया, निकासी नहीं होने के कारण लोगों को पानी के अंदर से ही आना जाना पड़ा। परेशानी से गुस्साए लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा भी जाहिर किया और चेताया कि आने वाले दिनों में वे विकास कार्य कराने को लेकर सड़कों पर उतरेंगे। आंदोलन को लेकर शनिवार को लोगों ने कई कालोनियों का दौरा किया और एकजुटता का संदेश देकर रणनीति बनाई।
अवैध कॉलोनी संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजेंद्र आर्य ने शहर की दर्जनभर अवैध कालोनियों व विकास शुल्क की शर्त पर वैध की गई कालोनियों कादौरा किया। राजेंद्र आर्य ने पृथ्वी विहार, विकास कालोनी, कृष्णा कालोनी, हकीकत नगर, गोपी वाली गामड़ी, राजीवपुरम, विकास नगर, कर्ण विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों से भारी भरकम विकास शुल्क का विरोध करने का आह्वान किया। राजेंद्र आर्य ने कहा कि नारकीय जीवन व सरकार की नीतियों के चलते अवैध कॉलोनीवासी आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर हैं। सरकार ने फूट डालो और राज करो की नीति पर चलते हुए 66 अवैध कालोनियों में से केवल 23 को विकास शुल्क की शर्त पर वैध किया है। नफे सिंह, रविंद्र कुमार ने सभी कालोनी के लोगों को आंदोलन व धरना प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा। सभी अवैध कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। सरकार का फर्ज बनता है कि सभी कालोनियों में डिस्पेंसरी, प्राइमरी स्कूल, सरकारी अस्पताल व सड़कों की सुविधा दी जाए। ज्यादातर कॉलोनीवासियों ने एक सुर में कहा कि सरकार अगर विकास शुल्क नहीं हटाती है तो आने वाले नगर निगम, विधानसभा, लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों का विरोध किया जाएगा। राजेंद्र आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार इन कालोनियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बरसात से कालोनियों में पानी भर जाता है और महीनों तक यहां जमा रहता है। ज्यादातर गलियां कच्ची हैं, जिनमें पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। बरसात के मौसम में यह कालोनियां शहर से कट जाती हैं। इस अवसर पर बीर सिंह, एसपी त्यागी, गुलाब सिंह, सुभाष दहिया, कंवरभान, ईश्वर शेरा, चंद्रलाल व धर्मपाल सहित काफी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं।
पहले विकास शुल्क 120 रुपये प्रति गज था, अब कर दिया दस गुणा
कालोनी के लोगों का कहना है कि हरियाणा में पहली बार विकास शुल्क लगाया गया है। इससे पहले केवल नक्शा पास करवाने की फीस 120 रुपये प्रति गज लगती थी, जोकि हरियाणा के लोगों के साथ अन्याय है। सरकार ने साजिश के तहत पिछले एक साल में सभी कालोनियों के कलेक्टर रेट बढ़ा दिए हैं। अब ये दस गुणा ज्यादा है, क्योंकि इन अवैध कॉलोनियों में जरूरमंद व गरीब लोग रहते हैं, जो इतना टैक्स नहीं दे सकते। अगर इतने पैसे होते तो यहां की बजाए सेक्टरों में अपने मकान बनाते।
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करनाल। शनिवार को शहर मेें हुई 14 एमएम बारिश से जहां शहरवासियों को उमस से राहत मिली, वहीं, अवैध कॉलोनीवासियों के लिए यह पानी मुसीबत बनके बरसा। शहर की दर्जनों अवैध कॉलोनियों की गलियों में पानी भर गया, निकासी नहीं होने के कारण लोगों को पानी के अंदर से ही आना जाना पड़ा। परेशानी से गुस्साए लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा भी जाहिर किया और चेताया कि आने वाले दिनों में वे विकास कार्य कराने को लेकर सड़कों पर उतरेंगे। आंदोलन को लेकर शनिवार को लोगों ने कई कालोनियों का दौरा किया और एकजुटता का संदेश देकर रणनीति बनाई।
अवैध कॉलोनी संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजेंद्र आर्य ने शहर की दर्जनभर अवैध कालोनियों व विकास शुल्क की शर्त पर वैध की गई कालोनियों कादौरा किया। राजेंद्र आर्य ने पृथ्वी विहार, विकास कालोनी, कृष्णा कालोनी, हकीकत नगर, गोपी वाली गामड़ी, राजीवपुरम, विकास नगर, कर्ण विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों से भारी भरकम विकास शुल्क का विरोध करने का आह्वान किया। राजेंद्र आर्य ने कहा कि नारकीय जीवन व सरकार की नीतियों के चलते अवैध कॉलोनीवासी आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर हैं। सरकार ने फूट डालो और राज करो की नीति पर चलते हुए 66 अवैध कालोनियों में से केवल 23 को विकास शुल्क की शर्त पर वैध किया है। नफे सिंह, रविंद्र कुमार ने सभी कालोनी के लोगों को आंदोलन व धरना प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा। सभी अवैध कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। सरकार का फर्ज बनता है कि सभी कालोनियों में डिस्पेंसरी, प्राइमरी स्कूल, सरकारी अस्पताल व सड़कों की सुविधा दी जाए। ज्यादातर कॉलोनीवासियों ने एक सुर में कहा कि सरकार अगर विकास शुल्क नहीं हटाती है तो आने वाले नगर निगम, विधानसभा, लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों का विरोध किया जाएगा। राजेंद्र आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार इन कालोनियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बरसात से कालोनियों में पानी भर जाता है और महीनों तक यहां जमा रहता है। ज्यादातर गलियां कच्ची हैं, जिनमें पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। बरसात के मौसम में यह कालोनियां शहर से कट जाती हैं। इस अवसर पर बीर सिंह, एसपी त्यागी, गुलाब सिंह, सुभाष दहिया, कंवरभान, ईश्वर शेरा, चंद्रलाल व धर्मपाल सहित काफी संख्या में महिलाएं भी उपस्थित रहीं।
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पहले विकास शुल्क 120 रुपये प्रति गज था, अब कर दिया दस गुणा
कालोनी के लोगों का कहना है कि हरियाणा में पहली बार विकास शुल्क लगाया गया है। इससे पहले केवल नक्शा पास करवाने की फीस 120 रुपये प्रति गज लगती थी, जोकि हरियाणा के लोगों के साथ अन्याय है। सरकार ने साजिश के तहत पिछले एक साल में सभी कालोनियों के कलेक्टर रेट बढ़ा दिए हैं। अब ये दस गुणा ज्यादा है, क्योंकि इन अवैध कॉलोनियों में जरूरमंद व गरीब लोग रहते हैं, जो इतना टैक्स नहीं दे सकते। अगर इतने पैसे होते तो यहां की बजाए सेक्टरों में अपने मकान बनाते।
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