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बेज्जती व अनशन के बाद हाईकोर्ट से मिली स्टे की राहत, चेहरे पर छाई खुशी
Updated Mon, 12 Jun 2017 11:49 PM IST
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बेज्जती व अनशन के बाद हाईकोर्ट से मिली स्टे की राहत, चेहरे पर छाई खुशी
फोटो संख्या-5, 6, 9, 21 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले दो दिन से सीएम सिटी में पुलिस प्रशासन द्वारा बेज्जती सहकर कड़ी धूप और खुले आसमान के नीचे आमरण अनशन पर बैठे जेबीटी को आखिरकार सोमवार शाम हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर स्टे लगाकर राहत दी। हाईकोर्ट से स्टे की जानकारी मिलते ही आमरण अनशन व प्रदर्शन पर बैठे जेबीटी में खुशी की लहर उमड़ गई। कुछ जेबीटी के खुशी से आंसू भी छलक उठे। शाम 7 बजे अनशन पर बैठे 21 जेबीटी ने जूस पीकर अनशन खोला। हालांकि, अन्य मांगों को लेकर जेबीटी का प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
सरकार द्वारा लो मैरिट का आदेश मिलने के बाद नौकरी की मांग को लेकर सीएम सिटी में पिछले दिनों से जेबीटी अध्यापक प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार को सीएम कैंप हाउस के पास शांतिपूर्ण धरने पर बैठे जेबीटी को पुलिस की क्रुरता का शिकार होना पड़ा था। पुलिस ने महिला जेबीटी को सड़कों पर घसीटकर बसों में भरकर इंद्री और निसिंग में ले जाकर छोड़ दिया था। इसके बाद रविवार शाम 6 बजे 1269 जेबीटी लघु सचिवालय के पास पहुंचे और वहां धरना जारी किया। इसके बाद सुबह प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद सभी जेबीटी फव्वारा पार्क में शांतिपूर्ण ढंग से धरने और आमरण अनशन पर बैठ गए। धरने पर बैठे सभी प्रदर्शनकारी शाम तक सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारी जेबीटी अध्यापकों का नेतृत्व कर रहे पवन ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने महिला जेबीटी से क्रुरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, फिर भी जेबीटी ने हार नहीं मानी। सभी अपनी नौकरी के लिए संघर्ष करती रही। आखिर शाम को जैसे ही हाईकोर्ट द्वारा सरकार के आदेश पर स्टे लगाने के आदेश का संदेश पहुंचा तो सभी खुशी से झृम उठे। शाम 7 बजे राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव दीपक गोस्वामी ने आमरण अनशन पर बैठे 21 जेबीटी को जूस पिलाकर अनशन खुलवाया। हालांकि जेबीटी का मांगों को लेकर प्रदर्शन लगातार फव्वारा पार्क में जारी रहेगा।
24 घंटे तक जारी रहा 21 जेबीटी का अनशन
रविवार को पुलिस द्वारा जेबीटी को हिरासत में लेकर इंद्री और निसिंग छोड़ने के बाद शाम 6 बजे तक सभी जेबीटी वापिस करनाल पहुंचे और शाम 6 बजे सचिवालय के पास फिर से धरना जारी कर दिया। शाम 7 बजे 21 जेबीटी आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशन सोमवार का पूरा दिन जारी रहा। हाई कोर्ट के आदेश के बाद जेबीटी ने 26 घंटे बाद शाम 7 बजे अनशन खोला।
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सरकार के इस आदेश से किसी की टूटी शादी, किसी के पति को हुआ पैरालाइज
सरकार द्वारा लो मेरिट के आदेश के बाद टर्मिनेशन लेटर मिलने के डर से 1259 जेबीटी में किसी की शादी टूट गई तो किसी के पति को पैरालाइज हो गया। वहीं सरकारी नौकरी छोड़कर ज्वाइन करने वाले लोगों की लिस्ट भी लंबी है। अधिकतर कैंडीडेट को तो गांव और घरों से बाहर निकलते हुए लोगों के ताने भी सुनने को मिल रहे थे। वहीं कई ऐसे भी है जिनके परिवार में पति बीमार है और कमाने वाली पत्नी ही है।
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फोटो कॉटस ( 32 )
नौकरी न मिलने से टूट गई शादी
जेबीटी ने चयन होने के कारण अंबाला की रहने वाली उमा देवी की 2016 में चंडीगढ मे ंशादी हो गई थी। वह अपने पति के साथ चंडीगढ़ में खुशी से रह रही थी। लेकिन जब उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई तो उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे छोड़ दिया। वहीं ज्वाइनिंग होने के बाद मायके वालों को कुछ खुशी मिली थी, लेकिन सरकार के लो मैरिट के आदेश के बाद उसे ताने सुनने को मिलने लगे थे।
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फोटो कॉटस ( 33 )
लो मैरिट के आदेश के बाद पति को हुआ पेरालाइज
रोहतक निवासी आरती ने बताया कि उसके पति एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर थे। जब सरकार ने लो मैरिट के आदेश के बाद टर्मिनेशन लेटर देने के की बात कहकर उनको नौकरी से बाहर कर दिया तो इससे उसके पति को पैरालाइज हो गया। उसके पास पति के इलाज के लिए पैसे भी नहीं है।
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फोटो कॉटस (34 )
केवीएस में भी हो गया था चयन, चुनी जेबीटी हरियाणा
झज्जर के लाडपुर निवासी अनू ने बताया कि उसका केवीएस में पीआरटी के पद और हरियाणा शिक्षा विभाग में जेबीटी के पद पर चयन हुआ था। इसके बाद उसने हरियाणा को देखते हुए जेबीटी हरियाणा को चुना था, लेकिन सरकार के आदेश के बाद उसे काफी पछतावा हुआ। अब वह सोच रही है कि उसे केवीएस पीआरटी की नौकरी ज्वाइन करनी चाहिए थी।
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फोटो संख्या-5, 6, 9, 21 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पिछले दो दिन से सीएम सिटी में पुलिस प्रशासन द्वारा बेज्जती सहकर कड़ी धूप और खुले आसमान के नीचे आमरण अनशन पर बैठे जेबीटी को आखिरकार सोमवार शाम हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर स्टे लगाकर राहत दी। हाईकोर्ट से स्टे की जानकारी मिलते ही आमरण अनशन व प्रदर्शन पर बैठे जेबीटी में खुशी की लहर उमड़ गई। कुछ जेबीटी के खुशी से आंसू भी छलक उठे। शाम 7 बजे अनशन पर बैठे 21 जेबीटी ने जूस पीकर अनशन खोला। हालांकि, अन्य मांगों को लेकर जेबीटी का प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
सरकार द्वारा लो मैरिट का आदेश मिलने के बाद नौकरी की मांग को लेकर सीएम सिटी में पिछले दिनों से जेबीटी अध्यापक प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार को सीएम कैंप हाउस के पास शांतिपूर्ण धरने पर बैठे जेबीटी को पुलिस की क्रुरता का शिकार होना पड़ा था। पुलिस ने महिला जेबीटी को सड़कों पर घसीटकर बसों में भरकर इंद्री और निसिंग में ले जाकर छोड़ दिया था। इसके बाद रविवार शाम 6 बजे 1269 जेबीटी लघु सचिवालय के पास पहुंचे और वहां धरना जारी किया। इसके बाद सुबह प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद सभी जेबीटी फव्वारा पार्क में शांतिपूर्ण ढंग से धरने और आमरण अनशन पर बैठ गए। धरने पर बैठे सभी प्रदर्शनकारी शाम तक सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारी जेबीटी अध्यापकों का नेतृत्व कर रहे पवन ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने महिला जेबीटी से क्रुरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, फिर भी जेबीटी ने हार नहीं मानी। सभी अपनी नौकरी के लिए संघर्ष करती रही। आखिर शाम को जैसे ही हाईकोर्ट द्वारा सरकार के आदेश पर स्टे लगाने के आदेश का संदेश पहुंचा तो सभी खुशी से झृम उठे। शाम 7 बजे राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव दीपक गोस्वामी ने आमरण अनशन पर बैठे 21 जेबीटी को जूस पिलाकर अनशन खुलवाया। हालांकि जेबीटी का मांगों को लेकर प्रदर्शन लगातार फव्वारा पार्क में जारी रहेगा।
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24 घंटे तक जारी रहा 21 जेबीटी का अनशन
रविवार को पुलिस द्वारा जेबीटी को हिरासत में लेकर इंद्री और निसिंग छोड़ने के बाद शाम 6 बजे तक सभी जेबीटी वापिस करनाल पहुंचे और शाम 6 बजे सचिवालय के पास फिर से धरना जारी कर दिया। शाम 7 बजे 21 जेबीटी आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशन सोमवार का पूरा दिन जारी रहा। हाई कोर्ट के आदेश के बाद जेबीटी ने 26 घंटे बाद शाम 7 बजे अनशन खोला।
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सरकार के इस आदेश से किसी की टूटी शादी, किसी के पति को हुआ पैरालाइज
सरकार द्वारा लो मेरिट के आदेश के बाद टर्मिनेशन लेटर मिलने के डर से 1259 जेबीटी में किसी की शादी टूट गई तो किसी के पति को पैरालाइज हो गया। वहीं सरकारी नौकरी छोड़कर ज्वाइन करने वाले लोगों की लिस्ट भी लंबी है। अधिकतर कैंडीडेट को तो गांव और घरों से बाहर निकलते हुए लोगों के ताने भी सुनने को मिल रहे थे। वहीं कई ऐसे भी है जिनके परिवार में पति बीमार है और कमाने वाली पत्नी ही है।
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फोटो कॉटस ( 32 )
नौकरी न मिलने से टूट गई शादी
जेबीटी ने चयन होने के कारण अंबाला की रहने वाली उमा देवी की 2016 में चंडीगढ मे ंशादी हो गई थी। वह अपने पति के साथ चंडीगढ़ में खुशी से रह रही थी। लेकिन जब उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई तो उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे छोड़ दिया। वहीं ज्वाइनिंग होने के बाद मायके वालों को कुछ खुशी मिली थी, लेकिन सरकार के लो मैरिट के आदेश के बाद उसे ताने सुनने को मिलने लगे थे।
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फोटो कॉटस ( 33 )
लो मैरिट के आदेश के बाद पति को हुआ पेरालाइज
रोहतक निवासी आरती ने बताया कि उसके पति एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर थे। जब सरकार ने लो मैरिट के आदेश के बाद टर्मिनेशन लेटर देने के की बात कहकर उनको नौकरी से बाहर कर दिया तो इससे उसके पति को पैरालाइज हो गया। उसके पास पति के इलाज के लिए पैसे भी नहीं है।
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फोटो कॉटस (34 )
केवीएस में भी हो गया था चयन, चुनी जेबीटी हरियाणा
झज्जर के लाडपुर निवासी अनू ने बताया कि उसका केवीएस में पीआरटी के पद और हरियाणा शिक्षा विभाग में जेबीटी के पद पर चयन हुआ था। इसके बाद उसने हरियाणा को देखते हुए जेबीटी हरियाणा को चुना था, लेकिन सरकार के आदेश के बाद उसे काफी पछतावा हुआ। अब वह सोच रही है कि उसे केवीएस पीआरटी की नौकरी ज्वाइन करनी चाहिए थी।
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