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अस्पताल के जनरल वार्ड से मरीजों को महिला वार्ड में किया शिफ्ट, कर्मचारी को दी विदाई पार्टी
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:04 AM IST
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अस्पताल के जनरल वार्ड से मरीजों को महिला वार्ड में किया शिफ्ट, कर्मचारी को दी विदाई पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। चुप रहिये तो इकबाले जुर्म, बालिये तो गुस्ताखी, बंदा तेरे दरबार से, बचे तो कैसे? किसी शायर की लिखी हुई ये मशहूर पंक्तियां घरौंडा सीएचसी पर सटीक बैठती है। दरअसल एक रिटायर्मेंट पार्टी को लेकर अस्पताल के जरनल वार्ड, मीटिंग रूम व दो गैलेरियों को वेकेंट हाल का रूप दे दिया गया। किसके आदेश पर यह सब किया गया, यह बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। अस्पताल में तैनात ऑउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दबी जुबान से कहना है कि हमें तो आदेशों की पालना करनी है। आदेश ना माने तो भी हमारे खिलाफ कार्रवाई और आदेश मान लिए तो भी नजरें हमारी तरफ। बहरहाल रिटायर्मेंट पार्टी न हुई की स्वास्थ्य सुविधाओं का जनाजा ही निकाल दिया।
यहां यह बताना जरूरी है कि बुधवार को अस्पताल में तैनात एलएचवी यानी लेडिज हैल्थ विजिटर (मलेरिया) ओमपती की बुधवार को रिटायर्मेंट थी। रिटायर्मेंट के जश्र को लेकर ये कुर्सियां बिछाई गई थी और जरनल वार्ड से बैडों को निकाल दिया गया था।
ड्यूटी भूल, जश्र में जुटे स्वास्थ्यकर्मी
घायल और बीमार मरीजों के प्रति सभी संवेदनाओं को भूल अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मी अपने जश्र की तैयारियों में जुटे रहे। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के जरनल वार्ड में मरीजों के लिए रखे गए सभी बैडों को बाहर निकालकर गैलेरी में सजा दिया गया। वार्ड में एडमिट पुरुष मरीजों को महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद शुरू होता है धड़ाधड़ कुर्सियों का बिछाया जाना। देखते ही देखते पुरूष जरनल वार्ड, बैठक हाल, दोनों के बीच बनी गैलरी व इमरजैंसी के सामने कुर्सियां सजा दी जाती है। बाकायदा लेक्चर स्टैंड के साथ भाषणबाजी की भी व्यवस्था कर दी जाती है। मतलब अस्पताल को पूरी तरह से वेेंकेंट हाल का रूप देने में कोई कोरकसर बाकी नही छोड़ी जाती। यहां तक की वार्ड में मरीजों को दिए जाने वाले ग्लूकोज स्टैंडों को भी एक कोने में रखवा दिया जाता है।
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कैमरा देख मचा हड़कंप
जैसे ही मीडियाकर्मी अस्पताल परिसर में पहुंचे और अपने कैमरे से पूरे नजारे को कैद करना शुरू किया। अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में भाईचारे की दुहाई देने का सिलसिला कर्मचारियों ने शुरू कर दिया। सवाल करने पर कर्मचारियों ने कुर्सियों को एकत्रित कर बाहर निकालना शुरू कर दिया और जरनल वार्ड में बैड बिछाने शुरू कर दिए।
सीएमओ की मीटिंग छोड़ अस्पताल पहुंचे एसएमओ
पूरा मामला एसडीएम मो. इमरान रजा आईएएस की नॉलेज में आने के बाद वे भड़क उठे। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में अस्पताल के जरनल वार्ड में ऐसा किया गया है तो सरासर गलत है। उन्होंने तुरंत एसएमओ डा. कुलबीर सिंह को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिए। एसडीएम के आदेशों के पालना करते हुए एसएमओ कुलबीर सिंह तुरंत सीएमओ की मीटिंग छोड़ घरौंडा अस्पताल के लिए रवाना हुए और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में एसएमओ डा. कुलबीर सिंह का कहना है कि जरनल वार्ड से मरीजों के बैड निकालना गलत है। महिला वार्ड में पुरुषों को शिफ्ट करना गलत है। जिसने भी अस्पताल के जरनल वार्ड के अंदर व गैलरियों में कुर्सियां बिछाई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, इस बारे में एसडीएम मो. इमरान रजा का कहना है कि एसएमओ घरौंडा से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। चुप रहिये तो इकबाले जुर्म, बालिये तो गुस्ताखी, बंदा तेरे दरबार से, बचे तो कैसे? किसी शायर की लिखी हुई ये मशहूर पंक्तियां घरौंडा सीएचसी पर सटीक बैठती है। दरअसल एक रिटायर्मेंट पार्टी को लेकर अस्पताल के जरनल वार्ड, मीटिंग रूम व दो गैलेरियों को वेकेंट हाल का रूप दे दिया गया। किसके आदेश पर यह सब किया गया, यह बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। अस्पताल में तैनात ऑउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दबी जुबान से कहना है कि हमें तो आदेशों की पालना करनी है। आदेश ना माने तो भी हमारे खिलाफ कार्रवाई और आदेश मान लिए तो भी नजरें हमारी तरफ। बहरहाल रिटायर्मेंट पार्टी न हुई की स्वास्थ्य सुविधाओं का जनाजा ही निकाल दिया।
यहां यह बताना जरूरी है कि बुधवार को अस्पताल में तैनात एलएचवी यानी लेडिज हैल्थ विजिटर (मलेरिया) ओमपती की बुधवार को रिटायर्मेंट थी। रिटायर्मेंट के जश्र को लेकर ये कुर्सियां बिछाई गई थी और जरनल वार्ड से बैडों को निकाल दिया गया था।
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ड्यूटी भूल, जश्र में जुटे स्वास्थ्यकर्मी
घायल और बीमार मरीजों के प्रति सभी संवेदनाओं को भूल अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मी अपने जश्र की तैयारियों में जुटे रहे। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के जरनल वार्ड में मरीजों के लिए रखे गए सभी बैडों को बाहर निकालकर गैलेरी में सजा दिया गया। वार्ड में एडमिट पुरुष मरीजों को महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद शुरू होता है धड़ाधड़ कुर्सियों का बिछाया जाना। देखते ही देखते पुरूष जरनल वार्ड, बैठक हाल, दोनों के बीच बनी गैलरी व इमरजैंसी के सामने कुर्सियां सजा दी जाती है। बाकायदा लेक्चर स्टैंड के साथ भाषणबाजी की भी व्यवस्था कर दी जाती है। मतलब अस्पताल को पूरी तरह से वेेंकेंट हाल का रूप देने में कोई कोरकसर बाकी नही छोड़ी जाती। यहां तक की वार्ड में मरीजों को दिए जाने वाले ग्लूकोज स्टैंडों को भी एक कोने में रखवा दिया जाता है।
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कैमरा देख मचा हड़कंप
जैसे ही मीडियाकर्मी अस्पताल परिसर में पहुंचे और अपने कैमरे से पूरे नजारे को कैद करना शुरू किया। अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में भाईचारे की दुहाई देने का सिलसिला कर्मचारियों ने शुरू कर दिया। सवाल करने पर कर्मचारियों ने कुर्सियों को एकत्रित कर बाहर निकालना शुरू कर दिया और जरनल वार्ड में बैड बिछाने शुरू कर दिए।
सीएमओ की मीटिंग छोड़ अस्पताल पहुंचे एसएमओ
पूरा मामला एसडीएम मो. इमरान रजा आईएएस की नॉलेज में आने के बाद वे भड़क उठे। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में अस्पताल के जरनल वार्ड में ऐसा किया गया है तो सरासर गलत है। उन्होंने तुरंत एसएमओ डा. कुलबीर सिंह को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिए। एसडीएम के आदेशों के पालना करते हुए एसएमओ कुलबीर सिंह तुरंत सीएमओ की मीटिंग छोड़ घरौंडा अस्पताल के लिए रवाना हुए और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में एसएमओ डा. कुलबीर सिंह का कहना है कि जरनल वार्ड से मरीजों के बैड निकालना गलत है। महिला वार्ड में पुरुषों को शिफ्ट करना गलत है। जिसने भी अस्पताल के जरनल वार्ड के अंदर व गैलरियों में कुर्सियां बिछाई है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, इस बारे में एसडीएम मो. इमरान रजा का कहना है कि एसएमओ घरौंडा से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।