फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   41 solar pumps worth Rs 19 crore started rusting and did not work even for a day.

Karnal News: जंग खाने लगे 19 करोड़ के 41 सोलर पंप, एक दिन भी काम न आए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
41 solar pumps worth Rs 19 crore started rusting and did not work even for a day.
रंबा गांव में सोलर पंप पर लगा ताला संवाद
गगन तलवार
विज्ञापन

करनाल। ओवरफ्लो जोहड़ के पानी को सिंचाई में इस्तेमाल के लिए अटल भू-जल योजना के तहत जिले में जोहड़ों के किनारे बने 41 सौर ऊर्जा संचालित सूक्ष्म सिचाई एवं संरचना सोलर पंप एक दिन भी किसानों के काम नहीं आए। मिकाडा (सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान क्षेत्र विकास प्राधिकरण) अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब 19 करोड़ रुपये से लगे ये पंप अब कबाड़ होने लगे हैं। मामले में जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने प्रदेश स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
वर्ष 2022 में जिले में कुल 51 सोलर पंप लगाए गए थे, इनमें से 41 को विभाग ने किसी भी किसान समूह या पंचायतों के सिपुर्द ही नहीं किया। इस कारण इनका संचालन ही नहीं हुआ और अब उपकरण और तार तक गायब होने लगे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब रंबा गांव के सोलर पंप के बंद रहने की ग्रामीण अजय बतरा ने शिकायत की। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आया कि केवल रंबा ही नहीं ऐसे 41 पंप हैं, जो आजतक चले ही नहीं।
विज्ञापन

अब जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा है। रंबा गांव में लगे पंप की कीमत करीब 45 लाख रुपये हैं। अन्य 40 पंप भी इतनी ही कीमत के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारी बोले, रखरखाव के निर्देश नहीं मिले
मिकाडा के कार्यकारी अभियंता की ओर से सौंपी रिपोर्ट के अनुसार, कार्य पूरा होने के बाद पंप किसानों के समूह को देना था। उनका कहना है कि विभाग के पास पंप चलाने, रखरखाव व साफ-सफाई के बजट का प्रावधान नहीं है और न ही उच्च कार्यालय ने रखरखाव का निर्देश दिया। ऐसे में लोग भी नीचे से ऊपर तक सभी की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि परियोजना बनते ही आगे की जिम्मेदारी भी तुरंत तय होनी चाहिए।

- उत्पन्न बिजली के इस्तेमाल की है व्यवस्था
कार्यकारी अभियंता अजय खरब के अनुसार, अगर ग्राम पंचायत प्रोजेक्ट को अपने सहूलियत या किसी और सार्वजनिक हित के लिए इस्तेमाल करना चाहती है तो मिकाडा से अनुमति लेकर सोलर की ओर से बनाई बिजली का पंचायत सार्वजनिक हित के लिए अपने खर्चे पर इस्तेमाल कर सकती है, इसमें विभाग को आपत्ति नहीं है।

- लोग बोले, स्कूल-पंचायत को दें बिजली
गांव रंबा के अजय बतरा और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में जोहड़ भरने से दिक्कत होती है। इतनी राशि खर्च करने के बाद भी आज तक पंप न चलना बड़ी लापरवाही है। कभी पंप की सफाई नहीं हुई और जंग खा रहा है। मांग है कि सोलर पंप प्लांट के साथ लगते पंचायत घर व सरकारी स्कूल में इस प्लांट से बिजली आपूर्ति दी जाए।

इस उपमंडल में पंप की यह है स्थिति

उपमंडल
कुल
खराब

इंद्री

05
03

नीलोखेड़ी
12
08

करनाल
07
05

असंध
22
21

घरौंडा
05
04

कुल

51
41

वर्जन

केवल रंबा गांव में लगे सोलर पंप की प्रशासनिक स्वीकृति 55.16 लाख रुपये की थी, जिस पर 45.87 लाख रुपये के करीब खर्च आया। दिसंबर, 2022 में इसे स्थापित किया गया। यदि किसी को जिम्मेदारी देंगे तो इनका संचालन अच्छा हो सकता है। - उत्तम सिंह, डीसी करनाल


वर्जन
डीसी करनाल को प्रदेश सरकार के नाम पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। मामला विधानसभा में भी रखेंगे और उच्च स्तरीय जांच कराएंगे। यह लापरवाही ही है कि सोलर पंप लगने के बाद अभी तक चले नहीं और विभाग ने भी रखरखाव नहीं किया। - रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री एवं अध्यक्ष, जिला कष्ट निवारण समिति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed