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4 माह की बच्ची की मौत 19 का अंतिम संस्कार
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जिलेे में कोरोना के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को कोरोना संक्रमित 883 नए मरीज मिले जोकि अब तक सबसे अधिक हैं। वहीं चार माह की बच्ची सहित कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत 20 मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। चार माह की बच्ची सूरज नगर की रहने वाली थी। इनमें दिल्ली के भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अपने रिकॉर्ड में 9 संक्रमितों की मौतें दर्ज की हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 256 लोगों की कोरोना से जान गई है। शुक्रवार को 621 मरीज ठीक भी हुए हैं। इधर सरकार ने करनाल समेत 9 जिलों में वीकेंड लॉकडाउन भी लगा दिया है। वहीं 10 मई तक व्यापारियों ने बाजार बंद का एलान किया है। यदि अभी भी हमने सावधानी नहीं बरती तो हालात दिल्ली से भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।
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ये हैं हालात
सैंपल लिए - 314912
पॉजिटिव - 285606
निगेटिव - 27252
ठीक हुए - 21538
एक्टिव - 5458
मौत - 256
इनकी गई जान
कोरोना के कारण दिल्ली निवासी 31 वर्षीय व्यक्ति, नीलोखेड़ी के गांव संधीर निवासी 45 वर्षीय महिला, दिल्ली निवासी 74 वर्षीय व्यक्ति, दिल्ली निवासी 67 वर्षीय व्यक्ति, असंध निवासी 75 वर्षीय व्यक्ति, हांसी रोड निवासी 67 वर्षीय व्यक्ति, दिल्ली निवासी 75 वर्षीय महिला, सेक्टर-13 निवासी 74 वर्षीय व्यक्ति, गांव चौरा निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति, न्यू प्रेम कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय महिला, दिल्ली निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति, विकास कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय महिला, खेड़ा छपरा निवासी 26 वर्षीय महिला, सदर बाजार निवासी 36 वर्षीय भानू सहित 20 लोगों की जान गई जिनका कोविड 19 की गाइड लाइन के तहत संस्कार किया गया।
कोई नहीं मिला मुखाग्नि देने वाला
कोरोना संक्रमण के चलते प्राइवेट अस्पताल में दाखिल दिल्ली निवासी एक महिला की मौत हो गई। उसके साथ एक ही महिला आई थी। ऐसे में उस महिला के शव को मुखग्नि देने के लिए परिवार से कोई नहीं आया तो उसने नगर निगम के कर्मचारियों से प्रार्थना कर उनके हाथों से ही महिला को मुखाग्नि दिलाई। कोरोना संक्रमण के कारण पानीपत निवासी एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस कारण परिजनों ने महिला के शव को ले जाने के लिए डॉक्टरों से पहले प्रार्थना की। नहीं माने तो बहस भी की। लेकिन विभाग ने शव ले जाने नहीं दिया और बलड़ी बाइपास पर ही उसका संस्कार किया गया।
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एक घंटे में श्मशान पहुंचाएं शव, दस्तावेजी प्रक्रिया होगी तेज
करनाल। नगर निगम आयुक्त विक्रम ने सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना से मरने वालों की सूचना मिलने के एक घंटे के अंदर शव को श्मशान तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसकी मॉनिटरिंग के लिए ईओ नगर निगम देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अभियंता अक्षय भारद्वाज और स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढ़ी को जिम्मेदारी दी गई है। यह निर्णय शुक्रवार को बैठक के दौरान लिया गया। जिसमें डिप्टी सीएमओ भी शामिल थी। निगम आयुक्त ने डिप्टी सीएमओ से कहा कि डेड बॉडी से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया व औपचारिकताएं समय से पूरी कर लें और उसके बाद तुरंत एंबुलेंस को बुला लें। उन्होंने बताया कि रात्रि में शव के संस्कार में विलंब न हो और समय से ही संस्कार हो। इसके लिए नगर निगम की ओर से अतिरिक्त स्टाफ और दो वाहनों की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने मीटिंग में आए सेनीटेशन ऑफिसर को निर्देश दिए कि शमशान घाट में सफाई का उपयुक्त ध्यान रखा जाए। संस्कार के लिए जिन कर्मचारियों की ड्यूटी है, वह भी प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखें।
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ये हैं हालात
सैंपल लिए - 314912
पॉजिटिव - 285606
निगेटिव - 27252
ठीक हुए - 21538
एक्टिव - 5458
मौत - 256
इनकी गई जान
कोरोना के कारण दिल्ली निवासी 31 वर्षीय व्यक्ति, नीलोखेड़ी के गांव संधीर निवासी 45 वर्षीय महिला, दिल्ली निवासी 74 वर्षीय व्यक्ति, दिल्ली निवासी 67 वर्षीय व्यक्ति, असंध निवासी 75 वर्षीय व्यक्ति, हांसी रोड निवासी 67 वर्षीय व्यक्ति, दिल्ली निवासी 75 वर्षीय महिला, सेक्टर-13 निवासी 74 वर्षीय व्यक्ति, गांव चौरा निवासी 37 वर्षीय व्यक्ति, न्यू प्रेम कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय महिला, दिल्ली निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति, विकास कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय महिला, खेड़ा छपरा निवासी 26 वर्षीय महिला, सदर बाजार निवासी 36 वर्षीय भानू सहित 20 लोगों की जान गई जिनका कोविड 19 की गाइड लाइन के तहत संस्कार किया गया।
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कोई नहीं मिला मुखाग्नि देने वाला
कोरोना संक्रमण के चलते प्राइवेट अस्पताल में दाखिल दिल्ली निवासी एक महिला की मौत हो गई। उसके साथ एक ही महिला आई थी। ऐसे में उस महिला के शव को मुखग्नि देने के लिए परिवार से कोई नहीं आया तो उसने नगर निगम के कर्मचारियों से प्रार्थना कर उनके हाथों से ही महिला को मुखाग्नि दिलाई। कोरोना संक्रमण के कारण पानीपत निवासी एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। इस कारण परिजनों ने महिला के शव को ले जाने के लिए डॉक्टरों से पहले प्रार्थना की। नहीं माने तो बहस भी की। लेकिन विभाग ने शव ले जाने नहीं दिया और बलड़ी बाइपास पर ही उसका संस्कार किया गया।
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एक घंटे में श्मशान पहुंचाएं शव, दस्तावेजी प्रक्रिया होगी तेज
करनाल। नगर निगम आयुक्त विक्रम ने सरकारी व निजी अस्पतालों में कोरोना से मरने वालों की सूचना मिलने के एक घंटे के अंदर शव को श्मशान तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसकी मॉनिटरिंग के लिए ईओ नगर निगम देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अभियंता अक्षय भारद्वाज और स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढ़ी को जिम्मेदारी दी गई है। यह निर्णय शुक्रवार को बैठक के दौरान लिया गया। जिसमें डिप्टी सीएमओ भी शामिल थी। निगम आयुक्त ने डिप्टी सीएमओ से कहा कि डेड बॉडी से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया व औपचारिकताएं समय से पूरी कर लें और उसके बाद तुरंत एंबुलेंस को बुला लें। उन्होंने बताया कि रात्रि में शव के संस्कार में विलंब न हो और समय से ही संस्कार हो। इसके लिए नगर निगम की ओर से अतिरिक्त स्टाफ और दो वाहनों की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने मीटिंग में आए सेनीटेशन ऑफिसर को निर्देश दिए कि शमशान घाट में सफाई का उपयुक्त ध्यान रखा जाए। संस्कार के लिए जिन कर्मचारियों की ड्यूटी है, वह भी प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखें।