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नियम 134-ए : ढाई घंटे तक डीईईओ से हुई बैठक बाद दाखिला देने को माने प्राइवेट स्कूल
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करनाल। नियम 134-ए के तहत गरीब मेधावी विद्यार्थियों को दाखिला देने को लेकर अभी भी प्राइवेट स्कूलों और शिक्षा विभाग में टकराव की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ प्राइवेट स्कूल बकाया राशि को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं विभाग बच्चों को दाखिले के लिए दबाव बना रहा है। ऐसे में बुधवार को करीब ढाई घंटे तक प्राइवेट स्कूल एसो. और डीईईओ के बीच हुई बैठक में सभी पहलुओं पर मंथन किया गया। बैठक में प्राइवेट स्कूल संचालक गरीब पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने को तो मान गए हैं, लेकिन साथ ही कई शर्तें भी रख दी हैं। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार को अल्टीमेटम भी दे दिया है कि 15 जुलाई तक सरकार ने पिछले वर्षों की रुकी हुई राशि नहीं स्कूलों को नहीं दी तो वे नियम 134ए के तहत जिन विद्यार्थियों को दाखिला देंगे, उनका नाम काट देंगे। वहीं, इससे अलग उन्होंने और भी कई शर्तें डीईईओ राजपाल के सामने रखीं। ऐसे में गरीब पात्र बच्चों को दाखिले के लिए अभी और इंतजार करना होगा। फिलहाल उनका भविष्य मझधार में फंसा हुआ है।
बुधवार सुबह सेक्टर-6 स्थित टैगोर बाल निकेतन स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों व प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक हुई। सुबह 11 बजे दोपहर 1.30 तक हुई बैठक में डीईईओ राजपाल सहित नीलोखड़ी बीईओ धर्मपाल, निसिंग बीईओ राजीव भुटानी, डीईओ कार्यालय अधीक्षक सुभाष और प्राइवेट स्कूल की ओर से इंडिपेंडेंट स्कूल ऐसोसिएशन की ओर से प्रधान रघुविंद्र विर्क, उपप्रधान अविनाश बंसल, संयुक्त सचिव कुलजिंद्र मोहन सिंह, आरएस रहेजा, विक्रम चौधरी, रमेश लाठर, प्रतीक भाटिया, ओपी चौधरी, आदर्श सेठी, आरपी भारद्वाज व सहोदय स्कूल कांप्लेक्स से प्रधान राजन लांबा आदि मौजूद रहे।
दूसरे बोर्ड के विद्यार्थी को नहीं देंगे दाखिला
बैठक में प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल व संचालकों ने डीईईओ के सामने शर्त रखी कि जो विद्यार्थी पहले जिस स्कूल में पढ़ रहा है, उसकी स्कूल में नियम 134ए के तहत दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसे बाद दसवीं व 12वीं कक्षा में किसी अन्य बोर्ड के विद्यार्थी का दूसरे बोर्ड में दाखिला नहीं दिया जाएगा। जिस बोर्ड से वह विद्यार्थी पढ़ रहा है उसी बोर्ड के स्कूल को उसे अलॉट करें।
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डीईईओ को बताई अपनी समस्याएं
बैठक के दौरान प्राइवेट स्कूलों के आए प्रिंसिपलों ने अपनी अपनी बाते डीईईओ के सामने रखीं तो वहीं समस्याएं भी बताईं। सबसे पहले मुद्दा उठा कि अधिकतर लोग फर्जी आय का प्रमाण पत्र बनवाकर नियम 134ए का लाभ ले रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद पिछले चार साल से रुकी पेमेंट की बात हुई। इस तरह करीब ढाई घंटे तक बैठक चली फिर निर्णय हुआ कि वे नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा।
फर्जी आय का प्रमाण पत्र देने वालों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
प्राईवेट स्कूल संचालकों व प्रिंसिपलों की ओर से बात रखी गई कि नियम 134ए के तहत गरीब विद्यार्थियों को वे दाखिला देने के लिए तैयार हैं लेकिन कुछ लोग अमीर हैं, लेकिन उन्होंने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया हुआ है और वे अपने बच्चों को इस नियम के तहत पढ़ाना चाहते हैं। ऐसे कई केस उन्होंने पकड़े भी हैं। ऐसे में विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और साथ ही उनसे पूरी फीस भी स्कूल की भरवाई जाए।
प्राइवेट स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिले शुरू हो चुके हैं। सभी प्राइवेट स्कूल दाखिला देने के लिए मान गए हैं। जो उनकी शर्तें हैं वे विभाग को भेज दी हैं। अभिभावक अलॉट हुए स्कूल में जाकर अपने बच्चों को दाखिला करा सकते हैं।
-राजपाल, डीईईओ, करनाल।
बुधवार सुबह सेक्टर-6 स्थित टैगोर बाल निकेतन स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों व प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक हुई। सुबह 11 बजे दोपहर 1.30 तक हुई बैठक में डीईईओ राजपाल सहित नीलोखड़ी बीईओ धर्मपाल, निसिंग बीईओ राजीव भुटानी, डीईओ कार्यालय अधीक्षक सुभाष और प्राइवेट स्कूल की ओर से इंडिपेंडेंट स्कूल ऐसोसिएशन की ओर से प्रधान रघुविंद्र विर्क, उपप्रधान अविनाश बंसल, संयुक्त सचिव कुलजिंद्र मोहन सिंह, आरएस रहेजा, विक्रम चौधरी, रमेश लाठर, प्रतीक भाटिया, ओपी चौधरी, आदर्श सेठी, आरपी भारद्वाज व सहोदय स्कूल कांप्लेक्स से प्रधान राजन लांबा आदि मौजूद रहे।
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दूसरे बोर्ड के विद्यार्थी को नहीं देंगे दाखिला
बैठक में प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल व संचालकों ने डीईईओ के सामने शर्त रखी कि जो विद्यार्थी पहले जिस स्कूल में पढ़ रहा है, उसकी स्कूल में नियम 134ए के तहत दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसे बाद दसवीं व 12वीं कक्षा में किसी अन्य बोर्ड के विद्यार्थी का दूसरे बोर्ड में दाखिला नहीं दिया जाएगा। जिस बोर्ड से वह विद्यार्थी पढ़ रहा है उसी बोर्ड के स्कूल को उसे अलॉट करें।
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डीईईओ को बताई अपनी समस्याएं
बैठक के दौरान प्राइवेट स्कूलों के आए प्रिंसिपलों ने अपनी अपनी बाते डीईईओ के सामने रखीं तो वहीं समस्याएं भी बताईं। सबसे पहले मुद्दा उठा कि अधिकतर लोग फर्जी आय का प्रमाण पत्र बनवाकर नियम 134ए का लाभ ले रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद पिछले चार साल से रुकी पेमेंट की बात हुई। इस तरह करीब ढाई घंटे तक बैठक चली फिर निर्णय हुआ कि वे नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा।
फर्जी आय का प्रमाण पत्र देने वालों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
प्राईवेट स्कूल संचालकों व प्रिंसिपलों की ओर से बात रखी गई कि नियम 134ए के तहत गरीब विद्यार्थियों को वे दाखिला देने के लिए तैयार हैं लेकिन कुछ लोग अमीर हैं, लेकिन उन्होंने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया हुआ है और वे अपने बच्चों को इस नियम के तहत पढ़ाना चाहते हैं। ऐसे कई केस उन्होंने पकड़े भी हैं। ऐसे में विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और साथ ही उनसे पूरी फीस भी स्कूल की भरवाई जाए।
प्राइवेट स्कूलों में नियम 134ए के तहत दाखिले शुरू हो चुके हैं। सभी प्राइवेट स्कूल दाखिला देने के लिए मान गए हैं। जो उनकी शर्तें हैं वे विभाग को भेज दी हैं। अभिभावक अलॉट हुए स्कूल में जाकर अपने बच्चों को दाखिला करा सकते हैं।
-राजपाल, डीईईओ, करनाल।