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ई-ट्रेडिंग के खिलाफ आढ़ती हुए लामबंद, बारदाना लेने से किया इंकार, नहीं हो रही खरीद
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल/घरौंडा। गेहूं का सीजन आरंभ होते ही ई-ट्रेडिंग के खिलाफ हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन की बगावत शुरू हो गई है। सरकार के निर्देशों को भांपते हुए एसोसिएशन ने एलान किया कि आढ़ती एजेंसियों से बारदाना नहीं लेंगे और गेहूं की खरीद में सहयोग भी नहीं करेंगे। करनाल मंडी समेत जिलेभर की मंडियों ने आढ़तियों ने विरोध स्वरूप बारदाना लेने से इंकार कर दिया है। ऐसे में खरीद शुरू होने के बावजूद गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। इस मामले को लेकर कुरुक्षेत्र में आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा की बैठक होगी। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
सीजन के शुरुआती चरण में ही मंडियों में ई-ट्रेडिंग के विरोध का असर गेहूं खरीद पर पड़ता दिखाई दे रहा है। बीती एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक घरौंडा अनाज मंडी में एक भी दाना गेहूं का नहीं पहुंचा। आढ़तियों की मांग है कि पेमेंट डीसीपीए (डिलिंग कम पेमेंट एजेंट) के खाते में आए, न की आढ़तियों के खाते में। साथ ही मंडी में एंट्री कंप्यूटर से न हो और जे और आई फार्म मैनुवली काटे जाएं। हालांकि, अभी तक सरकार इसको लेकर पीछे हटने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। करनाल मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि अभी बारदाना नहीं लिया जा रहा है। सरकार मांगें मानेगी, तभी वे गेहूं खरीद शुरू कराएंगे।
सरकार मंडियों में ई-ट्रेडिंग लागू करना चाहती है, लेकिन प्रदेश के व्यापारी सरकार की इस नीति का विरोध करते है। जब तक इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, हरियाणा में कोई भी आढ़ती बारदाना नहीं लेगा और गेहूं खरीद में सहयोग भी नहीं करेगा। मंगलवार को बैठक के बाद इस मामले पर आगामी निर्णय लिया जाएगा।-अशोक गुप्ता अध्यक्ष, हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन।
करनाल/घरौंडा। गेहूं का सीजन आरंभ होते ही ई-ट्रेडिंग के खिलाफ हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन की बगावत शुरू हो गई है। सरकार के निर्देशों को भांपते हुए एसोसिएशन ने एलान किया कि आढ़ती एजेंसियों से बारदाना नहीं लेंगे और गेहूं की खरीद में सहयोग भी नहीं करेंगे। करनाल मंडी समेत जिलेभर की मंडियों ने आढ़तियों ने विरोध स्वरूप बारदाना लेने से इंकार कर दिया है। ऐसे में खरीद शुरू होने के बावजूद गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है। इस मामले को लेकर कुरुक्षेत्र में आढ़ती एसोसिएशन हरियाणा की बैठक होगी। इसके बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।
सीजन के शुरुआती चरण में ही मंडियों में ई-ट्रेडिंग के विरोध का असर गेहूं खरीद पर पड़ता दिखाई दे रहा है। बीती एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक घरौंडा अनाज मंडी में एक भी दाना गेहूं का नहीं पहुंचा। आढ़तियों की मांग है कि पेमेंट डीसीपीए (डिलिंग कम पेमेंट एजेंट) के खाते में आए, न की आढ़तियों के खाते में। साथ ही मंडी में एंट्री कंप्यूटर से न हो और जे और आई फार्म मैनुवली काटे जाएं। हालांकि, अभी तक सरकार इसको लेकर पीछे हटने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। करनाल मंडी के प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि अभी बारदाना नहीं लिया जा रहा है। सरकार मांगें मानेगी, तभी वे गेहूं खरीद शुरू कराएंगे।
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सरकार मंडियों में ई-ट्रेडिंग लागू करना चाहती है, लेकिन प्रदेश के व्यापारी सरकार की इस नीति का विरोध करते है। जब तक इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, हरियाणा में कोई भी आढ़ती बारदाना नहीं लेगा और गेहूं खरीद में सहयोग भी नहीं करेगा। मंगलवार को बैठक के बाद इस मामले पर आगामी निर्णय लिया जाएगा।-अशोक गुप्ता अध्यक्ष, हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन।
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