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गांव में सरपंच ने कराई पंचायत में प्रेमी जोड़े की शादी, खुद किया कन्यादान
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा अक्सर प्रेमी जोड़ों द्वारा भाग कर शादी करने के मामलों में विवादों में रहा है, लेकिन करनाल का एक ऐसा गांव भी है जिसकी पंचायत ने लड़की के माता पिता से ऊपर होकर प्रेमी जोड़े की गांव में ही शादी करा एक मिसाल पेश की है। गांव के सरपंच ने पंचायत में ही प्रेेमी जोड़े ने एक दूसरे को वर माला पहनाई और बंधन में बंध गए।
गांव घीड़ के सरपंच अनिल कुमार ने बताया कि करनाल के गांव घीड़ निवासी लड़की सरिता को सलारपुर गांव के एक युवक गुरमीत उर्फ मोनू से प्यार हो गया। लड़की ने अपने माता-पिता को लड़के के बारे में बताया और शादी करने का फैसला भी सुना दिया। जब लड़की के माता-पिता को पता चला कि लड़का सिख धर्म का है तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया। माता-पिता के मना करने पर उन प्रेमी जोड़ों ने वही फैसला लिया जो प्रेमी जोड़ लेते हैं, घर से भागने का। 25 मार्च को लड़की घर से भाग कर लड़के के पास चली गई। लड़की के माता-पिता लड़की को घर वापस ले आए, लेकिन लड़की अपनी बात पर अड़ी रही और अपनी जान देने की भी बात कह दी। लड़की के माता पिता लड़की को गांव के सरपंच के पास लेकर गए और समझाने के लिए कहा लेकिन वहां भी लड़की उसी लड़के से शादी करने की बात कहती रही। फिर सरपंच ने लड़के के परिजनों से बात की और फिर उन्हें गांव में बुलाया।
पंचायत में डलवाई वरमाला
27 मार्च को सलारपुर गांव से लड़के गुरमीत के पिता सुच्चा सिंह, ताऊ गब्बर सिंह, गांव का सरपंच राजकुमार सहित अन्य परिजन गांव घीड़ में पहुंचे। इसके साथ ही लड़की के परिजन पिता बाबूराम, मां, तारू आदि भी पंचायत में मौजूद रहे। इस दौरान दोनों परिवारों से सरपंच ने बात की। लड़के के परिजन शादी के लिए राजी थे लेकिन लड़के के माता-पिता नाराज थे।
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सरपंच ने किया कन्यादान
लड़की के माता-पिता की नाराजगी के चलते सरपंच ने वर माला मंगवाई और लड़के ने लड़की को वार माला पहनाकर शादी की और सरपंच ने 2100 रुपये का कन्यादान किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों से लिखित में भी लिया कि वे इस शादी से नाराज नहीं है और उनकी सहमती से शादी हो रही है। इसके बाद लड़का, लड़की को अपने गांव ले गए और वहां अपनी रीति रिवाज से गुरुद्वारे में जाकर शादी की।
12वीं पास है लड़की, लड़का करता है एक कंपनी में जॉब
लड़की सरिता 12वीं पास है और लड़का गुरमीत गांव घीड़ के समीप मुगल माजरा गांव में एक कंपनी में जॉब करता है। वहीं से दोनों की जान पहचान हुई।
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करनाल। हरियाणा अक्सर प्रेमी जोड़ों द्वारा भाग कर शादी करने के मामलों में विवादों में रहा है, लेकिन करनाल का एक ऐसा गांव भी है जिसकी पंचायत ने लड़की के माता पिता से ऊपर होकर प्रेमी जोड़े की गांव में ही शादी करा एक मिसाल पेश की है। गांव के सरपंच ने पंचायत में ही प्रेेमी जोड़े ने एक दूसरे को वर माला पहनाई और बंधन में बंध गए।
गांव घीड़ के सरपंच अनिल कुमार ने बताया कि करनाल के गांव घीड़ निवासी लड़की सरिता को सलारपुर गांव के एक युवक गुरमीत उर्फ मोनू से प्यार हो गया। लड़की ने अपने माता-पिता को लड़के के बारे में बताया और शादी करने का फैसला भी सुना दिया। जब लड़की के माता-पिता को पता चला कि लड़का सिख धर्म का है तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया। माता-पिता के मना करने पर उन प्रेमी जोड़ों ने वही फैसला लिया जो प्रेमी जोड़ लेते हैं, घर से भागने का। 25 मार्च को लड़की घर से भाग कर लड़के के पास चली गई। लड़की के माता-पिता लड़की को घर वापस ले आए, लेकिन लड़की अपनी बात पर अड़ी रही और अपनी जान देने की भी बात कह दी। लड़की के माता पिता लड़की को गांव के सरपंच के पास लेकर गए और समझाने के लिए कहा लेकिन वहां भी लड़की उसी लड़के से शादी करने की बात कहती रही। फिर सरपंच ने लड़के के परिजनों से बात की और फिर उन्हें गांव में बुलाया।
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पंचायत में डलवाई वरमाला
27 मार्च को सलारपुर गांव से लड़के गुरमीत के पिता सुच्चा सिंह, ताऊ गब्बर सिंह, गांव का सरपंच राजकुमार सहित अन्य परिजन गांव घीड़ में पहुंचे। इसके साथ ही लड़की के परिजन पिता बाबूराम, मां, तारू आदि भी पंचायत में मौजूद रहे। इस दौरान दोनों परिवारों से सरपंच ने बात की। लड़के के परिजन शादी के लिए राजी थे लेकिन लड़के के माता-पिता नाराज थे।
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सरपंच ने किया कन्यादान
लड़की के माता-पिता की नाराजगी के चलते सरपंच ने वर माला मंगवाई और लड़के ने लड़की को वार माला पहनाकर शादी की और सरपंच ने 2100 रुपये का कन्यादान किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों से लिखित में भी लिया कि वे इस शादी से नाराज नहीं है और उनकी सहमती से शादी हो रही है। इसके बाद लड़का, लड़की को अपने गांव ले गए और वहां अपनी रीति रिवाज से गुरुद्वारे में जाकर शादी की।
12वीं पास है लड़की, लड़का करता है एक कंपनी में जॉब
लड़की सरिता 12वीं पास है और लड़का गुरमीत गांव घीड़ के समीप मुगल माजरा गांव में एक कंपनी में जॉब करता है। वहीं से दोनों की जान पहचान हुई।