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मेडिकल कॉलेज में नवजात शीशु की हुई मौत, परिजनों ने बच्चा बदलने व डॉक्टरों की लापरवाही का लगाया आरोप
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज स्टाफ पर बच्चा बदलने और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते हुए बच्चे के डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। हालांकि सिविल लाइन थाना पुलिस ने नवजात का वीडियोग्राफी के साथ बोर्ड से पोस्टमार्टम करा दिया है और इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
असंध के गांव रत्तक निवासी रामजवारी ने बताया कि वह वीरवार को सुबह करीब 8:30 बजे अपनी पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर अंसध के अस्पताल में ले गए थे, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को कमजोर बताया और रेफर कर दिया। उसने मेडिकल कॉलेज में अपनी पत्नी को भर्ती करा दिया। करीब 4:30 बजे लेबर रूम से आवाज लगाई गई कि रेखा को लड़का हुआ है, उसके कपड़े ले आओ। उसकी बहन ने मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी को बच्चे के कपड़े दे दिए। इसके बाद कर्मचारी ने उन्हें बताया कि वह लड़का दूसरी रेखा को हुआ है। वह यह सुनकर आराम से बैठ गए। करीब साढ़े पांच बजे करीब 5: 30 बजे लेबर रूम से दोबारा आवाज लगाई गई कि रेखा को लड़का हुआ और वह मृत है। रामजुआरी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ और उसने बच्चे को देखा तो उसकी गर्दन पर एक जख्म था। इसके बाद उसने हंगामा किया और फिर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की।
पति का दावा नहीं थी कोई दूसरी रेखा
रामजवारी ने बताया कि जब कर्मचारी ने उसे कहा कि दूसरी रेखा को लड़का हुआ है। उसने डिलीवरी रजिस्टर में चेक किया तो वहां उसकी पत्नी ही रेखा के नाम से दाखिल थी और दूसरी कोई रेखा वहां दाखिल नहीं थी। ऐसे में या तो मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों व स्टाफ ने उसके बच्चे को बदला है या फिर उनकी लापरवाही के कारण उस बच्चे की जान गई है। पति ने मांग की कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए, मुझे शक है कि बच्चा बदला गया है और हमारे साथ धोखा किया गया है।
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नवजात के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने के लिए लैब में भेज दिया गया है। नवजात का पोस्टमार्टम बोर्ड व वीडियोग्राफी करवाकर किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रोशन लाल, एसएचओ, सिविल लाइन थाना।
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी के दौरान एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज स्टाफ पर बच्चा बदलने और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा करते हुए बच्चे के डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। हालांकि सिविल लाइन थाना पुलिस ने नवजात का वीडियोग्राफी के साथ बोर्ड से पोस्टमार्टम करा दिया है और इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
असंध के गांव रत्तक निवासी रामजवारी ने बताया कि वह वीरवार को सुबह करीब 8:30 बजे अपनी पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर अंसध के अस्पताल में ले गए थे, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को कमजोर बताया और रेफर कर दिया। उसने मेडिकल कॉलेज में अपनी पत्नी को भर्ती करा दिया। करीब 4:30 बजे लेबर रूम से आवाज लगाई गई कि रेखा को लड़का हुआ है, उसके कपड़े ले आओ। उसकी बहन ने मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी को बच्चे के कपड़े दे दिए। इसके बाद कर्मचारी ने उन्हें बताया कि वह लड़का दूसरी रेखा को हुआ है। वह यह सुनकर आराम से बैठ गए। करीब साढ़े पांच बजे करीब 5: 30 बजे लेबर रूम से दोबारा आवाज लगाई गई कि रेखा को लड़का हुआ और वह मृत है। रामजुआरी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ और उसने बच्चे को देखा तो उसकी गर्दन पर एक जख्म था। इसके बाद उसने हंगामा किया और फिर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की।
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पति का दावा नहीं थी कोई दूसरी रेखा
रामजवारी ने बताया कि जब कर्मचारी ने उसे कहा कि दूसरी रेखा को लड़का हुआ है। उसने डिलीवरी रजिस्टर में चेक किया तो वहां उसकी पत्नी ही रेखा के नाम से दाखिल थी और दूसरी कोई रेखा वहां दाखिल नहीं थी। ऐसे में या तो मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों व स्टाफ ने उसके बच्चे को बदला है या फिर उनकी लापरवाही के कारण उस बच्चे की जान गई है। पति ने मांग की कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए, मुझे शक है कि बच्चा बदला गया है और हमारे साथ धोखा किया गया है।
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नवजात के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने के लिए लैब में भेज दिया गया है। नवजात का पोस्टमार्टम बोर्ड व वीडियोग्राफी करवाकर किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रोशन लाल, एसएचओ, सिविल लाइन थाना।