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ट्रांसर्फामर में आग लगाने वाले किसान ने किया जमानत लेने से इंकार, भारतीय किसान यूनियन आई साथ
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:55 PM IST
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ट्रांसर्फामर में आग लगाने वाले किसान ने किया जमानत लेने से इंकार, भारतीय किसान यूनियन आई साथ
- भारतीय किसान यूनियन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम, 29 जून को शामगढ़ में किसानों का महापंचायत
फोटो संख्या- 13
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बिजली निगम दफ्तर में तोड़फोड़ करने और लघु सचिवालय के सामने कंडम ट्रांसफार्मर को आग लगा कर नाराजगी जाहिर करने वाले किसान ने अपनी जमानत लेने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने किसान को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में हिरासत में अिलया है, जिसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, वहां पर किसान ने जमानत लेने से इंकार कर दिया, जिसके कारण किसान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ अब भारतीय किसान यूनियन भी किसान के समर्थन में आ गई है। यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे 72 घंटे के अंदर बिजली निगम के जिम्मेदारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। किसान के समर्थन में यूनियन ने 29 जून को शामगढ़ में महापंचायत बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
विदित हो कि खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से परेशान शामगढ़ के किसान जसविंद्र ने 24 जून को तरावड़ी स्थित बिजली निगम के दफ्तर पहुंचकर तोड़फोड़ की थी, वहां से ट्रांसफार्मर को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लेकर वह लघु सचिवालय पहुंचा और सचिवालय के मेन गेट के सामने सड़क पर ट्रांसफार्मर को रख कर आग लगा दी। जिसके बाद बिजली निगम की शिकायत पर पुलिस ने किसान को हिरासत में ले लिया था। जहां से सोमवार को किसान को कोर्ट में पेश किया गया, किसान द्वारा जमानत न लेने से उसे न्यायकि हिरासत में भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ अब भारतीय किसान यूनियन भी किसान के बचाव में आकर खड़ी हो गई। भाकियू के संरक्षक मेहताब सिंह कादियान ने ट्रांसफार्मर वितरण के मामले में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान से बिजली निगम के अधिकारी द्वारा पैसे मांगे जा रहे थे। जिससे नराश होकर इस किसान ने यह कदम उठाया है। भाकियू ने सरकार से इस किसान के ऊपर से सभी मामले वापिस लेने की मांग करते हुए सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस दौरान मांग न मानी गई तो 29 जून को गांव शामगढ़ में महापंचायत होगी। उसके बाद आन्दोलन प्रदेश भर में तेज कर दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के युवा नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर ने बताया कि शामगढ़ के किसान जसविन्द्र ने पिछले दिनों तंग आकर मिनी सचिवालय के आगे अपने ट्रांसफार्मर में आग लगा दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। आज उसे अदालत में पेश किया गया। इस दौरान वह भाकियू के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे। उन्होंने उसकी कानूनी मदद की। लेकिन किसान ने जमानत पर रिहा होने से मना कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि वह पूरी तरह से किसान के साथ है। वह कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जमीनी लड़ाई भी लड़ेंगे।
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- भारतीय किसान यूनियन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम, 29 जून को शामगढ़ में किसानों का महापंचायत
फोटो संख्या- 13
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बिजली निगम दफ्तर में तोड़फोड़ करने और लघु सचिवालय के सामने कंडम ट्रांसफार्मर को आग लगा कर नाराजगी जाहिर करने वाले किसान ने अपनी जमानत लेने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने किसान को सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में हिरासत में अिलया है, जिसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, वहां पर किसान ने जमानत लेने से इंकार कर दिया, जिसके कारण किसान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ अब भारतीय किसान यूनियन भी किसान के समर्थन में आ गई है। यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे 72 घंटे के अंदर बिजली निगम के जिम्मेदारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, नहीं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। किसान के समर्थन में यूनियन ने 29 जून को शामगढ़ में महापंचायत बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
विदित हो कि खराब ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से परेशान शामगढ़ के किसान जसविंद्र ने 24 जून को तरावड़ी स्थित बिजली निगम के दफ्तर पहुंचकर तोड़फोड़ की थी, वहां से ट्रांसफार्मर को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लेकर वह लघु सचिवालय पहुंचा और सचिवालय के मेन गेट के सामने सड़क पर ट्रांसफार्मर को रख कर आग लगा दी। जिसके बाद बिजली निगम की शिकायत पर पुलिस ने किसान को हिरासत में ले लिया था। जहां से सोमवार को किसान को कोर्ट में पेश किया गया, किसान द्वारा जमानत न लेने से उसे न्यायकि हिरासत में भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ अब भारतीय किसान यूनियन भी किसान के बचाव में आकर खड़ी हो गई। भाकियू के संरक्षक मेहताब सिंह कादियान ने ट्रांसफार्मर वितरण के मामले में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान से बिजली निगम के अधिकारी द्वारा पैसे मांगे जा रहे थे। जिससे नराश होकर इस किसान ने यह कदम उठाया है। भाकियू ने सरकार से इस किसान के ऊपर से सभी मामले वापिस लेने की मांग करते हुए सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस दौरान मांग न मानी गई तो 29 जून को गांव शामगढ़ में महापंचायत होगी। उसके बाद आन्दोलन प्रदेश भर में तेज कर दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के युवा नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर ने बताया कि शामगढ़ के किसान जसविन्द्र ने पिछले दिनों तंग आकर मिनी सचिवालय के आगे अपने ट्रांसफार्मर में आग लगा दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। आज उसे अदालत में पेश किया गया। इस दौरान वह भाकियू के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे। उन्होंने उसकी कानूनी मदद की। लेकिन किसान ने जमानत पर रिहा होने से मना कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि वह पूरी तरह से किसान के साथ है। वह कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जमीनी लड़ाई भी लड़ेंगे।
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