{"_id":"6473c0495c58e76ec40c8b64","slug":"2950-lakh-saplings-planted-in-eight-years-17-lakh-destroyed-karnal-news-c-18-1-knl1006-135406-2023-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: आठ वर्षों में रोपे 29.50 लाख पौधे, 17 लाख नष्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: आठ वर्षों में रोपे 29.50 लाख पौधे, 17 लाख नष्ट
विज्ञापन
आठ वर्षों में रोपे 29.50 लाख पौधे, 17 लाख नष्ट
- जिले के 483 गांवों हरियाली कम, उचित देखभाल न होने से सूख जाते हैं पौधे
नंबर गेम
12 लाख 65 हजार ही बन सके पेड़
10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य
मुकेश राणा
करनाल। हरियाली के मामले में कर्ण नगरी काफी पीछे नजर आती है, ऐसा पेड़-पौधों की उचित देखभाल न होने और उन्हें नष्ट करने के कारण हो रहा है। वन विभाग की ओर से पिछले आठ सालों में 2948236 पौधे रोपित किए गए, लेकिन उचित देखभाल और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण इनमें से केवल 1265000 ही पेड़ बन सके। यानी 1683236 लाख पौधे नष्ट हो गए।
हालांकि वन विभाग का दावा है कि पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाती है। वन विभाग की गणना के अनुसार जिले के 483 गांवों में मात्र 1265000 पेड़ हैं। वन विभाग के यह आंकड़े जंगल एरिया से अलग के बताए जा रहे हैं। जंगल के पेड़ इस वन गणना में दर्ज नहीं हैं। गिनती में 30 सेंटीमीटर की मोटाई वाले पेड़ों को शामिल किया जाता है, इससे कम साइज को अंडर साइज पेड़ कहा जाता है।
मानसून सीजन से पहले वन विभाग की ओर से सड़क, पीडब्ल्यूडी, माइनर, नहर, पंचायती जमीन, मार्केट बोर्ड, रेलवे लाइन, सरकारी खाली पड़ी जमीन व स्कूल-कॉलेजों में हर वर्ष पौधे रोपित किए जाते हैं, ताकि पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाया जा सके। वन विभाग की ओर से इस बार भी जिले में करीब 10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित है। जिनकी पौध करनाल, असंध व इंद्री की नर्सरियों में तैयार की जा रही है। विभाग की ओर से इस सत्र में लगाए जाने वाले 1326712 पौधे नर्सरी में तैयार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कैसे आवंटित होंगे पौधे
तैयार किए जा रहे 1232000 पौधों में से वन विभाग खुद 911000 पौधे अलग-अलग जगहों पर रोपित करेगा। जिनमें करीब पांच लाख पंचायती जमीन, चार लाख अभियान के तहत बांटे जाएंगे। ढाई लाख जल शक्ति अभियान के तहत पंचायतों को दिए जाएंगे। 150,000 पौधे सामाजिक संस्था, स्कूल व लोगों में बांटे जाएंगे।
किस नर्सरी में कितने पौधे
नर्सरी छोटे पौधे बड़े पौधे कुल
शाहपुर 37600 1400 3900
रंगरुटीखेड़ा 159537 66140 225677
बालू 46731 45381 92112
मंगलपुर 92950 20726 113676
घरौंडा 57778 10000 67778
मूनक 85714 13370 99084
मलिकपुर 100900 57750 158650
कंबोपुरा 141673 48917 190590
इंद्री एस्केप 112400 26875 139275
मनक माजरा 99310 101560 200870
कुल 934593 392119 1326712
2016 से 2022 तक पौधारोपण की स्थिति
वन विभाग की ओर से हर वर्ष पौधरोपण किया जाता है, लेकिन उचित देखभाल और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण उतने पौधे पेड़ नहीं बन पाते हैं, जितने रोपित किए जाते हैं। यहां पर कुछ वर्षों में विभाग की ओर से पौधरोपण का विवरण दिया जा रहा है। विभाग की ओर से पिछले आठ वर्षों में 2948236 पौधे लगाए गए, लेकिन उनमें से केवल 1265000 वृक्ष बन पाए।
वर्ष पौधरोपण
2015-16 407110
2016-17 161700
2017-18 395430
2018-19 295725
2019-20 255737
2020-21 350562
2021-22 421330
2022-23 660242
कुल 2948236
यह आंकड़े विभागीय जानकारी अनुसार दिए गए हैं
इस बार जिले की सभी नर्सरियों में 1326712 छोटे-बड़े पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें मानसून के सीजन में अलग-अलग स्थानों पर राेपित किया जाएगा। जिले में पेड़ों की जो गणना की गई है उससे पता चला है कि करनाल जिले में पेड़ों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। पौधे रोपित करने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है। पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है।
- जय कुमार, जिला वन अधिकारी करनाल
विज्ञापन
- जिले के 483 गांवों हरियाली कम, उचित देखभाल न होने से सूख जाते हैं पौधे
नंबर गेम
12 लाख 65 हजार ही बन सके पेड़
10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य
मुकेश राणा
करनाल। हरियाली के मामले में कर्ण नगरी काफी पीछे नजर आती है, ऐसा पेड़-पौधों की उचित देखभाल न होने और उन्हें नष्ट करने के कारण हो रहा है। वन विभाग की ओर से पिछले आठ सालों में 2948236 पौधे रोपित किए गए, लेकिन उचित देखभाल और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण इनमें से केवल 1265000 ही पेड़ बन सके। यानी 1683236 लाख पौधे नष्ट हो गए।
हालांकि वन विभाग का दावा है कि पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाती है। वन विभाग की गणना के अनुसार जिले के 483 गांवों में मात्र 1265000 पेड़ हैं। वन विभाग के यह आंकड़े जंगल एरिया से अलग के बताए जा रहे हैं। जंगल के पेड़ इस वन गणना में दर्ज नहीं हैं। गिनती में 30 सेंटीमीटर की मोटाई वाले पेड़ों को शामिल किया जाता है, इससे कम साइज को अंडर साइज पेड़ कहा जाता है।
विज्ञापन
मानसून सीजन से पहले वन विभाग की ओर से सड़क, पीडब्ल्यूडी, माइनर, नहर, पंचायती जमीन, मार्केट बोर्ड, रेलवे लाइन, सरकारी खाली पड़ी जमीन व स्कूल-कॉलेजों में हर वर्ष पौधे रोपित किए जाते हैं, ताकि पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाया जा सके। वन विभाग की ओर से इस बार भी जिले में करीब 10 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित है। जिनकी पौध करनाल, असंध व इंद्री की नर्सरियों में तैयार की जा रही है। विभाग की ओर से इस सत्र में लगाए जाने वाले 1326712 पौधे नर्सरी में तैयार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कैसे आवंटित होंगे पौधे
तैयार किए जा रहे 1232000 पौधों में से वन विभाग खुद 911000 पौधे अलग-अलग जगहों पर रोपित करेगा। जिनमें करीब पांच लाख पंचायती जमीन, चार लाख अभियान के तहत बांटे जाएंगे। ढाई लाख जल शक्ति अभियान के तहत पंचायतों को दिए जाएंगे। 150,000 पौधे सामाजिक संस्था, स्कूल व लोगों में बांटे जाएंगे।
किस नर्सरी में कितने पौधे
नर्सरी छोटे पौधे बड़े पौधे कुल
शाहपुर 37600 1400 3900
रंगरुटीखेड़ा 159537 66140 225677
बालू 46731 45381 92112
मंगलपुर 92950 20726 113676
घरौंडा 57778 10000 67778
मूनक 85714 13370 99084
मलिकपुर 100900 57750 158650
कंबोपुरा 141673 48917 190590
इंद्री एस्केप 112400 26875 139275
मनक माजरा 99310 101560 200870
कुल 934593 392119 1326712
2016 से 2022 तक पौधारोपण की स्थिति
वन विभाग की ओर से हर वर्ष पौधरोपण किया जाता है, लेकिन उचित देखभाल और लोगों में जागरूकता की कमी के कारण उतने पौधे पेड़ नहीं बन पाते हैं, जितने रोपित किए जाते हैं। यहां पर कुछ वर्षों में विभाग की ओर से पौधरोपण का विवरण दिया जा रहा है। विभाग की ओर से पिछले आठ वर्षों में 2948236 पौधे लगाए गए, लेकिन उनमें से केवल 1265000 वृक्ष बन पाए।
वर्ष पौधरोपण
2015-16 407110
2016-17 161700
2017-18 395430
2018-19 295725
2019-20 255737
2020-21 350562
2021-22 421330
2022-23 660242
कुल 2948236
यह आंकड़े विभागीय जानकारी अनुसार दिए गए हैं
इस बार जिले की सभी नर्सरियों में 1326712 छोटे-बड़े पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें मानसून के सीजन में अलग-अलग स्थानों पर राेपित किया जाएगा। जिले में पेड़ों की जो गणना की गई है उससे पता चला है कि करनाल जिले में पेड़ों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। पौधे रोपित करने के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है। पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई भी की जाती है।
- जय कुमार, जिला वन अधिकारी करनाल