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2592 किसानों को पीएम किसान निधि की रिकवरी के नोटिस, हड़कंप
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कर्मबीर लाठर
करनाल। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अपात्रों को रिकवरी के नोटिस जारी होने से किसानों में हड़कंप मच गया है। जो किसान आयकर के दायरे में आते हैं सरकार ने उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य कर दिया है। अब सरकार उनके खाते में जारी पैसे की वापसी चाहती है। करनाल जिले में उपनिदेशक कृषि विभाग कार्यालय के मार्फत 2592 किसानों को पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे 2.34 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी है। 2592 में से 2493 किसान आयकर के दायरे में आते हैं। अन्य पति-पत्नी द्वारा पेंशन का लाभ लेने या अन्य किसी कारण से नियम की जद में आ गए। संवाद
जिले में 96 हजार 647 किसान पंजीकृत
20 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लांच की थी। करनाल जिले में योजना के तहत 96 हजार 647 किसान पंजीकृत हैं। जो इस योजना के पात्रों में शामिल हैं। योजना के तहत वर्ष में तीन बार दो-दो हजार की किस्त उनके खातों में आती है। कृषि एवं कल्याण मंत्रालय ने हरियाणा कृषि विभाग के पंचकूला मुख्यालय को पत्र जारी किया है। पंचकूला मुख्यालय के माध्यम से कृषि उपनिदेशकों के कार्यालयों में जून में ऐसे किसानों की सूची आगामी कार्रवाई के लिए भेजी गई है। जिन आयकरदाता किसानों से रिकरवरी होनी है वे कृषि उपनिदेशक कार्यालय में केंद्र सरकार के नाम डिमांड ड्राफ्ट जमा करवा सकते हैं। अभी तक जिले में केवल 50 किसानों ने डिमांड ड्राफ्ट जमा करवाए हैं।
सरकार ने किसानों के हित के लिए यह योजना बनाई है। योजना के तहत जो किसान अयोग्य पाए गए हैं उन्हें नियमानुसार सरकार का पैसा वापस करना चाहिए। किसानों से अपील है कि नियमों का पालन करें।
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-डा. सुरेश गहलावत, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग हरियाणा
उनके खाते में केवल एक बार ही दो हजार रुपये आए और अब नोटिस आ गया है। केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान के रूप में यह राशि जारी की। इसे वापस लेना गलत है। बल्ला गांव में ही 250 किसानों को नोटिस जारी हुए हैं। किसानों का सम्मान कम नहीं होना चाहिए। उनकी सरकार से अपील है कि आयकरदाता किसान को भी यह सम्मान मिले।
-रणदीप मान, किसान
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करनाल। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अपात्रों को रिकवरी के नोटिस जारी होने से किसानों में हड़कंप मच गया है। जो किसान आयकर के दायरे में आते हैं सरकार ने उन्हें इस योजना के लिए अयोग्य कर दिया है। अब सरकार उनके खाते में जारी पैसे की वापसी चाहती है। करनाल जिले में उपनिदेशक कृषि विभाग कार्यालय के मार्फत 2592 किसानों को पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे 2.34 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी है। 2592 में से 2493 किसान आयकर के दायरे में आते हैं। अन्य पति-पत्नी द्वारा पेंशन का लाभ लेने या अन्य किसी कारण से नियम की जद में आ गए। संवाद
जिले में 96 हजार 647 किसान पंजीकृत
20 फरवरी 2020 को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लांच की थी। करनाल जिले में योजना के तहत 96 हजार 647 किसान पंजीकृत हैं। जो इस योजना के पात्रों में शामिल हैं। योजना के तहत वर्ष में तीन बार दो-दो हजार की किस्त उनके खातों में आती है। कृषि एवं कल्याण मंत्रालय ने हरियाणा कृषि विभाग के पंचकूला मुख्यालय को पत्र जारी किया है। पंचकूला मुख्यालय के माध्यम से कृषि उपनिदेशकों के कार्यालयों में जून में ऐसे किसानों की सूची आगामी कार्रवाई के लिए भेजी गई है। जिन आयकरदाता किसानों से रिकरवरी होनी है वे कृषि उपनिदेशक कार्यालय में केंद्र सरकार के नाम डिमांड ड्राफ्ट जमा करवा सकते हैं। अभी तक जिले में केवल 50 किसानों ने डिमांड ड्राफ्ट जमा करवाए हैं।
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सरकार ने किसानों के हित के लिए यह योजना बनाई है। योजना के तहत जो किसान अयोग्य पाए गए हैं उन्हें नियमानुसार सरकार का पैसा वापस करना चाहिए। किसानों से अपील है कि नियमों का पालन करें।
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-डा. सुरेश गहलावत, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग हरियाणा
उनके खाते में केवल एक बार ही दो हजार रुपये आए और अब नोटिस आ गया है। केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान के रूप में यह राशि जारी की। इसे वापस लेना गलत है। बल्ला गांव में ही 250 किसानों को नोटिस जारी हुए हैं। किसानों का सम्मान कम नहीं होना चाहिए। उनकी सरकार से अपील है कि आयकरदाता किसान को भी यह सम्मान मिले।
-रणदीप मान, किसान