{"_id":"5ba688bd867a55013270f625","slug":"21537640637-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद से भरी मालगाड़ी की बोगी उतरी पटरी से, दस घंटे में चढ़ी पटरी पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद से भरी मालगाड़ी की बोगी उतरी पटरी से, दस घंटे में चढ़ी पटरी पर
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार अल सुबह करीब ढाई बजे मालगाड़ी के चालक की लापरवाही के कारण पटरी से मालगाड़ी की बोगी उतर गई। जिस कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। ऐसे में काफी दूर तक बोगी सड़क पर ही चलती रही। इस दौरान सुबह से दोपहर तक एडीआरएम राजीव भी करनाल व तरावड़ी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए हुए थे। जिस कारण रेलवे कर्मचारियों के हाथ पांव फूले हुए थे और करीब दस घंटे बाद वह डिब्बा पटरी पर चढ़ा। बता दें शुक्रवार अल सुबह करीब ढाई बजे खाद के कट्टे लेकर मालगाड़ी करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। गोदाम की तरफ चालक मालगाड़ी को बैक कर ला रहा था। पटरी पर बैरियल भी लगा हुआ था लेकिन फिर भी चालक मालगाड़ी को पीछे करता रहा और बैरियल तोड़ कर पिछली बोगी सड़क पर काफी दूर तक चली। इस बोगी में भी खाद के कट्टे लदे हुए थे। उन कट्टों को ले जाने वाले ट्रक चालक कई घंटों तक इंतजार करते रहे। पहले तो बोगी से आधे खाद के कट्टे उतारे गए और फिर जैक की सहायता से बोगी को पटरी पर चढ़ाया।
विज्ञापन
करनाल। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार अल सुबह करीब ढाई बजे मालगाड़ी के चालक की लापरवाही के कारण पटरी से मालगाड़ी की बोगी उतर गई। जिस कारण बड़ा हादसा होने से टल गया। ऐसे में काफी दूर तक बोगी सड़क पर ही चलती रही। इस दौरान सुबह से दोपहर तक एडीआरएम राजीव भी करनाल व तरावड़ी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने आए हुए थे। जिस कारण रेलवे कर्मचारियों के हाथ पांव फूले हुए थे और करीब दस घंटे बाद वह डिब्बा पटरी पर चढ़ा। बता दें शुक्रवार अल सुबह करीब ढाई बजे खाद के कट्टे लेकर मालगाड़ी करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। गोदाम की तरफ चालक मालगाड़ी को बैक कर ला रहा था। पटरी पर बैरियल भी लगा हुआ था लेकिन फिर भी चालक मालगाड़ी को पीछे करता रहा और बैरियल तोड़ कर पिछली बोगी सड़क पर काफी दूर तक चली। इस बोगी में भी खाद के कट्टे लदे हुए थे। उन कट्टों को ले जाने वाले ट्रक चालक कई घंटों तक इंतजार करते रहे। पहले तो बोगी से आधे खाद के कट्टे उतारे गए और फिर जैक की सहायता से बोगी को पटरी पर चढ़ाया।