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12 मई को सरकारी खरीद हो चुकी बंद, इंद्री में खरीदा जा रहा यूपी का गेहूं
Updated Thu, 17 May 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)।
प्रदेश सरकार द्वारा अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, बावजूद इसके इंद्री अनाज मंडी में खुलेआम गेहूं आ रहा है और उसे खरीदा जा रहा है। इससे भी बड़ी बात ये है कि उत्तर प्रदेश से ये गेहूं आ रहा है और हरियाणा की खरीद एजेंसियों के माध्यम से इसे खरीदा जा रहा है।
गेहूं को बारदानों में भरने से पहले न तो उसकी सफाई की जाती है, बल्कि आते ही उसे तुरंत कट्टों में भर दिया जाता है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर खरीद बंद होने के बाद भी किस प्रकार से गेहूं की खरीद की जा रही है। मंडी के आढ़तियों ने आशंका जताई कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से सब चल रहा है।
मामले के अनुसार, 14 मई रात को इंद्री अनाज मंडी में यूपी का गेहूं ट्रॉले में भर कर पहुंचा। इसकी जानकारी एक आढ़ती ने मीडिया को दी और पूरे मामले की वीडियो बना ली। वीडियो के अनुसार, इंद्री अनाजमंडी में अलग-अलग फड़ पर करीब 8 से 10 ट्रॉले यूपी से व्यापारियों द्वारा लाए गए। इनके गेहूं को इंद्री मंडी में तुलाई के बाद सरकारी बारदाने में आनन फानन में भर दिया गया। मामले को लेकर अनाजमंडी की लेबर से ट्रॉलों के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, परंतु गेहूं लगातार मंडी आ रहा है, जिसकी हमें तुलाई करके बारदानों में भरने के आदेश हैं।
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बता दें कि यूपी के व्यापारियों के गेहूं की खरीद प्रदेश की मंडियों में बैन है। विभाग के एसीएस की ओर से जारी आदेशों में कहा गया था कि अगर कोई ऐसा करता है तो संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सचिव के खिलाफ भाकियू ने दिया था धरना
गौरतलब है कि इससे पहले भी ब्याना और इंद्री की मंडी में धड़ल्ले से यूपी के व्यापारियों के गेहूं को खरीदा गया। ब्याना में भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने यूपी के व्यापारी का गेहूं पकड़ा था, लेकिन मार्केट कमेटी के सचिव सुंदर सिंह से खुद पुलिस चौकी से छुड़वाकर ले गए थे। बाद भाकियू ने सचिव के खिलाफ धरना दिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, 8 मई को अमर उजाला में यूपी का गेहूं शीर्षक खबर प्रकाशित होने के बाद इंद्री अनाजमंडी के सचिव सुंदर सिंह द्वारा चार आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किए गए थे।
सचिव ने फोन नहीं उठाया, इंस्पेक्टर ने कहा, मुझे नहीं पता
इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव सुंदर सिंह को फोन किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब हैफेड की ओर से इंद्री मंडी में खरीद के इंचार्ज चंद्रप्रकाश से बात की गई तो उन्होंने कहा मुझे कोई जानकारी नहीं है, इस बारे में डीएम से बात करें।
खरीद हो चुकी बंद, कराएंगे जांच : डीएफएससी
जब इस मामले को लेकर डीएफएससी कुशल बूरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद कई दिन पहले बंद की जा चुकी है। यदि इंद्री अनाजमंडी में यूपी से गेहूं आया है तो इसकी जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि अनाजमंडी सचिव सुंदर सिंह से बात की जाएगी।
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इंद्री (करनाल)।
प्रदेश सरकार द्वारा अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, बावजूद इसके इंद्री अनाज मंडी में खुलेआम गेहूं आ रहा है और उसे खरीदा जा रहा है। इससे भी बड़ी बात ये है कि उत्तर प्रदेश से ये गेहूं आ रहा है और हरियाणा की खरीद एजेंसियों के माध्यम से इसे खरीदा जा रहा है।
गेहूं को बारदानों में भरने से पहले न तो उसकी सफाई की जाती है, बल्कि आते ही उसे तुरंत कट्टों में भर दिया जाता है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर खरीद बंद होने के बाद भी किस प्रकार से गेहूं की खरीद की जा रही है। मंडी के आढ़तियों ने आशंका जताई कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से सब चल रहा है।
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मामले के अनुसार, 14 मई रात को इंद्री अनाज मंडी में यूपी का गेहूं ट्रॉले में भर कर पहुंचा। इसकी जानकारी एक आढ़ती ने मीडिया को दी और पूरे मामले की वीडियो बना ली। वीडियो के अनुसार, इंद्री अनाजमंडी में अलग-अलग फड़ पर करीब 8 से 10 ट्रॉले यूपी से व्यापारियों द्वारा लाए गए। इनके गेहूं को इंद्री मंडी में तुलाई के बाद सरकारी बारदाने में आनन फानन में भर दिया गया। मामले को लेकर अनाजमंडी की लेबर से ट्रॉलों के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, परंतु गेहूं लगातार मंडी आ रहा है, जिसकी हमें तुलाई करके बारदानों में भरने के आदेश हैं।
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बता दें कि यूपी के व्यापारियों के गेहूं की खरीद प्रदेश की मंडियों में बैन है। विभाग के एसीएस की ओर से जारी आदेशों में कहा गया था कि अगर कोई ऐसा करता है तो संबंधित मार्केट कमेटी के सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सचिव के खिलाफ भाकियू ने दिया था धरना
गौरतलब है कि इससे पहले भी ब्याना और इंद्री की मंडी में धड़ल्ले से यूपी के व्यापारियों के गेहूं को खरीदा गया। ब्याना में भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने यूपी के व्यापारी का गेहूं पकड़ा था, लेकिन मार्केट कमेटी के सचिव सुंदर सिंह से खुद पुलिस चौकी से छुड़वाकर ले गए थे। बाद भाकियू ने सचिव के खिलाफ धरना दिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, 8 मई को अमर उजाला में यूपी का गेहूं शीर्षक खबर प्रकाशित होने के बाद इंद्री अनाजमंडी के सचिव सुंदर सिंह द्वारा चार आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किए गए थे।
सचिव ने फोन नहीं उठाया, इंस्पेक्टर ने कहा, मुझे नहीं पता
इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव सुंदर सिंह को फोन किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब हैफेड की ओर से इंद्री मंडी में खरीद के इंचार्ज चंद्रप्रकाश से बात की गई तो उन्होंने कहा मुझे कोई जानकारी नहीं है, इस बारे में डीएम से बात करें।
खरीद हो चुकी बंद, कराएंगे जांच : डीएफएससी
जब इस मामले को लेकर डीएफएससी कुशल बूरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद कई दिन पहले बंद की जा चुकी है। यदि इंद्री अनाजमंडी में यूपी से गेहूं आया है तो इसकी जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि अनाजमंडी सचिव सुंदर सिंह से बात की जाएगी।