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जिम निर्माण में 20 लाख खर्चे, उपकरण एक भी नहीं लगा
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जिम निर्माण में 20 लाख खर्चे, उपकरण एक भी नहीं लगा
सीआईडी और सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। गांव कतलाहेड़ी में पंचायती ओपन जिम के निर्माण में बीस लाख की ग्रांट लग चुकी है, लेकिन यह जिम अभी व्यायाम लायक नहीं बना है। यहां वर्तमान में लंबी-लंबी घास उगी है। इस पंचायती ओपन जिम का बुधवार को सीआईडी व सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। मौके पर टीम को व्यायाम करने का एक भी उपकरण नहीं मिला।
जिम में इतनी लंबी-लंबी घास है कि देखकर नहीं कहा जा सकता कि यहां कोई ट्रेक भी बना है। दो एकड़ पंचायती जमीन में बने इस जिम में महज 60 गुणा 40 का शेड बना है। जिम में तालाब की खुदाई कर मिट्टी डलवाई गई थी। जानकारी के अनुसार करीब चार साल पहले बनी जिम के लिए 35 लाख की ग्रांट पास हुई थी। 20 लाख की ग्रांट लग चुकी है।
अब इस मामले की जांच शुरू हो चुकी है। इसकी जांच के तहत सीआईडी इंस्पेक्टर बलीराम के नेतृत्व में टीम ने करीब आधे घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के एसआई दिलावर सिंह, सीआईडी सत्यपाल व एएसआई तरुण कुमार भी मौजूद थे।
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व्यायामशाला में नहीं टायलेट
सीआईडी इंस्पेक्टर बलीराम के अनुसार व्यायामशाला में न तो कोई शौचालय बना था, न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था थी। जबकि व्यायामशाला की चहारदीवारी में जनस्वास्थ्य विभाग का ट्यूबवेल लगा है, लेकिन व्यायामशाला में कोई कनेक्शन नहीं है। 20 लाख में महज चार दीवारी व शैड व एक ट्रेक ही बन पाया है।
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सीआईडी और सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। गांव कतलाहेड़ी में पंचायती ओपन जिम के निर्माण में बीस लाख की ग्रांट लग चुकी है, लेकिन यह जिम अभी व्यायाम लायक नहीं बना है। यहां वर्तमान में लंबी-लंबी घास उगी है। इस पंचायती ओपन जिम का बुधवार को सीआईडी व सीएम फ्लाइंग स्क्वॉयड की टीम ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। मौके पर टीम को व्यायाम करने का एक भी उपकरण नहीं मिला।
जिम में इतनी लंबी-लंबी घास है कि देखकर नहीं कहा जा सकता कि यहां कोई ट्रेक भी बना है। दो एकड़ पंचायती जमीन में बने इस जिम में महज 60 गुणा 40 का शेड बना है। जिम में तालाब की खुदाई कर मिट्टी डलवाई गई थी। जानकारी के अनुसार करीब चार साल पहले बनी जिम के लिए 35 लाख की ग्रांट पास हुई थी। 20 लाख की ग्रांट लग चुकी है।
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अब इस मामले की जांच शुरू हो चुकी है। इसकी जांच के तहत सीआईडी इंस्पेक्टर बलीराम के नेतृत्व में टीम ने करीब आधे घंटे तक बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के एसआई दिलावर सिंह, सीआईडी सत्यपाल व एएसआई तरुण कुमार भी मौजूद थे।
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व्यायामशाला में नहीं टायलेट
सीआईडी इंस्पेक्टर बलीराम के अनुसार व्यायामशाला में न तो कोई शौचालय बना था, न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था थी। जबकि व्यायामशाला की चहारदीवारी में जनस्वास्थ्य विभाग का ट्यूबवेल लगा है, लेकिन व्यायामशाला में कोई कनेक्शन नहीं है। 20 लाख में महज चार दीवारी व शैड व एक ट्रेक ही बन पाया है।