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जिस विषय का रहा रिजल्ट खराब उसी अध्यापक को जारी होगा नोटिस, लिस्ट कर रहे हैं तैयार
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। दसवीं और 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित हुए 20 दिन बीत चुके हैं। अब शिक्षा विभाग उन अध्यापकों की लिस्ट तैयार कर रहा है, जिनका दसवीं व 12वीं की परीक्षा में रिजल्ट खराब रहा है। इन सभी अध्यापकों को शिक्षा विभाग द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और रिजल्ट खराब होने का कारण पूछा जाएगा।
इतना ही नहीं शिक्षा विभाग की ओर उन सभी सरकारी स्कूलों को रिजल्ट घोषित किया जाएगा, जिनका रिजल्ट बोर्ड के कुल रिजल्ट से कम है। इसके साथ ही जिन अध्यापकों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, उस टीचर की विभाग द्वारा काउंसलिंग कराई जाएगी कि उसके विषय का रिजल्ट कम क्यों रहा है। यह निर्देश रिजल्ट आने के 20 दिन बाद पंचकूला में 7 मई को एसीएसएसई धीरा खंडेलवाल द्वारा सभी डीईओ के साथ ली मीटिंग में दिए। इससे यह साबित हो गया है कि शिक्षा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कितना गंभीर है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन शिक्षा का स्तर आज भी वहीं अटका हुआ है। हालांकि, एक-दो प्रतिशत रिजल्ट बढ़ा है, लेकिन प्राइवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों का शिक्षा स्तर बहुत कम है। बता दें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा 19 मई को 12वीं और 21 मई को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया गया था।
स्टाफ होने के बावजूद भी कम आया रिजल्ट
मीटिंग के दौरान बात सामने आई की जिन सरकारी स्कूलों में पूरा स्टाफ है, उन स्कूलों का भी रिजल्ट बहुत कम आया है। इस लिए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया कि रिजल्ट खराब आने में टीचर की ओर से ही लापरवाही हुई है। इसी कारण इस बार टीचर के नाम ही नोटिस जारी होगा और उसे बताना होगा की उसके पास शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों का परिणाम खराब क्यूं रहा।
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बोर्ड और जिले का ये रहा था रिजल्ट
इस बार भिवानी बोर्ड का 12वीं कक्षा का ओवर ऑल रिजल्ट का परिणाम 63.84 प्रतिशत रहा है। जिले की बात करें तो 12वीं कक्षा का बोर्ड से ज्यादा 64 प्रतिशत रहा है और पिछले साल 62.34 प्रतिशत था। इसी प्रकार दसवीं कक्षा का परिणाम 51.15 प्रतिशत रहा तो वहीं जिला का रिजल्ट 44.99 प्रतिशत रहा, पिछले साल दसवीं का परिणाम इससे भी कम 41.35 प्रतिशत ही रहा था।
33 प्रतिशत से कम 93 स्कूलों का आया रिजल्ट
जिले में सरकारी सेकेंडरी स्कूल 66 हैं और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या 106 हैं। इस बार दसवीं कक्षा के परिणाम में जीरो प्रतिशत दो स्कूलों का रिजल्ट रहा है, वहीं, दसवीं कक्षा में ही जीरो से 10 प्रतिशत रिजल्ट दस स्कूलों का रहा और 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत 26 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट रहा है। जिन स्कूलों का रिजल्ट 20 से 33 प्रतिशत रहा है, वे 55 स्कूल हैं। इनमें दसवीं कक्षा वाले 49 और 12वीं कक्षा वाले 6 स्कूल शामिल हैं। इसी प्रकार 0 से 33 प्रतिशत से कम रिजल्ट 93 स्कूलों का आया है।
जिन सरकारी स्कूलों का बोर्ड के रिजल्ट से कम रिजल्ट रहा है उन सभी स्कूलों और जिन विषयों को सबसे खराब रिजल्ट रहा है उन टीचरों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। विषय के अनुसार टीचरों की लिस्ट तैयार की जा रही है और जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।-सरोज बाला गुर, डीईओ, करनाल।
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करनाल। दसवीं और 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित हुए 20 दिन बीत चुके हैं। अब शिक्षा विभाग उन अध्यापकों की लिस्ट तैयार कर रहा है, जिनका दसवीं व 12वीं की परीक्षा में रिजल्ट खराब रहा है। इन सभी अध्यापकों को शिक्षा विभाग द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और रिजल्ट खराब होने का कारण पूछा जाएगा।
इतना ही नहीं शिक्षा विभाग की ओर उन सभी सरकारी स्कूलों को रिजल्ट घोषित किया जाएगा, जिनका रिजल्ट बोर्ड के कुल रिजल्ट से कम है। इसके साथ ही जिन अध्यापकों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, उस टीचर की विभाग द्वारा काउंसलिंग कराई जाएगी कि उसके विषय का रिजल्ट कम क्यों रहा है। यह निर्देश रिजल्ट आने के 20 दिन बाद पंचकूला में 7 मई को एसीएसएसई धीरा खंडेलवाल द्वारा सभी डीईओ के साथ ली मीटिंग में दिए। इससे यह साबित हो गया है कि शिक्षा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर कितना गंभीर है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन शिक्षा का स्तर आज भी वहीं अटका हुआ है। हालांकि, एक-दो प्रतिशत रिजल्ट बढ़ा है, लेकिन प्राइवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों का शिक्षा स्तर बहुत कम है। बता दें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा 19 मई को 12वीं और 21 मई को दसवीं कक्षा का परिणाम घोषित किया गया था।
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स्टाफ होने के बावजूद भी कम आया रिजल्ट
मीटिंग के दौरान बात सामने आई की जिन सरकारी स्कूलों में पूरा स्टाफ है, उन स्कूलों का भी रिजल्ट बहुत कम आया है। इस लिए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया कि रिजल्ट खराब आने में टीचर की ओर से ही लापरवाही हुई है। इसी कारण इस बार टीचर के नाम ही नोटिस जारी होगा और उसे बताना होगा की उसके पास शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों का परिणाम खराब क्यूं रहा।
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बोर्ड और जिले का ये रहा था रिजल्ट
इस बार भिवानी बोर्ड का 12वीं कक्षा का ओवर ऑल रिजल्ट का परिणाम 63.84 प्रतिशत रहा है। जिले की बात करें तो 12वीं कक्षा का बोर्ड से ज्यादा 64 प्रतिशत रहा है और पिछले साल 62.34 प्रतिशत था। इसी प्रकार दसवीं कक्षा का परिणाम 51.15 प्रतिशत रहा तो वहीं जिला का रिजल्ट 44.99 प्रतिशत रहा, पिछले साल दसवीं का परिणाम इससे भी कम 41.35 प्रतिशत ही रहा था।
33 प्रतिशत से कम 93 स्कूलों का आया रिजल्ट
जिले में सरकारी सेकेंडरी स्कूल 66 हैं और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या 106 हैं। इस बार दसवीं कक्षा के परिणाम में जीरो प्रतिशत दो स्कूलों का रिजल्ट रहा है, वहीं, दसवीं कक्षा में ही जीरो से 10 प्रतिशत रिजल्ट दस स्कूलों का रहा और 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत 26 सरकारी स्कूलों का रिजल्ट रहा है। जिन स्कूलों का रिजल्ट 20 से 33 प्रतिशत रहा है, वे 55 स्कूल हैं। इनमें दसवीं कक्षा वाले 49 और 12वीं कक्षा वाले 6 स्कूल शामिल हैं। इसी प्रकार 0 से 33 प्रतिशत से कम रिजल्ट 93 स्कूलों का आया है।
जिन सरकारी स्कूलों का बोर्ड के रिजल्ट से कम रिजल्ट रहा है उन सभी स्कूलों और जिन विषयों को सबसे खराब रिजल्ट रहा है उन टीचरों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। विषय के अनुसार टीचरों की लिस्ट तैयार की जा रही है और जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।-सरोज बाला गुर, डीईओ, करनाल।