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मुआवजे को लेकर गरजे ग्रामीण
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:50 PM IST
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मुआवजे को लेकर गरजे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
एक कंपनी में तैनात कर्मचारी के घायल होने के बावजूद उसे मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने रोष जाहिर किया है। इस दौरान युवा बोलेगा मंच के सदस्यों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कंपनी ने मुआवजा नहीं दिया तो वे आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि 2013 में हरदीप नाम का नौजवान गांव गगसीना का एक कंपनी में कार्य करता था और जब वह मशीन चला रहा था तो उसके हाथ की पांचों उंगलियां कट गई। दुर्घटना होने के बाद वहां मौके पर मौजूद मालिक और कंपनी मैनेजर ने हरदीप के घरवालों को आश्वासन देते हुए कहा कि आप इलाज करवा लो और दोबारा नौकरी पर भी रख लिया जाएगा और तीन हजार के हिसाब से जिंदगी भर पेंशन दी जाएगी। इसी के साथ साथ मुआवजा भी दिया जाएगा, लेकिन गौरतलब की बात ये रही यह सभी बातें बोलने तक ही सीमित रह गई। उस समय इन बातों का दिलासा देकर हाथ कटने वाले हरदीप के परिवार ने मानवीय आधार इंसानियत के तौर पर कोई केस भी दर्ज नहीं करवाया। बीच-बीच में हरदीप के पिता सुखपाल कंपनी में लड़के के न्याय के लिए बार-बार जाते रहे, लेकिन कभी भी मालिक से मिलने नहीं दिया गया। जेपी शेखपुरा, पीड़ित युवक हरदीप, हरदीप की मां संतोष देवी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
एक कंपनी में तैनात कर्मचारी के घायल होने के बावजूद उसे मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने रोष जाहिर किया है। इस दौरान युवा बोलेगा मंच के सदस्यों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कंपनी ने मुआवजा नहीं दिया तो वे आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि 2013 में हरदीप नाम का नौजवान गांव गगसीना का एक कंपनी में कार्य करता था और जब वह मशीन चला रहा था तो उसके हाथ की पांचों उंगलियां कट गई। दुर्घटना होने के बाद वहां मौके पर मौजूद मालिक और कंपनी मैनेजर ने हरदीप के घरवालों को आश्वासन देते हुए कहा कि आप इलाज करवा लो और दोबारा नौकरी पर भी रख लिया जाएगा और तीन हजार के हिसाब से जिंदगी भर पेंशन दी जाएगी। इसी के साथ साथ मुआवजा भी दिया जाएगा, लेकिन गौरतलब की बात ये रही यह सभी बातें बोलने तक ही सीमित रह गई। उस समय इन बातों का दिलासा देकर हाथ कटने वाले हरदीप के परिवार ने मानवीय आधार इंसानियत के तौर पर कोई केस भी दर्ज नहीं करवाया। बीच-बीच में हरदीप के पिता सुखपाल कंपनी में लड़के के न्याय के लिए बार-बार जाते रहे, लेकिन कभी भी मालिक से मिलने नहीं दिया गया। जेपी शेखपुरा, पीड़ित युवक हरदीप, हरदीप की मां संतोष देवी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।