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महाशिवरात्री आज, मंदिरों में उमड़ने लगी शिवभक्तों की भीड़
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:54 PM IST
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महाशिवरात्रि आज, मंदिरों में उमड़ने लगी शिवभक्तों की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सावन माह का महाशिवरात्रि का पर्व आज है। इस पर्व पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए गुरुवार देर शाम से ही मंदिरों में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों की भीड़ देखकर शहर के प्रमुख मंदिरों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। मंदिरों को जहां सजाया गया है, वहीं भक्त मंदिर के अंदर आसानी से पहुंच सके, इसके लिए भी सभी मंदिरों में कतारबध व्यवस्था की गई है। शिवरात्रि पर भगवान शिव को जलाभिषेक के लिए गंगा जल लाने हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी आदि जगहों पर गए शिव भक्त अब अपने शहर लौटने लगे हैं। कांवड़ लेकर आने वाले भक्तों की शाम से ही मंदिरों में भीड़ बढ़ने लगी है। भक्त मंदिरों के सामने इस उम्मीद से डटे हुए है कि उन्हें शुभ मुहुर्त शुरू होते ही जलाभिषेक करने का जल्द मौका मिलेगा। जीटी रोड स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सर्राफा बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर, सदर बाजार स्थित रघुनाथ मंदिर, रेलवे रोड स्थित क्षमा मंदिर और कुंजपुरा रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर को शिवरात्री के उपलक्ष्य में भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिरों में भगवान के दर्शन करने के लिए जहां सुबह के समय भक्तों की भीड़ लग रही है, वहीं शाम के समय मेला भी लग रहा है।
शाम 9 बजकर 49 मिनट से शुरू होगा चतुर्दशी तिथि
21 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 49 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी और अगले दिन यानी कि 22 जुलाई को 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। इस दौरान सभी शिवभक्त भक्तिभाव से शिवपूजन में संलग्न होते हैं। आचार्य यशपाल हंस के अनुसार ब्रह्म मुहुर्त में जलाभिषेक किया जा सकता है। जलाभिषेक 22 की सुबह भी किया जा सकता है। प्रदोष काल शाम के नौ बजे से शुरू हो रहा है। इस वजह से शाम से होने वाला जलाभिषेक विशेष महत्व का है। शिवभक्त शिव की विशेष पूजा चार पहर में कर सकते हैं। इसमें शाम 8 से 10, 10 से 12, 12 से 2 और 2 से 4 बजे। दूध, दही, घी, गंगाजल, भांग, धतूरा, बेलपत्र, बेल, गन्ने के रस से पूजा कर सकते हैं। चतुर्दशी होने के कारण शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे से पहले भी जलाभिषेक हो सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सावन माह का महाशिवरात्रि का पर्व आज है। इस पर्व पर भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए गुरुवार देर शाम से ही मंदिरों में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों की भीड़ देखकर शहर के प्रमुख मंदिरों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। मंदिरों को जहां सजाया गया है, वहीं भक्त मंदिर के अंदर आसानी से पहुंच सके, इसके लिए भी सभी मंदिरों में कतारबध व्यवस्था की गई है। शिवरात्रि पर भगवान शिव को जलाभिषेक के लिए गंगा जल लाने हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी आदि जगहों पर गए शिव भक्त अब अपने शहर लौटने लगे हैं। कांवड़ लेकर आने वाले भक्तों की शाम से ही मंदिरों में भीड़ बढ़ने लगी है। भक्त मंदिरों के सामने इस उम्मीद से डटे हुए है कि उन्हें शुभ मुहुर्त शुरू होते ही जलाभिषेक करने का जल्द मौका मिलेगा। जीटी रोड स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर, सर्राफा बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर, सदर बाजार स्थित रघुनाथ मंदिर, रेलवे रोड स्थित क्षमा मंदिर और कुंजपुरा रोड स्थित सनातन धर्म मंदिर को शिवरात्री के उपलक्ष्य में भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिरों में भगवान के दर्शन करने के लिए जहां सुबह के समय भक्तों की भीड़ लग रही है, वहीं शाम के समय मेला भी लग रहा है।
शाम 9 बजकर 49 मिनट से शुरू होगा चतुर्दशी तिथि
21 जुलाई को रात्रि 9 बजकर 49 मिनट से चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी और अगले दिन यानी कि 22 जुलाई को 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। इस दौरान सभी शिवभक्त भक्तिभाव से शिवपूजन में संलग्न होते हैं। आचार्य यशपाल हंस के अनुसार ब्रह्म मुहुर्त में जलाभिषेक किया जा सकता है। जलाभिषेक 22 की सुबह भी किया जा सकता है। प्रदोष काल शाम के नौ बजे से शुरू हो रहा है। इस वजह से शाम से होने वाला जलाभिषेक विशेष महत्व का है। शिवभक्त शिव की विशेष पूजा चार पहर में कर सकते हैं। इसमें शाम 8 से 10, 10 से 12, 12 से 2 और 2 से 4 बजे। दूध, दही, घी, गंगाजल, भांग, धतूरा, बेलपत्र, बेल, गन्ने के रस से पूजा कर सकते हैं। चतुर्दशी होने के कारण शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे से पहले भी जलाभिषेक हो सकता है।
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