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गोष्ठी में भाकपा ने की किसानों की समस्या पर चर्चा
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ने रविवार को पार्टी कार्यालय में आपातकाल पर गोष्ठी की। जिसमें भाकपा (माले) राज्य प्रभारी एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत मुख्यअतिथि रहे। वहीं गोष्ठी की अध्यक्षता राज्य लीडिंग टीम के सदस्य कामरेड ओम प्रकाश आर्य और संचालन कामरेड महेन्द्र सिंह चोपड़ा राज्य सचिव भाकपा (माले) ने किया। गोष्ठी में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी में मोदी काल में अघोषित आपातकाल के विषय पर चर्चा की गई। संगठन के सदस्यों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानों की हत्या से समूचे देश को चाहे जितना बड़ा सदमा लगा हो, चाहे जितना आक्रोश पैदा हुआ हो, लेकिन भाजपा इससे जरा भी परेशान नहीं है। भाजपा इसका दोष राज्य सरकार को बदनाम करने और अस्थिरता पैदा करने के लिए विपक्ष द्वारा की गई साजिश के मत्थे मढ़ रही है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी, जो विदेशों में कहीं किसी की भी जान चली जाये तो उस पर ट्वीट करते रहते हैं, लेकिन इस घटना पर उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया। गोष्ठी में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर भाकपा (माले) लीडिंग टीम के सदस्य कामरेड कृष्ण सैनी, कामरेड ललित सक्सेना, कामरेड ईश्वर पाल, कामरेड बलजीत सैनी, कामरेड अशोक कुमार गुप्ता, आईसा के नेता कामरेड प्रदीप पाल, सांस्कृतिक कर्मी कामरेड ओम प्रकाश बीड बीडालवा, कामरेड मुकन्द सिंह, कामरेड रमेश, कामरेड मदन लाल आदि ने भाग लिया।
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करनाल। भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ने रविवार को पार्टी कार्यालय में आपातकाल पर गोष्ठी की। जिसमें भाकपा (माले) राज्य प्रभारी एवं अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत मुख्यअतिथि रहे। वहीं गोष्ठी की अध्यक्षता राज्य लीडिंग टीम के सदस्य कामरेड ओम प्रकाश आर्य और संचालन कामरेड महेन्द्र सिंह चोपड़ा राज्य सचिव भाकपा (माले) ने किया। गोष्ठी में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी में मोदी काल में अघोषित आपातकाल के विषय पर चर्चा की गई। संगठन के सदस्यों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में किसानों की हत्या से समूचे देश को चाहे जितना बड़ा सदमा लगा हो, चाहे जितना आक्रोश पैदा हुआ हो, लेकिन भाजपा इससे जरा भी परेशान नहीं है। भाजपा इसका दोष राज्य सरकार को बदनाम करने और अस्थिरता पैदा करने के लिए विपक्ष द्वारा की गई साजिश के मत्थे मढ़ रही है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी, जो विदेशों में कहीं किसी की भी जान चली जाये तो उस पर ट्वीट करते रहते हैं, लेकिन इस घटना पर उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया। गोष्ठी में किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर भाकपा (माले) लीडिंग टीम के सदस्य कामरेड कृष्ण सैनी, कामरेड ललित सक्सेना, कामरेड ईश्वर पाल, कामरेड बलजीत सैनी, कामरेड अशोक कुमार गुप्ता, आईसा के नेता कामरेड प्रदीप पाल, सांस्कृतिक कर्मी कामरेड ओम प्रकाश बीड बीडालवा, कामरेड मुकन्द सिंह, कामरेड रमेश, कामरेड मदन लाल आदि ने भाग लिया।