फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   जिले की 66 ग्राम पंचायतों में 650 नलों पर नहीं हैं टूटियां, व्यर्थ बह रहा है पानी

जिले की 66 ग्राम पंचायतों में 650 नलों पर नहीं हैं टूटियां, व्यर्थ बह रहा है पानी

Thu, 21 Jun 2018 11:52 PM IST
Updated Thu, 21 Jun 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
जिले की 66 ग्राम पंचायतों में 650 नलों पर नहीं हैं टूटियां, व्यर्थ बह रहा है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। भारत सरकार की जल संरक्षण नीति के तहत सभी प्रदेशों के डार्क जोन एरिया को चिह्नित किया गया है। इसमें जिला करनाल का खंड करनाल भी शामिल है, जो कि डार्क जोन एरिया में गिना जाता है। सरकार के एकीकृत जल संरक्षण कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए खंड करनाल की 66 ग्राम पंचायतों का सर्वे करवाया गया है। इसमें पाया गया कि इन ग्राम पंचायतों में लगभग 650 नल ऐसे हैं, जिन पर टोंटियां नहीं लगी हुई हैं। इस कारण से प्रतिदिन कई हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए व डार्क जोन एरिया में जल संरक्षण की कवायद के लिए यह सर्वे करवाया गया है।
एडीसी निशांत यादव ने बताया कि एकीकृत जल संरक्षण कार्यक्रम के तहत जिला मेें जल संरक्षण तथा जल संचयन योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। जिन 66 ग्राम पंचायतों का सर्वे किया गया है, उनमें जन स्वास्थ्य विभाग की मदद से टोंटियां लगाई जाएंगी, ताकि जल की बर्बादी न हो। उन्होंने बताया कि जिला में जल की बर्बादी न हो इसके प्रति जिला प्रशासन काफी सजग है। इसके लिए स्थानीय एनजीओ की मदद से गांवों में जल संरक्षण संबंधी जागरूकता शिविर भी लगाएं जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को जल बचाव तथा जल संचयन के बारे में जागरूक किया जा सके।
विज्ञापन

इस बारे में जिला योजना अधिकारी संगीता मेहता ने बताया कि भूमिगत जल संरक्षण के लिए एडीसी के निर्देशानुसार जिला में यह सर्वे करवाया गया। इस कार्य में सहायक योजना अधिकारी डॉ. विजय कौशिक का अहम रोल रहा, जिन्होंने पूरे सर्वे को कंपाइल करके आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत किया तथा पूरे सर्वे कार्य की स्वयं मॉनीटरिंग भी किया। वहीं, सहायक योजना अधिकारी डॉ. विजय कौशिक ने बताया कि पानी लिकेज भी एक गंभीर समस्या है, जिसके प्रति लोगों को जागरूक किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि जल ही जीवन है कि नीति तभी कामयाब हो सकती है जब प्रत्येक व्यक्ति जल की व्यर्थ बर्बादी को देखकर तुरंत प्रभाव में आकर उसको बर्बाद होने से रोकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed