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मानसून से पहले प्री-मानसून की बारिश में बही स्मार्ट सड़क
Updated Sat, 01 Jul 2017 10:31 PM IST
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मानसून से पहले प्री-मानसून की बारिश में बही स्मार्ट सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी को स्मार्ट सिटी बनाने का ख्वाब देख रहा प्रशासन प्री-मानसून की बारिश में स्मार्ट सड़क को भी नहीं बचा पाया। करोड़ों रुपये की लागत से बनी स्मार्ट सड़क पहली बारिश में ही दर्जनों जगह से मिट्टी के साथ बह गई। जिससे सड़क पर अब जगह-जगह पर गड्ढे हो गए हैं। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने वर्ष 2015 में अपने शहर में बड़ली बाईपास से लेकर अंबेडकर चौक तक की करीब दो किलोमीटर सड़क को स्मार्ट सड़क बनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद करीब 12 करोड़ रुपये खर्च कर इस सड़क को अक्टूबर 2016 में स्मार्ट बनाया गया।
अंबाला, इंद्री, तरावड़ी, यमुनानगर जैसी जगहों पर जाने वाले शहर के लोग इस सड़क से होकर निकलते हैं। जिसके कारण इस सड़क पर 24 घंटे वाहनों का आवागमन बना रहता है। स्मार्ट सड़क बनाकर प्रशासन व सरकार ने काफी सुर्खियां भी बटोरी, लेकिन ऊपर से साफ-सुथरी और चमकदार दिखने वाली यह सड़क अंदर से खोखली निकली और तीन दिन की बारिश भी नहीं झेल पाई। अब इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। सेक्टर-13 के रहने वाले मनीष व राजकुमार ने कहा कि प्रशासन ने एक साल में जिस सड़क को बनाया, वह सड़क एक साल भी नहीं चल पाई। इससे साफ जाहिर होता है कि सड़क के निर्माण में किस तरह के घटिया मैटीरियल का उपयोग किया गया। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम मिलकर अगर एक स्मार्ट सड़क नहीं बना पाए तो वे शहर को कैसे स्मार्ट बनाएंगे।
बारिश काफी तेज थी, जिसके कारण सड़क को नुकसान हुआ। नई सड़क होने के कारण मिट्टी पानी के साथ बह गई। सड़क टूटने की जानकारी मिल चुकी है। आज ही इसका लेवल करा दिया जाएगा।
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- दलेल सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सीएम सिटी को स्मार्ट सिटी बनाने का ख्वाब देख रहा प्रशासन प्री-मानसून की बारिश में स्मार्ट सड़क को भी नहीं बचा पाया। करोड़ों रुपये की लागत से बनी स्मार्ट सड़क पहली बारिश में ही दर्जनों जगह से मिट्टी के साथ बह गई। जिससे सड़क पर अब जगह-जगह पर गड्ढे हो गए हैं। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने वर्ष 2015 में अपने शहर में बड़ली बाईपास से लेकर अंबेडकर चौक तक की करीब दो किलोमीटर सड़क को स्मार्ट सड़क बनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद करीब 12 करोड़ रुपये खर्च कर इस सड़क को अक्टूबर 2016 में स्मार्ट बनाया गया।
अंबाला, इंद्री, तरावड़ी, यमुनानगर जैसी जगहों पर जाने वाले शहर के लोग इस सड़क से होकर निकलते हैं। जिसके कारण इस सड़क पर 24 घंटे वाहनों का आवागमन बना रहता है। स्मार्ट सड़क बनाकर प्रशासन व सरकार ने काफी सुर्खियां भी बटोरी, लेकिन ऊपर से साफ-सुथरी और चमकदार दिखने वाली यह सड़क अंदर से खोखली निकली और तीन दिन की बारिश भी नहीं झेल पाई। अब इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। सेक्टर-13 के रहने वाले मनीष व राजकुमार ने कहा कि प्रशासन ने एक साल में जिस सड़क को बनाया, वह सड़क एक साल भी नहीं चल पाई। इससे साफ जाहिर होता है कि सड़क के निर्माण में किस तरह के घटिया मैटीरियल का उपयोग किया गया। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम मिलकर अगर एक स्मार्ट सड़क नहीं बना पाए तो वे शहर को कैसे स्मार्ट बनाएंगे।
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बारिश काफी तेज थी, जिसके कारण सड़क को नुकसान हुआ। नई सड़क होने के कारण मिट्टी पानी के साथ बह गई। सड़क टूटने की जानकारी मिल चुकी है। आज ही इसका लेवल करा दिया जाएगा।
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- दलेल सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।