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असंध नगरपालिका में हुआ 50 कुर्सियों का टैंडर, पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:32 PM IST
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असंध नगरपालिका में हुआ 50 कुर्सियों का टेंडर, पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
असंध। असंध नगरपालिका द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को लेकर नपा के कई पार्षदों ने ही उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षद सोशल मीडिया पर सरेआम कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस कारण नपा के पार्षद दो फाड़ दिख रहे हैं। नगरपालिका ने शहर में 50 कुर्सियां (बैंच) लगवाने का टेंडर किया है। यह टेंडर आनलाइन किया गया था। इसका वर्क परमीट जारी होने के बाद ही ठेकेदार ने 50 में से 20 कुर्सियां असंध नगरपालिका के दफ्तर में भेज दी। कुर्सियां आने के बाद से ही नपा के पार्षदों ने नपा आलाकमान की बगावत करनी शुरू कर दी। नपा के एक पार्षद ने सोशल मीडिया पर बाकायदा कुर्सियों की फोटो पोस्ट कर लिखा है कि ये कुर्सियां मार्किट से 1700-1800 रुपये में खरीदी गई हैं, लेकिन इनका सरकारी मूल्य 3200 रुपये तय किया गया है। आरोप लगाया गया है कि इस कारण यहां पर प्रत्येक कुर्सी पर लगभग 1400 रुपये का घोटाला किया गया है। पार्षद ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असंध नगरपालिका में आई इन कुर्सियों की क्वालिटी न तो एमई चैक करता है न अन्य कोई। यहां पर सब काम राम भरोसे चल रहा है। इसके बाद कंई अन्य पार्षदों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 50 कुर्सियों में से प्रत्येक वार्ड के हिस्से लगभग 3 कुर्सियां आएंगी। इससे वार्ड में पार्षद के लिए समस्या बन जाएगी कि वह उन कुर्सियों को कहां रखवाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कुर्सियों को बनाने में बेहद घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है।
पार्षदों ने लगाया बिना वर्क परमीट बोर्ड बनवाने का आरोप
पार्षदों का कहना है कि नगरपालिका ने सभी पार्षदों के लिए निवास स्थान सूचक 17 बोर्ड बनवाये गए थे। ये सभी बोर्ड नपा द्वारा बिना वर्क परमीट के बनवाये थे। इन बोर्डों के लिए लगभग सवा छह लाख रुपये का टैंडर दिया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने बिना वर्क परमीट के ही 8 बोर्ड असंध नगरपालिका के कार्यालय में भेज दिए। जिन्हें लगवाने से कुछ पार्षदों ने साफ मना कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाए हैं कि ये बोर्ड घटिया क्वालिटी के बनाये गए हैं इन बोर्ड से टेप बिना लगाए ही उतरने लगी है। ये बोर्ड अभी तक असंध नगरपालिका कार्यालय में जजर हालात में पड़े हुए हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि अभी कुछ दिन पहले ही ठेकेदार को वर्क परमीट दिया गया है। इसके बाद कुछ पार्षदों के बोर्ड लगाए गए है। इस बोर्ड बनवाने में भी काफी घोटाला हुआ है।
सभी आरोप निराधार : चेयरमैन
जब इस मामले में नगरपालिका के चेयरमैन दीेपक छाबड़ा से पूछा गया तो उनका कहना था कि ये सभी आरोप निराधार है। नगरपालिका सबको साथ लेकर सबका विकास करवा रही है। शहर में बिना किसी भेदभाव के काम हो रहे हैं। लेकिन कुछ शरारती तत्व इन विकास कार्यों को हजम नहीं कर पा रहे हैं, वे मुझे बदनाम करना चाहते हैं। बिना वर्क परमीट के हमने किसी को कोई पेमेंट नही की है।
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जो भी कार्य हुआ कानून के दायरे में हुआ
इस मामले में नपा सचिव रविंद्र कुहाड़ का कहना है कि नगरपालिका के अंतर्गत जो भी कार्य करवाये जा रहे हैं वो सभी कानून के तहत ही करवाये गए हैं। कुर्सियों के टेंडर आनलाइन ही करवाये गए थे। क्वालिटी चैक करने का काम एममी का है। अभी क्वालिटी की रिपोर्ट उनके पास नही आई है। अगर कुर्सियां घटिया क्वालिटी की हैं तो उन्हें नहीं लिया जाएगा। वहीं, हमने अभी तक किसी बोर्ड की पेमेंट नही की है। इसके बावजूद भी अगर किसी ने भी गड़बड़ की है तो उसकी जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-----सोम
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अमर उजाला ब्यूरो
असंध। असंध नगरपालिका द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को लेकर नपा के कई पार्षदों ने ही उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षद सोशल मीडिया पर सरेआम कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इस कारण नपा के पार्षद दो फाड़ दिख रहे हैं। नगरपालिका ने शहर में 50 कुर्सियां (बैंच) लगवाने का टेंडर किया है। यह टेंडर आनलाइन किया गया था। इसका वर्क परमीट जारी होने के बाद ही ठेकेदार ने 50 में से 20 कुर्सियां असंध नगरपालिका के दफ्तर में भेज दी। कुर्सियां आने के बाद से ही नपा के पार्षदों ने नपा आलाकमान की बगावत करनी शुरू कर दी। नपा के एक पार्षद ने सोशल मीडिया पर बाकायदा कुर्सियों की फोटो पोस्ट कर लिखा है कि ये कुर्सियां मार्किट से 1700-1800 रुपये में खरीदी गई हैं, लेकिन इनका सरकारी मूल्य 3200 रुपये तय किया गया है। आरोप लगाया गया है कि इस कारण यहां पर प्रत्येक कुर्सी पर लगभग 1400 रुपये का घोटाला किया गया है। पार्षद ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असंध नगरपालिका में आई इन कुर्सियों की क्वालिटी न तो एमई चैक करता है न अन्य कोई। यहां पर सब काम राम भरोसे चल रहा है। इसके बाद कंई अन्य पार्षदों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 50 कुर्सियों में से प्रत्येक वार्ड के हिस्से लगभग 3 कुर्सियां आएंगी। इससे वार्ड में पार्षद के लिए समस्या बन जाएगी कि वह उन कुर्सियों को कहां रखवाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कुर्सियों को बनाने में बेहद घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है।
पार्षदों ने लगाया बिना वर्क परमीट बोर्ड बनवाने का आरोप
पार्षदों का कहना है कि नगरपालिका ने सभी पार्षदों के लिए निवास स्थान सूचक 17 बोर्ड बनवाये गए थे। ये सभी बोर्ड नपा द्वारा बिना वर्क परमीट के बनवाये थे। इन बोर्डों के लिए लगभग सवा छह लाख रुपये का टैंडर दिया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने बिना वर्क परमीट के ही 8 बोर्ड असंध नगरपालिका के कार्यालय में भेज दिए। जिन्हें लगवाने से कुछ पार्षदों ने साफ मना कर दिया। पार्षदों ने आरोप लगाए हैं कि ये बोर्ड घटिया क्वालिटी के बनाये गए हैं इन बोर्ड से टेप बिना लगाए ही उतरने लगी है। ये बोर्ड अभी तक असंध नगरपालिका कार्यालय में जजर हालात में पड़े हुए हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि अभी कुछ दिन पहले ही ठेकेदार को वर्क परमीट दिया गया है। इसके बाद कुछ पार्षदों के बोर्ड लगाए गए है। इस बोर्ड बनवाने में भी काफी घोटाला हुआ है।
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सभी आरोप निराधार : चेयरमैन
जब इस मामले में नगरपालिका के चेयरमैन दीेपक छाबड़ा से पूछा गया तो उनका कहना था कि ये सभी आरोप निराधार है। नगरपालिका सबको साथ लेकर सबका विकास करवा रही है। शहर में बिना किसी भेदभाव के काम हो रहे हैं। लेकिन कुछ शरारती तत्व इन विकास कार्यों को हजम नहीं कर पा रहे हैं, वे मुझे बदनाम करना चाहते हैं। बिना वर्क परमीट के हमने किसी को कोई पेमेंट नही की है।
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जो भी कार्य हुआ कानून के दायरे में हुआ
इस मामले में नपा सचिव रविंद्र कुहाड़ का कहना है कि नगरपालिका के अंतर्गत जो भी कार्य करवाये जा रहे हैं वो सभी कानून के तहत ही करवाये गए हैं। कुर्सियों के टेंडर आनलाइन ही करवाये गए थे। क्वालिटी चैक करने का काम एममी का है। अभी क्वालिटी की रिपोर्ट उनके पास नही आई है। अगर कुर्सियां घटिया क्वालिटी की हैं तो उन्हें नहीं लिया जाएगा। वहीं, हमने अभी तक किसी बोर्ड की पेमेंट नही की है। इसके बावजूद भी अगर किसी ने भी गड़बड़ की है तो उसकी जांच कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-----सोम