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मेडिकल कालेज में दाखिले के नाम पर 18 लाख हड़पे
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करनाल। एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर 18.05 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवक को जॉर्जिया मेडिकल कालेज लातूमी तबलिसी रूसतावली में दाखिला कराया। लेकिन पूरा पैसे लेने के बाद भी फीस नहीं भरी। इस बात का तब पता चला जब तीन सेमेस्टर की पढ़ाई करने के बाद विश्वविद्यालय ने एक साथ पूरी फीस मांग ली। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
शिव कालोनी निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि 2015 में उन्हें अपने बेटे गौतम कुमार का दाखिला एमबीबीएस में करवाना था। इसके लिए हरियाणा, यूपी और दिल्ली के कई मेडिकल कालेजों में संपर्क किया लेकिन दाखिला नहीं हो सका।
एक दिन मिडलिंक एजूकेशनल ऑर्गेनाइजेशन प्राइवेट लिमिटेड से सुदीप मिश्रा नाम के व्यक्ति का फोन आया। वे उससे मिलने उसके कार्यालय दिल्ली गए। जहां सुदीप के अलावा सहायक सुमन देवी, उसका भाई जितेंद्र कुमार, साले व पत्नी से मुलाकात हुई। दाखिला गाजियाबाद (यूपी) में करवाना तय हुआ।
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कुछ दिन बाद उनका फोन आया कि एमसीआई के नियम बदलने के कारण दाखिला भारत में नहीं हो सकता, ऐसे में वे दाखिला जॉर्जिया मेडिकल कालेज लातूमी तबलिसी रूसतावली में करवा सकते हैं। इस पर उन्होंने सहमति जताई तो चारों आरोपी 28 जनवरी 2016 को उनके घर आ गए। पांच साल के पूरे पैकेज की राशी 24 लाख रुपये में बात तय हुई। वर्ष में एक बार भारत आने जाने के लिए एयर टिकट भी शामिल थी। 13 लाख रुपये की राशि एडवांस में ले ली।
इसके बाद ढाई लाख रुपये और दिए गए। फिर गौतम का दाखिला करा 25 दिसंबर 2016 को हवाई जहाज द्वारा जॉर्जिया भेज दिया। कुछ दिन बाद सुदीप व सुमन को बकाया राशि 8.50 लाख रुपये भी दे दी गई। परंतु तीन सेमेस्टर बाद अचानक विश्वविद्यालय द्वारा पूरी फीस मांग ली गई। उन्होंने सुदीप मिश्रा से संपर्क किया तो उसने शीघ्र फीस भरने का आश्वासन दिया।
दोबारा बात की तो पता चला सुदीप मिश्रा कैंसर से पीड़ित था और उसकी पत्नी ने फोन उठाया और बताया की उनकी मृत्यु हो चुकी है और शीघ्र फीस जमा करवाने का आश्वासन दिया। जब दोबारा संपर्क किया तो तीनों (सुमन, जितेंद्र भाई और साले) ने बताया कि सारी राशि कस्तूरबा मार्ग कैलाश भवन के अनीश गोपालन के पास है। जब अनीश गोपालन से भी मिले तो सभी ने कहा कि 18.05 लाख रुपये वापस देंगे।
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शिव कालोनी निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि 2015 में उन्हें अपने बेटे गौतम कुमार का दाखिला एमबीबीएस में करवाना था। इसके लिए हरियाणा, यूपी और दिल्ली के कई मेडिकल कालेजों में संपर्क किया लेकिन दाखिला नहीं हो सका।
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एक दिन मिडलिंक एजूकेशनल ऑर्गेनाइजेशन प्राइवेट लिमिटेड से सुदीप मिश्रा नाम के व्यक्ति का फोन आया। वे उससे मिलने उसके कार्यालय दिल्ली गए। जहां सुदीप के अलावा सहायक सुमन देवी, उसका भाई जितेंद्र कुमार, साले व पत्नी से मुलाकात हुई। दाखिला गाजियाबाद (यूपी) में करवाना तय हुआ।
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कुछ दिन बाद उनका फोन आया कि एमसीआई के नियम बदलने के कारण दाखिला भारत में नहीं हो सकता, ऐसे में वे दाखिला जॉर्जिया मेडिकल कालेज लातूमी तबलिसी रूसतावली में करवा सकते हैं। इस पर उन्होंने सहमति जताई तो चारों आरोपी 28 जनवरी 2016 को उनके घर आ गए। पांच साल के पूरे पैकेज की राशी 24 लाख रुपये में बात तय हुई। वर्ष में एक बार भारत आने जाने के लिए एयर टिकट भी शामिल थी। 13 लाख रुपये की राशि एडवांस में ले ली।
इसके बाद ढाई लाख रुपये और दिए गए। फिर गौतम का दाखिला करा 25 दिसंबर 2016 को हवाई जहाज द्वारा जॉर्जिया भेज दिया। कुछ दिन बाद सुदीप व सुमन को बकाया राशि 8.50 लाख रुपये भी दे दी गई। परंतु तीन सेमेस्टर बाद अचानक विश्वविद्यालय द्वारा पूरी फीस मांग ली गई। उन्होंने सुदीप मिश्रा से संपर्क किया तो उसने शीघ्र फीस भरने का आश्वासन दिया।
दोबारा बात की तो पता चला सुदीप मिश्रा कैंसर से पीड़ित था और उसकी पत्नी ने फोन उठाया और बताया की उनकी मृत्यु हो चुकी है और शीघ्र फीस जमा करवाने का आश्वासन दिया। जब दोबारा संपर्क किया तो तीनों (सुमन, जितेंद्र भाई और साले) ने बताया कि सारी राशि कस्तूरबा मार्ग कैलाश भवन के अनीश गोपालन के पास है। जब अनीश गोपालन से भी मिले तो सभी ने कहा कि 18.05 लाख रुपये वापस देंगे।