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172 निशक्त छात्रों को नहीं मिली छात्रवृत्ति
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Fri, 10 Jan 2014 12:13 AM IST
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प्रदेश सरकार में बजट की कमी का खामियाजा निशक्त विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बजट सत्र अंतिम चरण में है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक छात्रवृत्ति की राशि नहीं भेजी गई।
छात्रवृत्ति नहीं मिलने से जिले के 172 निशक्त छात्रों को दूसरे के मुंह की ओर ताकना पड़ा रहा है। उधर, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मार्च तक छात्रवृत्ति दे दी जाएगी। इसके लिए साढ़े छह लाख रुपये की राशि जारी की जानी है।
जिले के 172 निशक्त छात्र जिला समाज कल्याण विभाग में अपनी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र जमा करा चुके हैं। वित्त वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन प्रदेश सरकार के पास रुपये न होने के कारण छात्रवृत्तियां नहीं दी गईं।
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इन्हें अपनी शिक्षा के पूरा करने के लिए समाज के दूसरों लोगों से सहायता लेनी पड़ रही है। सरकार की ओर से पहली से चौथी कक्षा के निशक्त छात्रों को तीन सौ रुपये प्रति महीना, पांचवीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को चार सौ रुपये, नौवीं से 12 कक्षा के छात्रों को पांच सौ रुपये, बीए/बीकॉम के छात्रों को छह सौ रुपये प्रति महीना, जबकि बीटेक, एलएसबी, बीएड व प्रोफे शनल डिप्लोमा करने वाले छात्र को आठ सौ रुपये व मास्टर डिग्री करने वाले छात्रों को एक हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। वर्ष के प्रारंभ में ही मिलने वाली छात्रवृत्ति में देरी होने कारण अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है।
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छात्रवृत्ति नहीं मिलने से जिले के 172 निशक्त छात्रों को दूसरे के मुंह की ओर ताकना पड़ा रहा है। उधर, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मार्च तक छात्रवृत्ति दे दी जाएगी। इसके लिए साढ़े छह लाख रुपये की राशि जारी की जानी है।
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जिले के 172 निशक्त छात्र जिला समाज कल्याण विभाग में अपनी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र जमा करा चुके हैं। वित्त वर्ष समाप्ति की ओर है, लेकिन प्रदेश सरकार के पास रुपये न होने के कारण छात्रवृत्तियां नहीं दी गईं।
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इन्हें अपनी शिक्षा के पूरा करने के लिए समाज के दूसरों लोगों से सहायता लेनी पड़ रही है। सरकार की ओर से पहली से चौथी कक्षा के निशक्त छात्रों को तीन सौ रुपये प्रति महीना, पांचवीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को चार सौ रुपये, नौवीं से 12 कक्षा के छात्रों को पांच सौ रुपये, बीए/बीकॉम के छात्रों को छह सौ रुपये प्रति महीना, जबकि बीटेक, एलएसबी, बीएड व प्रोफे शनल डिप्लोमा करने वाले छात्र को आठ सौ रुपये व मास्टर डिग्री करने वाले छात्रों को एक हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। वर्ष के प्रारंभ में ही मिलने वाली छात्रवृत्ति में देरी होने कारण अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है।