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जीएसटी वापस लेने की मांग लेकर पहुंचे व्यापारियों को मिली सीएम की नसीहत
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:07 PM IST
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जीएसटी वापस लेने की मांग लेकर पहुंचे व्यापारियों को मिली सीएम की नसीहत
- सीएम ने कहा कि जीएसटी सभी के लिए फायदेमंद, न करें इसका विरोध
-सीएम ने व्यापारियों पर दागे सवाल, व्यापारियों के पास नहीं मिले कोई ठोस जवाब
फोटो संख्या- 18
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कपड़ा व्यापार को जीएसटी मुक्त कराने की मांग लेकर सीएम से मिलने पहुंचे कपड़ा व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। सीएम ने व्यापारियों को समझाते हुए कहा कि जीएसटी व्यापारियों के लिए फायदेमंद है, इसलिए इसका विरोध करने का कोई मतलब नहीं। हालांकि, व्यापारियों द्वारा ज्यादा जोर देने पर सीएम ने उन्हें पीएम को पत्र लिखने का आश्वासन जरूर दे दिया, लेकिन इसके बाद भी वे जीएसटी को सभी के लिए फायदेमंद बताते रहे। सीएम ने एक के बाद एक व्यापारियों पर सवाल दाग दिए, जिसके कोई ठोस जवाब व्यापारी नहीं दे पाए।
सीएम के इस रवैये से उनके पास फरियाद लेकर पहुंचे व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। विदित हो कि कपड़ा व्यापार पर पहली बार जीएसटी के रूप में लग रहे टैक्स के विरोध में कपड़ा व्यापारी हड़ताल भी कर चुके हैं। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने से हमारा व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। क्योंकि इस व्यापार से जुड़े ज्यादातर व्यापारी कम पढ़े-लिखे हैं। इसलिए वे जीएसटी के गुणा-भाग को नहीं समझ पाएंगे। सीएम से मिलने के लिए व्यापारी शाम करीब पांच बजे करनाल सूट एंड साड़ी ट्रेडस एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र बांबा, सचिव सुनील गुप्ता के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां पर व्यापारी की समस्या सुनने के बाद सीएम ने व्यापारियों को सीधे जवाब देते हुए कहा कि जीएसटी व्यापारियों के साथ सभी के हित में है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापार को इससे मुक्त रखा गया है। इसलिए आपकी मांग उचित नहीं है। इसपर व्यापारियों ने कहा कि हमारी समस्या एक नहीं बल्कि कई हैं। जीएसटी के कारण उधार में बिकने वाला माल बंद हो जाएगा। इसलिए इसे कपड़े से हटाया जाए। व्यापारियों और सीएम के बीच काफी देर तक चली बातचीत के बाद आखिरकर सीएम ने व्यापारियों को पीएम के पास पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
नहीं चल रही बसें, सीएम के पास पहुंचे प्राइवेट बस संचालक
शहर में 15 जून से बंद प्राइवेट बसों के संचालन को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर प्राइवेट बस संचालक सीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचे। हालांकि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो पाई। बस संचालकों ने ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताई। ओएसडी ने तुरंत आरटीओ से बात कर समस्या सुलझाने का निर्देश दिया। प्राइवेट बस एसोसिएशन के प्रधान विजय राणा ने बताया कि 15 जून से जिले के विभिन्न रूटों पर चलने वाले 73 बसें बंद खड़ी हैं। परिवहन विभाग ने बसों को लाल रंग से पेंट करवाने और सभी बसों में जीपीआरएस लगाने का निर्देश दिया था, जो पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी बसों को चलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। जबकि अन्य जिलों में सभी प्राइवेट बसें चल रही हैं। वहीं, जिला एसोसिएशन के पदाधिकारी भी सीएम से मिले और चैंबर्स और अदालत परिसर में सुरक्षा को लेकर मांग रखी।
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- सीएम ने कहा कि जीएसटी सभी के लिए फायदेमंद, न करें इसका विरोध
-सीएम ने व्यापारियों पर दागे सवाल, व्यापारियों के पास नहीं मिले कोई ठोस जवाब
फोटो संख्या- 18
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कपड़ा व्यापार को जीएसटी मुक्त कराने की मांग लेकर सीएम से मिलने पहुंचे कपड़ा व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। सीएम ने व्यापारियों को समझाते हुए कहा कि जीएसटी व्यापारियों के लिए फायदेमंद है, इसलिए इसका विरोध करने का कोई मतलब नहीं। हालांकि, व्यापारियों द्वारा ज्यादा जोर देने पर सीएम ने उन्हें पीएम को पत्र लिखने का आश्वासन जरूर दे दिया, लेकिन इसके बाद भी वे जीएसटी को सभी के लिए फायदेमंद बताते रहे। सीएम ने एक के बाद एक व्यापारियों पर सवाल दाग दिए, जिसके कोई ठोस जवाब व्यापारी नहीं दे पाए।
सीएम के इस रवैये से उनके पास फरियाद लेकर पहुंचे व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। विदित हो कि कपड़ा व्यापार पर पहली बार जीएसटी के रूप में लग रहे टैक्स के विरोध में कपड़ा व्यापारी हड़ताल भी कर चुके हैं। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने से हमारा व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। क्योंकि इस व्यापार से जुड़े ज्यादातर व्यापारी कम पढ़े-लिखे हैं। इसलिए वे जीएसटी के गुणा-भाग को नहीं समझ पाएंगे। सीएम से मिलने के लिए व्यापारी शाम करीब पांच बजे करनाल सूट एंड साड़ी ट्रेडस एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र बांबा, सचिव सुनील गुप्ता के साथ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां पर व्यापारी की समस्या सुनने के बाद सीएम ने व्यापारियों को सीधे जवाब देते हुए कहा कि जीएसटी व्यापारियों के साथ सभी के हित में है। छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापार को इससे मुक्त रखा गया है। इसलिए आपकी मांग उचित नहीं है। इसपर व्यापारियों ने कहा कि हमारी समस्या एक नहीं बल्कि कई हैं। जीएसटी के कारण उधार में बिकने वाला माल बंद हो जाएगा। इसलिए इसे कपड़े से हटाया जाए। व्यापारियों और सीएम के बीच काफी देर तक चली बातचीत के बाद आखिरकर सीएम ने व्यापारियों को पीएम के पास पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
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नहीं चल रही बसें, सीएम के पास पहुंचे प्राइवेट बस संचालक
शहर में 15 जून से बंद प्राइवेट बसों के संचालन को फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर प्राइवेट बस संचालक सीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचे। हालांकि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो पाई। बस संचालकों ने ओएसडी अमरेंद्र सिंह से मिलकर अपनी समस्या बताई। ओएसडी ने तुरंत आरटीओ से बात कर समस्या सुलझाने का निर्देश दिया। प्राइवेट बस एसोसिएशन के प्रधान विजय राणा ने बताया कि 15 जून से जिले के विभिन्न रूटों पर चलने वाले 73 बसें बंद खड़ी हैं। परिवहन विभाग ने बसों को लाल रंग से पेंट करवाने और सभी बसों में जीपीआरएस लगाने का निर्देश दिया था, जो पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी बसों को चलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। जबकि अन्य जिलों में सभी प्राइवेट बसें चल रही हैं। वहीं, जिला एसोसिएशन के पदाधिकारी भी सीएम से मिले और चैंबर्स और अदालत परिसर में सुरक्षा को लेकर मांग रखी।
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