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17.4 प्रतिशत विद्यार्थियों को मिला दाखिला, शेष भटकने को मजबूर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नियम 134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के कारण अटकी है। पिछले 25 दिन में केवल 17.4 प्रतिशत विद्यार्थियों के ही दाखिले हो पाए हैं। जबकि अन्य विद्यार्थी और अभिभावक भटकने को मजबूर हैं। जिनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
वहीं शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए तीसरी बार दाखिला कराने की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ा दिया है। अब 15 जनवरी तक स्कूलों में दाखिले होंगे। इधर, सरकार की ओर से मिलने वाली फीस में 200 रुपये की बढ़ोतरी होने से भी अभिभावकों को दाखिला प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जगी है। जिले सभी छह खंड में 2760 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे। इनमें से 2235 विद्यार्थियों को अभी दाखिले का इंतजार है। अब तक 479 विद्यार्थियों का दाखिला हो पाया है जबकि 46 विद्यार्थियों का आवेदन निरस्त कर दिया गया है। इस आंकड़े के साथ करनाल की दाखिले के मामले में प्रदेश में काफी खराब स्थिति है।
अभिभावकों को चक्कर कटवा रहे स्कूल संचालक
134ए में जिन अभिभावकों के बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं, वे चक्कर काटने को मजबूर हैं। निजी स्कूल पहले उन्हें दस्तावेेजों के नाम पर वापस भेज रहे थे। कई तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे थे। अब कोरोना व स्कूल बंद होने का हवाला देकर वापस भेज रहे हैं। सुभाष गेट निवासी लक्ष्मी, जुंडला गेट के विक्की, अभय और दीप्ती का कहना है कि उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
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200 रुपये फीस बढ़ोतरी की घोषणा, लेकिन पैसे नहीं आए
सहोदय स्कूल कांप्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा का कहना है कि सरकार ने 200 रुपये प्रति विद्यार्थी फीस बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे स्कूलों को कुछ राहत भी मिलेगी लेकिन जो पिछला बकाया है, वह अभी तक जारी नहीं हुआ। सरकार ने केवल घोषणा ही की थी। सरकार हर साल साथ-साथ फीस का भुगतान करे तो अभिभावकों को दिक्कत नहीं आएगी और न ही स्कूलों के बीच टकराव बढ़ेगा।
अब इतनी मिलेगी फीस
अब ग्रामीण क्षेत्रों में पांचवीं कक्षा तक 500 रुपये और छठी से आठवीं तक 700 रुपये फीस होगी, जो पहले 300 और 500 रुपये थी। शहरी क्षेत्र में अब पांचवीं कक्षा तक 700 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा तक 900 रुपये फीस होगी, जो पहले क्रमश: 500 रुपये व 700 रुपये थी।
पात्र बच्चों को दाखिला दिलाने का पूरा प्रयास है। दाखिले के लिए 15 जनवरी तक तिथि भी बढ़ चुकी है। दाखिला होने पर स्कूल को पोर्टल पर अपडेट करना होगा। जो स्कूल दाखिला निरस्त कर रहे हैं, उन्हें कारण भी बताना होगा।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। नियम 134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के कारण अटकी है। पिछले 25 दिन में केवल 17.4 प्रतिशत विद्यार्थियों के ही दाखिले हो पाए हैं। जबकि अन्य विद्यार्थी और अभिभावक भटकने को मजबूर हैं। जिनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
वहीं शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए तीसरी बार दाखिला कराने की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ा दिया है। अब 15 जनवरी तक स्कूलों में दाखिले होंगे। इधर, सरकार की ओर से मिलने वाली फीस में 200 रुपये की बढ़ोतरी होने से भी अभिभावकों को दाखिला प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जगी है। जिले सभी छह खंड में 2760 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे। इनमें से 2235 विद्यार्थियों को अभी दाखिले का इंतजार है। अब तक 479 विद्यार्थियों का दाखिला हो पाया है जबकि 46 विद्यार्थियों का आवेदन निरस्त कर दिया गया है। इस आंकड़े के साथ करनाल की दाखिले के मामले में प्रदेश में काफी खराब स्थिति है।
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अभिभावकों को चक्कर कटवा रहे स्कूल संचालक
134ए में जिन अभिभावकों के बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं, वे चक्कर काटने को मजबूर हैं। निजी स्कूल पहले उन्हें दस्तावेेजों के नाम पर वापस भेज रहे थे। कई तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे थे। अब कोरोना व स्कूल बंद होने का हवाला देकर वापस भेज रहे हैं। सुभाष गेट निवासी लक्ष्मी, जुंडला गेट के विक्की, अभय और दीप्ती का कहना है कि उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
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200 रुपये फीस बढ़ोतरी की घोषणा, लेकिन पैसे नहीं आए
सहोदय स्कूल कांप्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा का कहना है कि सरकार ने 200 रुपये प्रति विद्यार्थी फीस बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे स्कूलों को कुछ राहत भी मिलेगी लेकिन जो पिछला बकाया है, वह अभी तक जारी नहीं हुआ। सरकार ने केवल घोषणा ही की थी। सरकार हर साल साथ-साथ फीस का भुगतान करे तो अभिभावकों को दिक्कत नहीं आएगी और न ही स्कूलों के बीच टकराव बढ़ेगा।
अब इतनी मिलेगी फीस
अब ग्रामीण क्षेत्रों में पांचवीं कक्षा तक 500 रुपये और छठी से आठवीं तक 700 रुपये फीस होगी, जो पहले 300 और 500 रुपये थी। शहरी क्षेत्र में अब पांचवीं कक्षा तक 700 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा तक 900 रुपये फीस होगी, जो पहले क्रमश: 500 रुपये व 700 रुपये थी।
पात्र बच्चों को दाखिला दिलाने का पूरा प्रयास है। दाखिले के लिए 15 जनवरी तक तिथि भी बढ़ चुकी है। दाखिला होने पर स्कूल को पोर्टल पर अपडेट करना होगा। जो स्कूल दाखिला निरस्त कर रहे हैं, उन्हें कारण भी बताना होगा।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी