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मार्केट कमेटी ने अनाज मंडी में खोखों पर चलाया पीला पंजा, दंपति ने तेल डालकर दी आत्मदाह की धमकी
Updated Wed, 09 May 2018 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
नई अनाज मंडी में रखे चाय के खोखे और दाल-रोटी के छोटे ढाबों पर मार्केट कमेटी ने पुलिस बल की सहायता से मंगलवार दोपहर को पीला पंजा चला दिया। अपनी आंखों के सामने गिरते खोखों को देख एक दंपति सहन नहीं कर पाया और जब वह पीला पंजा उनके चाय के खोखे के समीप आया तो उन्होंने डीजल तेल से भी बोतल अपने ऊपर छिड़क ली और आत्मदाह की धमकी दी।
इस मंजर देख मार्केट कमेटी के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस ने दोनों दंपति को समझाया। इसके बाद मार्केट कमेटी के सचिव ने पीला पंजा रोक दिया और खोखे संचालकों को और समय दे दिया। इतना ही नहीं खोखे संचालकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कैंटीन संचालक भाजपा नेता का बेटा है और उनके कहने पर ये कार्रवाई हो रही है। आरोप है कि कैंटीन संचालक हर खोखे संचालक से उसके खोखे के हिसाब से हर रोज 100 से 500 रुपये वसूलता है और साथ ही मार्केट कमेटी के कर्मचारी भी रुपये लेने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि प्रति खोखे वाले से तीन हजार रुपये एडवांस भी लिए गए हैं और जो रसीद दी गई है उस पर किसी कंपनी का नाम नहीं है। वे हर रोज इन्हें अपनी मेहनत की कमाई से रुपये देते हैं, लेकिन फिर भी वे हमारे खोखों को गिरा रहे हैं।
पुलिस कर्मचारी रात को मांगते हैं मुर्गा व शराब की बोतल
पीले पंजे द्वारा जब मामू राम कुटेल का छोटा ढाबा गिराया गया तो वह अपने गुस्से को शांत नहीं कर पाया और वह सरकार और मार्केट कमेटी के अधिकारियों को कोसने लगा। इस दौरान उसके हाथ में चाकू था। जिसे देख सभी कर्मचारी डरे रहे। मामूराम ने पुलिस की पीसीआर पर तैनात कर्मचारियों पर भी आरोप लगा कि पुलिस रात को उनके मुर्गा और बोतल मांगती है तो वहीं मार्केट कमेटी के कर्मचारी भी रुपये मांगते हैं। वह किस-किस को रुपये दें। अब जब खोखा गिर रहा है तब कोई नजर नहीं आ रहा है। इस दौरान उन्होंने बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की।
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अनाज और सब्जी मंडी में हैं 185 खोखे, सभी से हर रोज करते हैं वसूली
दाल-रोटी का छोटा ढाबा चलाने वाले शिवकुमार ने बताया कि कैंटीन कर्मचारी हर रोज उनसे 300 रुपये लेकर जाते हैं और कभी किसी को तो कभी पर्ची ही नहीं देकर जाते। इस तरह उन्होंने खोखे के हिसाब से 100 से 500 रुपये निर्धारित किए हुए हैं और वे हर रोज उनसे यह वसूली करते हैं। अनाज मंडी और सब्जी मंडी में करीब 185 खोखे हैं। जब उनकी पर्ची कटती है तो अब ये खोखे क्यों गिराए गए हैं।
किसी ने क्रेन से तो कोई हाथों से उठा ले गए खोखे
मार्केट कमेटी द्वारा खोखों पर पीला पंजा चलता देख, चाय के खोखा संचालकों ने अपना खोखा बंद कर दिया। पीले पंजे से बचने के लिए एक संचालक ने क्रेन बुलाकर अपने खोखे को साइड में लगा दिया तो वहीं एक संचालक ने चार लोगों को साथ मिलकर जेसीबी के सामने से अपने चाय के खोखे को हाथों में उठाकर ले गए और उस बचा लिया।
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करनाल।
नई अनाज मंडी में रखे चाय के खोखे और दाल-रोटी के छोटे ढाबों पर मार्केट कमेटी ने पुलिस बल की सहायता से मंगलवार दोपहर को पीला पंजा चला दिया। अपनी आंखों के सामने गिरते खोखों को देख एक दंपति सहन नहीं कर पाया और जब वह पीला पंजा उनके चाय के खोखे के समीप आया तो उन्होंने डीजल तेल से भी बोतल अपने ऊपर छिड़क ली और आत्मदाह की धमकी दी।
इस मंजर देख मार्केट कमेटी के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस ने दोनों दंपति को समझाया। इसके बाद मार्केट कमेटी के सचिव ने पीला पंजा रोक दिया और खोखे संचालकों को और समय दे दिया। इतना ही नहीं खोखे संचालकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि कैंटीन संचालक भाजपा नेता का बेटा है और उनके कहने पर ये कार्रवाई हो रही है। आरोप है कि कैंटीन संचालक हर खोखे संचालक से उसके खोखे के हिसाब से हर रोज 100 से 500 रुपये वसूलता है और साथ ही मार्केट कमेटी के कर्मचारी भी रुपये लेने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि प्रति खोखे वाले से तीन हजार रुपये एडवांस भी लिए गए हैं और जो रसीद दी गई है उस पर किसी कंपनी का नाम नहीं है। वे हर रोज इन्हें अपनी मेहनत की कमाई से रुपये देते हैं, लेकिन फिर भी वे हमारे खोखों को गिरा रहे हैं।
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पुलिस कर्मचारी रात को मांगते हैं मुर्गा व शराब की बोतल
पीले पंजे द्वारा जब मामू राम कुटेल का छोटा ढाबा गिराया गया तो वह अपने गुस्से को शांत नहीं कर पाया और वह सरकार और मार्केट कमेटी के अधिकारियों को कोसने लगा। इस दौरान उसके हाथ में चाकू था। जिसे देख सभी कर्मचारी डरे रहे। मामूराम ने पुलिस की पीसीआर पर तैनात कर्मचारियों पर भी आरोप लगा कि पुलिस रात को उनके मुर्गा और बोतल मांगती है तो वहीं मार्केट कमेटी के कर्मचारी भी रुपये मांगते हैं। वह किस-किस को रुपये दें। अब जब खोखा गिर रहा है तब कोई नजर नहीं आ रहा है। इस दौरान उन्होंने बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की।
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अनाज और सब्जी मंडी में हैं 185 खोखे, सभी से हर रोज करते हैं वसूली
दाल-रोटी का छोटा ढाबा चलाने वाले शिवकुमार ने बताया कि कैंटीन कर्मचारी हर रोज उनसे 300 रुपये लेकर जाते हैं और कभी किसी को तो कभी पर्ची ही नहीं देकर जाते। इस तरह उन्होंने खोखे के हिसाब से 100 से 500 रुपये निर्धारित किए हुए हैं और वे हर रोज उनसे यह वसूली करते हैं। अनाज मंडी और सब्जी मंडी में करीब 185 खोखे हैं। जब उनकी पर्ची कटती है तो अब ये खोखे क्यों गिराए गए हैं।
किसी ने क्रेन से तो कोई हाथों से उठा ले गए खोखे
मार्केट कमेटी द्वारा खोखों पर पीला पंजा चलता देख, चाय के खोखा संचालकों ने अपना खोखा बंद कर दिया। पीले पंजे से बचने के लिए एक संचालक ने क्रेन बुलाकर अपने खोखे को साइड में लगा दिया तो वहीं एक संचालक ने चार लोगों को साथ मिलकर जेसीबी के सामने से अपने चाय के खोखे को हाथों में उठाकर ले गए और उस बचा लिया।