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बीमारियों की रोकथाम के लिए डीसी ने दिये आदेश
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
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करनाल। डीसी मंदीप सिंह बराड़ की ओर से एपिडेमिक डिजिज एक्ट 1897 के तहत दूषित पानी के सेवन से उत्पन्न होने वाली हैजा जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक, सिविल सर्जन, सभी उप सिविल सर्जन, सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नगरनिगम के आयुक्त, सभी उपमंडल अधिकारियों, हुडा के संपदा अधिकारी, जिले के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार, सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा सभी नगरपालिकाओं के सचिव अपने संबंधित क्षेत्र में बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे। उपायुक्त द्वारा दिए गए आदेशों में कहा गया है कि सभी अधिकारी अपने अधीनस्थ एरिया में गन्ने के कोल्हू द्वारा तैयार रस, कटे-फटे व गले-सड़े फलों व सब्जियों, बिना ढके व खुले में रखी मिठाई, पकौड़ा, बिस्कुट व अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने के जिम्मेदार होंगे। आदेशों में बर्फ/कुल्फी, आइस गोला, रंगीन शरबत, नीबूं पानी व जलजीरा की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल का प्रमाण-पत्र लिए बिना अपने अधीनस्थ क्षेत्र में कुल्फी, मटका कुल्फी, मेवाड़ प्रेम, सोडा, सोडा वाटर, लेमन व बर्फ आदि बनाने व बेचने पर प्रतिबंद लगा दिया गया है। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाए, ताकि पानी के नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच की जा सके।
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