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नई चीनी मिल में 16 लाख क्विंटल गन्ना पेराई
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करनाल। मेरठ रोड स्थित सहकारी चीनी मिल में मौजूदा पेराई सत्र में अब तक 55 दिनों के अंदर 16 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की गई है। इससे करीब 1.30 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। गन्ने से चीनी रिकवरी 9.75 प्रतिशत रही है। आठ नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस मिल के नए प्लांट की शुरूआत की थी। ये जानकारी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति ने दी।
उन्होंने कहा कि 70 के दशक में स्थापित की गई चीनी मिल की क्षमता 1250 टन प्रतिदिन की थी। इसका सत्र 1991-92 में विस्तारीकरण करके प्रतिदिन 2200 टन किया गया। करनाल क्षेत्र के 133 गांवों के लगभग 2500 किसान गन्ने की खेती करते हैं। पुरानी चीनी मिल से करीब 35 लाख क्विंटल प्रति सीजन गन्ने की पेराई औसतन होती थी। जबकि मिल के क्षेत्र में गन्ना उत्पादन 50 लाख क्विंटल तक था। इसके अलावा 15 लाख क्विंटल गन्ने को किसान प्रदेश की अन्य चीनी मिलों में ले जाते थे। इससे किसानों की लागत भी बढ़ जाती थी। उन्होंने कहा कि विस्तारित चीनी मिल क्षेत्र में उत्पादित पूरे गन्ने की पेराई करने में सक्षम है। इससे किसानों की समस्या का निराकरण भी हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले पेराई सत्र 2020-21 के दौरान भी नई मिल से 10 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर 9.17 प्रतिशत रिकवरी के साथ करीब एक लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था।
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उन्होंने कहा कि 70 के दशक में स्थापित की गई चीनी मिल की क्षमता 1250 टन प्रतिदिन की थी। इसका सत्र 1991-92 में विस्तारीकरण करके प्रतिदिन 2200 टन किया गया। करनाल क्षेत्र के 133 गांवों के लगभग 2500 किसान गन्ने की खेती करते हैं। पुरानी चीनी मिल से करीब 35 लाख क्विंटल प्रति सीजन गन्ने की पेराई औसतन होती थी। जबकि मिल के क्षेत्र में गन्ना उत्पादन 50 लाख क्विंटल तक था। इसके अलावा 15 लाख क्विंटल गन्ने को किसान प्रदेश की अन्य चीनी मिलों में ले जाते थे। इससे किसानों की लागत भी बढ़ जाती थी। उन्होंने कहा कि विस्तारित चीनी मिल क्षेत्र में उत्पादित पूरे गन्ने की पेराई करने में सक्षम है। इससे किसानों की समस्या का निराकरण भी हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले पेराई सत्र 2020-21 के दौरान भी नई मिल से 10 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर 9.17 प्रतिशत रिकवरी के साथ करीब एक लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था।
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