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शहर में बिना एनओसी और बिना सुरक्षित इंतजाम किए चल रहे हैं 100 कोचिंग सेंटर
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। शहर में बिना एनओसी और बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। ये आज से नहीं, बल्कि कई वर्षों से चल रहे हैं। न तो यहां आग से बचने के पुख्ता प्रबंध हैं और इसके अलावा यहां न ही नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमों का पालन किया गया है। सवाल ये है कि इनकी संख्या घटने के बावजूद बढ़ रही है। न तो इनके खिलाफ निगम कार्रवाई कर रहा है और न ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण। हालांकि, सूरत में हुए हादसे के बाद जरूर नगर निगम अलर्ट हुआ है। निगम की ओर से फायर स्टेशन आफिसर को पत्र जारी करके ऐसे भवनों की चेकिंग करने और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शहर में इस समय करीब 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार प्रति कोचिंग सेंटर 300 स्टूडेंट्स की संख्या जोड़े तो यहां सख्या करीब 30 हजार के करीब बनती है। यहां पर सुबह से लेकर रात तक ट्यूशन चलता है। शहर के सेक्टर 13, सेक्टर-6, सेक्टर-7 समेत कुंजपुरा रोड और बस स्टैंड के पीछे कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। खास बात ये है कि न तो शिक्षा विभाग के पास इनका रजिस्ट्रेशन है और न ही किसी अन्य विभाग के पास। सुविधाओं के नाम पर यहां विद्यार्थियों को छला जा रहा है, जबकि प्रति विद्यार्थी हजारों रुपये की फीस एंठी जा रही हैं। ज्यादातर सेंटरों में फायर की एनओसी नहीं है और न ही फायर से बचने के इंतजाम। सभी सेंटरों में केवल एक ही सीढ़ियां हैं, जबकि अब तीन से चार मंजिला तक भवन बनाए जा रहे हैं। सवाल ये है कि अगर सूरत की तरह किसी भवन में आग लगी तो बचाव के लिए कुछ नहीं होगा। कोचिंग सेंटरों में फायर फाइटिंग सिस्टम तक नहीं लगे हुए हैं।
कोताही बर्दास्त नहीं : उप निगमायुक्त
इस बारे में नगर निगम के उपनिगमायुक्त धीरज कुमार का कहना है कि सूरत में हुए हादसे के बाद नगर निगम की ओर से फायर आफिस को पत्र जारी किया गया। पत्र में बिना एनओसी के चल रहे कोचिंग सेंटरों व अन्य भवनों की चेकिंग और कार्रवाई के बारे में निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी नगर निगम की ओर से कोचिंग सेंटरों और फैक्ट्री संचालकों के साथ बैठक करके उनको अवगत कराया गया था। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
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जारी करेंगे नोटिस, एनओसी नहीं ली तो करेंगे कार्रवाई : एफएसओ
वहीं, एफएसओ रामपाल का कहना है कि जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं होगा, उन इमारतों, संस्थानों को पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अगर संबंधित व्यक्ति एनओसी नहीं लेता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिए विभाग के आला अधिकारियों को लिखा जाएगा।
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करनाल। शहर में बिना एनओसी और बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। ये आज से नहीं, बल्कि कई वर्षों से चल रहे हैं। न तो यहां आग से बचने के पुख्ता प्रबंध हैं और इसके अलावा यहां न ही नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमों का पालन किया गया है। सवाल ये है कि इनकी संख्या घटने के बावजूद बढ़ रही है। न तो इनके खिलाफ निगम कार्रवाई कर रहा है और न ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण। हालांकि, सूरत में हुए हादसे के बाद जरूर नगर निगम अलर्ट हुआ है। निगम की ओर से फायर स्टेशन आफिसर को पत्र जारी करके ऐसे भवनों की चेकिंग करने और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शहर में इस समय करीब 100 से ज्यादा कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार प्रति कोचिंग सेंटर 300 स्टूडेंट्स की संख्या जोड़े तो यहां सख्या करीब 30 हजार के करीब बनती है। यहां पर सुबह से लेकर रात तक ट्यूशन चलता है। शहर के सेक्टर 13, सेक्टर-6, सेक्टर-7 समेत कुंजपुरा रोड और बस स्टैंड के पीछे कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। खास बात ये है कि न तो शिक्षा विभाग के पास इनका रजिस्ट्रेशन है और न ही किसी अन्य विभाग के पास। सुविधाओं के नाम पर यहां विद्यार्थियों को छला जा रहा है, जबकि प्रति विद्यार्थी हजारों रुपये की फीस एंठी जा रही हैं। ज्यादातर सेंटरों में फायर की एनओसी नहीं है और न ही फायर से बचने के इंतजाम। सभी सेंटरों में केवल एक ही सीढ़ियां हैं, जबकि अब तीन से चार मंजिला तक भवन बनाए जा रहे हैं। सवाल ये है कि अगर सूरत की तरह किसी भवन में आग लगी तो बचाव के लिए कुछ नहीं होगा। कोचिंग सेंटरों में फायर फाइटिंग सिस्टम तक नहीं लगे हुए हैं।
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कोताही बर्दास्त नहीं : उप निगमायुक्त
इस बारे में नगर निगम के उपनिगमायुक्त धीरज कुमार का कहना है कि सूरत में हुए हादसे के बाद नगर निगम की ओर से फायर आफिस को पत्र जारी किया गया। पत्र में बिना एनओसी के चल रहे कोचिंग सेंटरों व अन्य भवनों की चेकिंग और कार्रवाई के बारे में निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले भी नगर निगम की ओर से कोचिंग सेंटरों और फैक्ट्री संचालकों के साथ बैठक करके उनको अवगत कराया गया था। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
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जारी करेंगे नोटिस, एनओसी नहीं ली तो करेंगे कार्रवाई : एफएसओ
वहीं, एफएसओ रामपाल का कहना है कि जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं होगा, उन इमारतों, संस्थानों को पहले नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अगर संबंधित व्यक्ति एनओसी नहीं लेता है तो उनके खिलाफ एक्शन लिए विभाग के आला अधिकारियों को लिखा जाएगा।