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अव्यवस्थित माहौल में संपन्न हुई नियम 134ए की परीक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। प्राइवेट स्कूल में नि:शुल्क पढ़ाई के लिए बच्चों के साथ अव्यवस्थित माहौल में अभिभावकों की भी परीक्षा देनी पड़ी। दूसरी व तीसरी कक्षाओं के छोटे बच्चे पहले तो अभिभावकों का हाथ छोड़ सेंटर में नहीं जा रहे थे। जैसे तैसे अभिभावकों ने अंदर भेजा। जब परीक्षा पूरी हुई तो कमरे के बाहर अभिभावक न दिखने पर बच्चे रोने लगे। अभिभावकों की भारी भीड़ में कई बच्चे इधर उधर भी हो गए। जिन्हें कुछ लोग पकड़कर सेंटर इंचार्ज के पास ले गए। वहीं, केंद्र में बच्चों को ढूंढते अभिभावकों ने सीटिंग प्लान ठीक न होने के आरोप भी लगाए। छोटे बच्चे होने के कारण कई सेंटरों पर परीक्षा भी 30 मिनट देरी से शुरू हुई। इसके लिए परीक्षार्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। जिले में कुल 19 केंद्रों पर कक्षा दूसरी से 12वीं तक के दाखिलों को लेकर परीक्षा आयोजित की गई थी। जहां कुल 10356 में से 9362 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 994 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
सड़क पर लगा रहा जाम
करनाल में कुल आठ केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई । कक्षा दूसरी का केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय था। वहीं इस कक्षा के ही सबसे ज्यादा बच्चों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। यहां उपस्थित 856 बच्चों के अभिभावक उन्हें केंद्र पर छोड़ने आए थे। ऐसे में रोड पर ही अभिभावकों के वाहन भी खड़े रहे, इससे रेलवे रोड पर काफी समय तक जाम की स्थिति भी बनी रही।
पुलिसकर्मियों पर लगे अभद्रता के आरोप
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सबसे ज्यादा अभिभावकों की भीड़ थी। यहां तैनात पुलिसकर्मी पर भी अभिभावकों ने अभद्रता करने के आरोप लगाए। अभिभावक जसबीर, गीता, सोनू और मुकेश का कहना है कि परीक्षा छोटे बच्चों की थी। उन्हें कमरे तक छोड़ने गए, तो पुलिसकर्मी उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस का यह रवैया ठीक नहीं है। वहीं कई अभिभावकों की व्यवस्था सही न होने पर सेंटर इंचार्ज व ड्यूटी पर तैनात टीचर्स से भी झड़प हो गई। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर छोटे बच्चों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं थी।
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गेट खुलते ही टूट पड़ी भीड़, रोते बच्चों को लोगों ने कराया चुप
परीक्षा केंद्रों के बाहर बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों परीक्षा खत्म होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही परीक्षा पूरी होते ही केंद्र का गेट खुला। तो अभिभावकों की भीड़ बच्चों को लाने के टूट पड़ी। इस दौरान हुई अव्यवस्था में कई बच्चे इधर-उधर हो गए। रोते बच्चों को लोगों ने चुप कराया। जब भीड़ कम हुई तब उनके अभिभावक उनसे मिले।
कार में बैठ परीक्षा देने पहुंचे बच्चे
नियम 134ए के तहत जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों के बच्चों का ही दाखिला प्राइवेट स्कूलों में होता है। लेकिन कई परीक्षार्थी कार में बैठकर परीक्षा देने पहुंचे। हालांकि टीचर्स व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नजर से बचने के लिए उन्होंने केंद्र से दूर अपनी गाड़ियां खड़ी की हुई थी।
जिले में 19 केंद्रों पर नियम 134ए की परीक्षा आयोजित हुई थी। जहां कुल 10356 में से 9362 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 994 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। -राजपाल, डीईईओ करनाल।
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करनाल। प्राइवेट स्कूल में नि:शुल्क पढ़ाई के लिए बच्चों के साथ अव्यवस्थित माहौल में अभिभावकों की भी परीक्षा देनी पड़ी। दूसरी व तीसरी कक्षाओं के छोटे बच्चे पहले तो अभिभावकों का हाथ छोड़ सेंटर में नहीं जा रहे थे। जैसे तैसे अभिभावकों ने अंदर भेजा। जब परीक्षा पूरी हुई तो कमरे के बाहर अभिभावक न दिखने पर बच्चे रोने लगे। अभिभावकों की भारी भीड़ में कई बच्चे इधर उधर भी हो गए। जिन्हें कुछ लोग पकड़कर सेंटर इंचार्ज के पास ले गए। वहीं, केंद्र में बच्चों को ढूंढते अभिभावकों ने सीटिंग प्लान ठीक न होने के आरोप भी लगाए। छोटे बच्चे होने के कारण कई सेंटरों पर परीक्षा भी 30 मिनट देरी से शुरू हुई। इसके लिए परीक्षार्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। जिले में कुल 19 केंद्रों पर कक्षा दूसरी से 12वीं तक के दाखिलों को लेकर परीक्षा आयोजित की गई थी। जहां कुल 10356 में से 9362 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 994 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
सड़क पर लगा रहा जाम
करनाल में कुल आठ केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई । कक्षा दूसरी का केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय था। वहीं इस कक्षा के ही सबसे ज्यादा बच्चों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। यहां उपस्थित 856 बच्चों के अभिभावक उन्हें केंद्र पर छोड़ने आए थे। ऐसे में रोड पर ही अभिभावकों के वाहन भी खड़े रहे, इससे रेलवे रोड पर काफी समय तक जाम की स्थिति भी बनी रही।
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पुलिसकर्मियों पर लगे अभद्रता के आरोप
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सबसे ज्यादा अभिभावकों की भीड़ थी। यहां तैनात पुलिसकर्मी पर भी अभिभावकों ने अभद्रता करने के आरोप लगाए। अभिभावक जसबीर, गीता, सोनू और मुकेश का कहना है कि परीक्षा छोटे बच्चों की थी। उन्हें कमरे तक छोड़ने गए, तो पुलिसकर्मी उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस का यह रवैया ठीक नहीं है। वहीं कई अभिभावकों की व्यवस्था सही न होने पर सेंटर इंचार्ज व ड्यूटी पर तैनात टीचर्स से भी झड़प हो गई। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर छोटे बच्चों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं थी।
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गेट खुलते ही टूट पड़ी भीड़, रोते बच्चों को लोगों ने कराया चुप
परीक्षा केंद्रों के बाहर बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों परीक्षा खत्म होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही परीक्षा पूरी होते ही केंद्र का गेट खुला। तो अभिभावकों की भीड़ बच्चों को लाने के टूट पड़ी। इस दौरान हुई अव्यवस्था में कई बच्चे इधर-उधर हो गए। रोते बच्चों को लोगों ने चुप कराया। जब भीड़ कम हुई तब उनके अभिभावक उनसे मिले।
कार में बैठ परीक्षा देने पहुंचे बच्चे
नियम 134ए के तहत जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों के बच्चों का ही दाखिला प्राइवेट स्कूलों में होता है। लेकिन कई परीक्षार्थी कार में बैठकर परीक्षा देने पहुंचे। हालांकि टीचर्स व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नजर से बचने के लिए उन्होंने केंद्र से दूर अपनी गाड़ियां खड़ी की हुई थी।
जिले में 19 केंद्रों पर नियम 134ए की परीक्षा आयोजित हुई थी। जहां कुल 10356 में से 9362 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 994 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। -राजपाल, डीईईओ करनाल।