फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   30 एमएम बारिश से भीगे किसानों के अरमान, मंडी प्रबंधन के पास नहीं कोई इंतजाम

30 एमएम बारिश से भीगे किसानों के अरमान, मंडी प्रबंधन के पास नहीं कोई इंतजाम

Sat, 22 Sep 2018 11:56 PM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
30 एमएम बारिश से भीगे किसानों के अरमान, मंडी प्रबंधन के पास नहीं कोई इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल (घरौंडा)। शनिवार को दिनभर चली बूंदाबांदी और बारिश के कारण 28 एमएम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। एक तो खेतों में लहलहा रही फसलों को लेकर किसानों के पसीने छूट गए, दूसरा जो किसान मंडियों में अपना धान लेकर पहुंचे थे, उनको वहां पर धान को बचाने केे लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। मंडी के अंदर बने शेडों में आढ़तियों का अनाज रखा है, किसान का अनाज खुले आसमान के नीचे डाला रहा है। ऐसे में किसानों का हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। उधर, मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दो दिनों तक और बारिश हो सकती है। ऐसे में किसानों के अरमान और भीगने की आशंका हैं। बता दें कि इस बार जिलेभर में 1.72 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई है। दो दिन और बारिश हुई तो खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ जाएगी और इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। इसके साथ जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है और मंडी में फसल पहुंचा दी है, उनकी फसल भी सुरक्षित नहीं है। शनिवार को दिनभर किसानों का धान मंडी में भीगता रहा, मंडी प्रबंधन की ओर से इसको बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया। खास बात ये है कि मंडी के अंदर बने शेड़ों के नीचे आढ़तियों का खरीदा गया अनाज रखा गया है, जबकि किसान का अनाज खुले आसमान के नीचे पड़ा है। किसानों का कहना है कि वे जब अपनी समस्याएं गिनाते हैं तो कोई अधिकारी उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं होता। गौरतलब है कि मंडी में रोजाना हजारों क्विंटल धान पहुंच रही है। इसमें बासमती और पीआर दोनों ही किस्में शामिल हैं। सुबह से लेकर शाम ता चली बारिश में किसानों की हजारों क्विंटल धान भीग गई, ऐसे में फसलों के रेट कम लगेगा या फिर किसानों को कई दिन तक इसे सुखाने का इंतजार करना पड़ेगा। किसान रामसिंह, अममेर सिंह, कप्तान सिंह का कहना है कि मंडी में किसानों की फसल को बचाने के कोई इंतजाम नहीं है। करनाल समेत, असंध, घरौंडा, इंद्री, निगदू, तरावड़ी में भी बारिश से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी।

घरौंडा मंडी में खुले इंतजामों की पोल
शनिवार को हुई बरसात ने घरौंडा नई अनाज मंडी को लबालब कर दिया। पानी की निकासी न होने के कारण मंडी में फैली व्यापारियों की धान की बोरियां बरसात में भीग गई। हालांकि मार्किट कमेटी ने सीजन शुरू होने से पहले ही सभी प्रकार के इंतजाम होने का दावा किया था लेकिन शनिवार को हुई बरसात ने मार्किट कमेटी के दावों की पोल खोल कर रख दी। बारीश शुरू होते ही मंडी में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। आनन-फानन में मंडी व्यापारियों ने खुले आसमान के नीचे पड़ी बोरियों को श्रमिकों की मदद से तिरपाल से ढकवाया, तो कुछ को दुकानों के बरामदों में रखवा दिया। बावजूद इसके कई हजारों बोरियां बारिश के पानी में भीग गई। व्यापारियों का कहना है कि जरा-सी बारीश में मंडी पानी से लबालब हो जाती है। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। हर बार यही हालात होते है। कई बार मार्किट कमेटी के अधिकारियों से पानी की निकासी की समस्या के स्थाई समाधान को लेकर शिकायतें की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई सिफर है। मंडी में पानी की निकासी के लिए लगाए गए पम्प आखिर क्यों पानी नहीं निकाल पाते, यह सवाल बना रहता है। किसानों व व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाने का दावा तो करती है, लेकिन धरातल पर कुछ ओर ही होता है। उधर, कमेटी के सचिव नरेश मान ने कहा कि मंडी में व्यवस्था सही हैं, पानी निकलने में समय लगता है।
विज्ञापन


मौसम की मार से किसान का नुकसान
मंडी में अपनी धान लेकर पहुंचें किसानों का कहना है कि धान पर मौसम की मार शुरू से ही पड़ रही है। पहले सीजन शुरू होने के दौरान भी बरसात हुई। जिससे नुकसान हुआ और अब फिर से भारी बरसात के कारण बहुत ही ज्यादा नुकसान फसल को पहुंचा है। बरसात में भीगी फसलों के दाम सही नही मिल पाते है। नुकसान दोनों तरफ से है। सरकार को किसानों का संज्ञान लेना चाहिए। इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, इसलिए इसका मुआवजा मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

..............
धान खरीद को लेकर सभी मंडी अधिकारियों को सुचारू व पुख्ता व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं। अगर कही ंपर चूक है तो इसकी जांच कराई जाएगी। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। अगर किसी अधिकारी ने लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
-डा. आदित्य दहिया, डीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed