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सरपंचों को दिखाई टायलेट एक प्रेम कथा फिल्म
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
टॉयलेट एक प्रेम कथा फिल्म का जादू जिला प्रशासन एवं सरपंचों के सिर चढ़ बोलने लगा है। यह नजारा दिखा सुपर मॉल के मूवी टाइम में फिल्म के प्रदर्शन के दौरान। गुरुवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण स्कीम के अंतर्गत 3 खंडों करनाल, इंद्री एवं निसिंग के सरपंचों, ग्राम सचिवों, जेई एवं एसडीओ पंचायती राज समेत बीडीपीओ ऑफिस तथा अतिरिक्त उपायुक्त के कर्मचारियों को फिल्म दिखाई गई।
फिल्म देख सभी सरपंचों ने एक स्वर होकर जिला प्रशासन से आह्वान किया कि खुले में शौच के लिए तो कानून बनना ही चाहिए तथा कुछ सरपंचों ने कहा कि इस तरह की फिल्में बड़ा सामाजिक परिवर्तन ला सकती है। यह फिल्म ग्राम स्तर पर भी जरूर दिखाई जाए, ताकि ग्रामीणों की मानसिकता बदली जा सके। खंड इंद्री की जैनपुर सादान की सरपंच सुदेश रानी ने फिल्म देख जिला प्रशासन का धन्यवाद किया तथा खुले में शौच जैसी भयंकर कुप्रथा पर फिल्म के माध्यम से समाज को संदेश बताया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के ईंचार्ज नरेश कुमार ने टॉयलेट एक प्रेम कथा की स्टोरी को खुले में शौच मुक्त अभियान के लिए तथा ग्रामीणों के व्यवहार परिवर्तन में सहायक बताया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सहायक जिला समन्वयक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की फिल्म पौराणिक सोच पर कुठाराघात है, हमें समय के साथ-साथ अपनी सोच में भी परिवर्तन लाना होगा।
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करनाल।
टॉयलेट एक प्रेम कथा फिल्म का जादू जिला प्रशासन एवं सरपंचों के सिर चढ़ बोलने लगा है। यह नजारा दिखा सुपर मॉल के मूवी टाइम में फिल्म के प्रदर्शन के दौरान। गुरुवार को अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय की स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण स्कीम के अंतर्गत 3 खंडों करनाल, इंद्री एवं निसिंग के सरपंचों, ग्राम सचिवों, जेई एवं एसडीओ पंचायती राज समेत बीडीपीओ ऑफिस तथा अतिरिक्त उपायुक्त के कर्मचारियों को फिल्म दिखाई गई।
फिल्म देख सभी सरपंचों ने एक स्वर होकर जिला प्रशासन से आह्वान किया कि खुले में शौच के लिए तो कानून बनना ही चाहिए तथा कुछ सरपंचों ने कहा कि इस तरह की फिल्में बड़ा सामाजिक परिवर्तन ला सकती है। यह फिल्म ग्राम स्तर पर भी जरूर दिखाई जाए, ताकि ग्रामीणों की मानसिकता बदली जा सके। खंड इंद्री की जैनपुर सादान की सरपंच सुदेश रानी ने फिल्म देख जिला प्रशासन का धन्यवाद किया तथा खुले में शौच जैसी भयंकर कुप्रथा पर फिल्म के माध्यम से समाज को संदेश बताया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के ईंचार्ज नरेश कुमार ने टॉयलेट एक प्रेम कथा की स्टोरी को खुले में शौच मुक्त अभियान के लिए तथा ग्रामीणों के व्यवहार परिवर्तन में सहायक बताया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के सहायक जिला समन्वयक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की फिल्म पौराणिक सोच पर कुठाराघात है, हमें समय के साथ-साथ अपनी सोच में भी परिवर्तन लाना होगा।
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