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निगम चुनाव के बहाने विधानसभा चुनाव की डील : मेयर के लिए वधवा को वोट और विधानसभा में सुमिता सिंह को स्पोट
Updated Fri, 07 Dec 2018 01:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नगर निगम चुनाव के बहाने राजनीतिक दल आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। मेयर चुनाव में समर्थन देने के बदले विधानसभा चुनाव में वोट देने तक के वादे हो रहे हैं। इसी प्रकार की एक राजनीतिक डील गुरुवार को कांग्रेस की दो बार विधायक रह चुकीं सुमिता सिंह के न्यायपुरी स्थित आवास पर हुई।
इनेलो समर्थित आजाद उम्मीदवार आशा वधवा के पति मनोज वधवा इस बैठक में मौजूद रहे। बैठक में करीब एक घंटे तक सरकार को घेरने के लिए मंथन किया गया। कांग्रेस के एक धड़े और खुद पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने खुलकर आशा वधवा का साथ देने का वादा तक किया। इसके बाद की रस्म मनोज वधवा ने ये कहकर पूरी की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में बहन सुुमिता सिंह की सपोर्ट करेंगे। हालांकि, अचानक हुए इस गठनबंधन के चलते शहर में कई तरह की चर्चाएं चल पड़ीं हैं। देखना यह है कि विधानसभा चुनाव तक शहर की राजनीति के समीकरण क्या होते हैं? और करनाल की राजनीति में ये महागठबंधन क्या रंग लाता है?
बता दें कि निगम चुनाव में मेयर का चुनाव सीधे हो रहा है। ऐसे में भाजपा की ओर से पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा गया है, जबकि इनेलो नेता मनोज वधवा की पत्नी आशा वधवा बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। इनेलो-बसपा गठबंधन द्वारा वधवा का समर्थन पहले ही किया जा चुका है। गुरुवार को पूर्व विधायक सुमिता के न्यायपुरी स्थित आवास पर कांग्रेस के एक धड़े की बैठक हुई। खास बात ये रही कि इसमें आशा वधवा के पति मनोज वधवा भी शामिल रहे। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक में पूर्व विधायक व उनके समर्थकों ने खुलकर वधवा का समर्थन देने की बात कही, साथ ही अपने कार्यकर्ताओं की प्रचार के लिए भी ड्यूटी लगाई। बैठक में सभी नेताओं ने भाजपा और सरकार को घेरने की बात कही और एकजुटता के दावे भी किए।
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बैठक में खुलकर ये बात सामने आई कि कांग्रेस के धड़े का समर्थन मेयर चुनाव तक होगा, इसके बाद प्रदेश में संभावित विधानसभा चुनाव होंगे तो उस समय वधवा और उसके समर्थकों द्वारा पूर्व विधायक सुमिता सिंह का समर्थन करना होगा। खुद मनोज वधवा ने ये बात बैठक में कही और सभी कांग्रेसी नेताओं को विश्वास दिलाया कि वे इस समय मेरी मदद करें और विधानसभा में वे पूर्व विधायक सुमिता सिंह की खुलकर मदद करेंगे। हालांकि, सरकार को घेरने के लिए बने इस गठबंधन के वादे कितने दिन चलते हैं और कौन अपने वादे पर खरा उतरता है, ये देखने की बात होगी।
टिकट नहीं मिली तो अब कांग्रेस के दावेदारों ने किया समर्थन
न्यायपुरी में हुई इस बैठक में कांग्रेस में ही मेयर पद के दावेदार अशोक खुराना, पंकज गाबा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। इनके अलावा, पूर्व चेयरमैन त्रिलोचन सिंह, रणबीर सिंह, जयपाल मान, मनोज राणा समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल रहे। बता दें कि अशोक खुराना व पंकज गाबा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष से अपने परिवार के लिए मेयर पद की टिकट मांग रहे थे।
भाजपा भी अलर्ट, पल पल पर नजर
नए महागठंधन पर भाजपा की भी पूरी नजर है और वो लगातार अपडेट ले रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस महागठबंधन की काट को लेकर भाजपा में पिछले कई दिनों से ही मंथन चल रहा है। भाजपा इसको गंभीरता से ले रही है कि जल्द ही करनाल में मंत्रियों समेत अन्य बड़े नेताओं की जनसभा हो सकती है।
कांग्रेस ने नहीं, मैंने किया है समर्थन : सुमिता सिंह
इस बारे में कांग्रेस की पूर्व विधायक सुमिता सिंह का कहना है कि कांग्रेस ने किसी को समर्थन नहीं किया है, बल्कि मैंने व समर्थकों ने आशा वधवा को सपोर्ट करने का वादा किया है। भाजपा को हराने के लिए हम मजबूत दावेदार का साथ दे रहे हैं, क्योंकि भाजपा ने करनाल में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया।
जिनको खुद को प्रत्याशी मिला नहीं, उनके समर्थन से क्या होता है : प्रो. चौहान
इस बारे में भाजपा के प्रवक्ता प्रोफेसर वीरेंद्र चौहान का कहना है न तो करनाल में इनेलो की टिकट पर कोई चुनाव लड़ना चाहता है और न ही कांग्रेस को कोई दावेदार मिला। इनके समर्थन से क्या होता है। जनता इस सबको आजमा चुकी है। कितने अचंभित करने की बात है कि मनोज वधवा इनेलो के नेता हैं, लेकिन उनको पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने से डर लगता है। दूसरा कांग्रेस में ये ही नहीं पता लगता है कि गुट कितने हैं।
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करनाल। नगर निगम चुनाव के बहाने राजनीतिक दल आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। मेयर चुनाव में समर्थन देने के बदले विधानसभा चुनाव में वोट देने तक के वादे हो रहे हैं। इसी प्रकार की एक राजनीतिक डील गुरुवार को कांग्रेस की दो बार विधायक रह चुकीं सुमिता सिंह के न्यायपुरी स्थित आवास पर हुई।
इनेलो समर्थित आजाद उम्मीदवार आशा वधवा के पति मनोज वधवा इस बैठक में मौजूद रहे। बैठक में करीब एक घंटे तक सरकार को घेरने के लिए मंथन किया गया। कांग्रेस के एक धड़े और खुद पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने खुलकर आशा वधवा का साथ देने का वादा तक किया। इसके बाद की रस्म मनोज वधवा ने ये कहकर पूरी की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में बहन सुुमिता सिंह की सपोर्ट करेंगे। हालांकि, अचानक हुए इस गठनबंधन के चलते शहर में कई तरह की चर्चाएं चल पड़ीं हैं। देखना यह है कि विधानसभा चुनाव तक शहर की राजनीति के समीकरण क्या होते हैं? और करनाल की राजनीति में ये महागठबंधन क्या रंग लाता है?
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बता दें कि निगम चुनाव में मेयर का चुनाव सीधे हो रहा है। ऐसे में भाजपा की ओर से पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा गया है, जबकि इनेलो नेता मनोज वधवा की पत्नी आशा वधवा बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। इनेलो-बसपा गठबंधन द्वारा वधवा का समर्थन पहले ही किया जा चुका है। गुरुवार को पूर्व विधायक सुमिता के न्यायपुरी स्थित आवास पर कांग्रेस के एक धड़े की बैठक हुई। खास बात ये रही कि इसमें आशा वधवा के पति मनोज वधवा भी शामिल रहे। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक में पूर्व विधायक व उनके समर्थकों ने खुलकर वधवा का समर्थन देने की बात कही, साथ ही अपने कार्यकर्ताओं की प्रचार के लिए भी ड्यूटी लगाई। बैठक में सभी नेताओं ने भाजपा और सरकार को घेरने की बात कही और एकजुटता के दावे भी किए।
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बैठक में खुलकर ये बात सामने आई कि कांग्रेस के धड़े का समर्थन मेयर चुनाव तक होगा, इसके बाद प्रदेश में संभावित विधानसभा चुनाव होंगे तो उस समय वधवा और उसके समर्थकों द्वारा पूर्व विधायक सुमिता सिंह का समर्थन करना होगा। खुद मनोज वधवा ने ये बात बैठक में कही और सभी कांग्रेसी नेताओं को विश्वास दिलाया कि वे इस समय मेरी मदद करें और विधानसभा में वे पूर्व विधायक सुमिता सिंह की खुलकर मदद करेंगे। हालांकि, सरकार को घेरने के लिए बने इस गठबंधन के वादे कितने दिन चलते हैं और कौन अपने वादे पर खरा उतरता है, ये देखने की बात होगी।
टिकट नहीं मिली तो अब कांग्रेस के दावेदारों ने किया समर्थन
न्यायपुरी में हुई इस बैठक में कांग्रेस में ही मेयर पद के दावेदार अशोक खुराना, पंकज गाबा समेत अन्य नेता मौजूद रहे। इनके अलावा, पूर्व चेयरमैन त्रिलोचन सिंह, रणबीर सिंह, जयपाल मान, मनोज राणा समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल रहे। बता दें कि अशोक खुराना व पंकज गाबा पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष से अपने परिवार के लिए मेयर पद की टिकट मांग रहे थे।
भाजपा भी अलर्ट, पल पल पर नजर
नए महागठंधन पर भाजपा की भी पूरी नजर है और वो लगातार अपडेट ले रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस महागठबंधन की काट को लेकर भाजपा में पिछले कई दिनों से ही मंथन चल रहा है। भाजपा इसको गंभीरता से ले रही है कि जल्द ही करनाल में मंत्रियों समेत अन्य बड़े नेताओं की जनसभा हो सकती है।
कांग्रेस ने नहीं, मैंने किया है समर्थन : सुमिता सिंह
इस बारे में कांग्रेस की पूर्व विधायक सुमिता सिंह का कहना है कि कांग्रेस ने किसी को समर्थन नहीं किया है, बल्कि मैंने व समर्थकों ने आशा वधवा को सपोर्ट करने का वादा किया है। भाजपा को हराने के लिए हम मजबूत दावेदार का साथ दे रहे हैं, क्योंकि भाजपा ने करनाल में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया।
जिनको खुद को प्रत्याशी मिला नहीं, उनके समर्थन से क्या होता है : प्रो. चौहान
इस बारे में भाजपा के प्रवक्ता प्रोफेसर वीरेंद्र चौहान का कहना है न तो करनाल में इनेलो की टिकट पर कोई चुनाव लड़ना चाहता है और न ही कांग्रेस को कोई दावेदार मिला। इनके समर्थन से क्या होता है। जनता इस सबको आजमा चुकी है। कितने अचंभित करने की बात है कि मनोज वधवा इनेलो के नेता हैं, लेकिन उनको पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने से डर लगता है। दूसरा कांग्रेस में ये ही नहीं पता लगता है कि गुट कितने हैं।