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दस हजार से ज्यादा आशा वर्कर्स निराशा के साथ सीएम सिटी में डाला महापड़ाव

Tue, 17 Jul 2018 12:25 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:25 AM IST
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दस हजार से ज्यादा आशा वर्कर्स निराशा के साथ सीएम सिटी में डाला महापड़ाव
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। हरियाणा सरकार द्वारा मानी हुई मांगों का नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण प्रदेशभर की आशा वर्कर्स निराशा से भर गई। विरोध स्वरूप करीब दस हजार से ज्यादा आशा वर्कर्स ने सीएम सिटी पुरानी सब्जी मंडी में महापड़ाव शुरू कर दिया। दिनभर जहां महिलाओं ने प्रदेश सरकार को कोसा, नहीं रात को भी महिलाएं पुरानी सब्जी में डटी रहीं। वर्कर्स का कहना है कि जब तक सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं करेगी तब तक उनका महापड़ाव जारी रहेगा। हालांकि, आशा वर्कर्स की मांग को लेकर डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने चंडीगढ़ में बात की और उसी के आधार पर एडीसी व एसडीएम करनाल ने वर्कर्स को आश्वासन दिया कि वित्त विभाग से फाइल अप्रूव हो गई है। आश्वासन दिया गया कि ऐसे में मंगलवार तक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगी, लेकिन आशा वर्कर नोटिफिकेशन जारी होने पर ही महापड़ाव समाप्त करने की पर अड़ी रहीं। इससे पहले, रिमझिम बरसाता में भी हजारों की संख्या में आशा वर्कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती हुई पुरानी सब्जी मंडी से लघु सचिवालय तक पहुंची। आशा वर्करों की नारेबाजी से सीएम सिटी गूंज उठी। सीटू व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित आशा वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है।
महापड़ाव को सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सतबीर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा, सीटू कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार, महासचिव जयभगवान, सचिव आनंद शर्मा, जगपाल राणा, यूनियन नेताओं सुनीता, अनीता, रानी, मीरा, सुधा, नीलम, सर्बजीत, कमलेश, एसकेएस नेता कृष्ण शर्मा, सतपाल सैनी, सुशील गुज्जर आदि मौजूद रहीं।
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एक फरवरी को सरकार ने मानी थी मांगें
यूनियन की राष्ट्रीय नेता रंजना नरूला, राज्य अध्यक्ष प्रवेश व महासचिव सुरेखा ने कहा कि आशा वर्कर्स ने जनवरी महीने में 16 दिन तक आंदोलन किया था। इस दौरान, एक फरवरी को आशा वर्कर्स के फिक्स मानदेय में 3000 की बढ़ोतरी, प्रोत्साहन राशियों में बढ़ोतरी के साथ-साथ अन्य कई मांगों पर सरकार ने सहमति जताई थी और जल्द ही मांगें लागू करने का आश्वासन दिया था। इस कारण आशा वर्कर्स ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। लेकिन जून तक भी सरकार ने मानी हुई मांगों का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। इस कारण, 7 जूून से आशा वर्कर दोबारा हड़ताल पर चली गई थी। जो 15 जून तक चली। इस बार भी सरकार ने जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करने की बात कही। इस कारण आशा वर्कर्स हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन अब आशा वर्कर पीछे नहीं हटेंगी।
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निर्मल कुटिया में हजारों आशा वर्कर्स ने खाया खाना
सुबह से महापड़ाव पर बैठी आशा वर्कर्स ने शाम को लघु सचिवालय तक जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने के बाद प्रदेशभर से आई आशा वर्कर्स ने निर्मल कुटिया में खाना खाया। इससे अलग कुछ आशा वर्कर्स ने फ्रूट, सब्जी आदि खरीदी। बरसात आने पर भी दिनभर आधे से ज्यादा आशा वर्कर भीगती रही, क्योंकि आशा वर्कर्स की संख्या के आगे पुरानी सब्जी मंडी का शेड भी छोटा पड़ गया।

सुरक्षा के लिए तैनात है पुलिस कर्मचारी
महापड़ाव पर बैठी आशा वर्कर्स की सुरक्षा के लिए जिला पुलिस की ओर से भारी पुलिस बल उनकी सुरक्षा में तैनात किया गया है, ताकि आशा वर्कर्स को किसी प्रकार की समस्या न हो। इससे अलग पीसीआर की गश्त के लिए तैनात की गई है। खुद सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल समेत पूरी टीम मौके पर तैनात रही। थाना प्रभारी ने बताया कि पुरानी सब्जी मंडी शेड के चारों तरफ पुलिस तैनात की गई है, ताकि महिलाओं को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस मुस्तैद है।
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