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मेडिकल कालेज में सप्ताह पहले खुला सस्ती दवाओं का जन औषधालय, न मरीजों को भनक और न ही स्टाफ को
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:00 AM IST
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मेडिकल कालेज में सप्ताह पहले खुला सस्ती दवाओं का जन औषधालय, न मरीजों को भनक और न ही स्टाफ को
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में सस्ती दवाइयों का अमृत फार्मेसी के नाम से जन औषधालय एक सप्ताह पहले खोला जा चुका है, लेकिन इसकी भनक तक किसी को नहीं लगने दी जा रही। न तो यहां पर कोई जानकारी देने के लिए कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही स्टाफ को ये तक जानकारी दी गई है कि आखिर कहां पर ये स्टोर खोला गया है? कालेज के सिक्योरिटी गार्ड से लेकर मे आई हैल्प यू डेस्क तक के कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं है। स्टोर खुलने के बाद भी मरीजों को रोजाना बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में यहां पर भी प्रबंधन और निजी मेडिकल स्टोर संचालकों की मिलीभगत की बू आ रही है।
बता दें कि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग का उद्घाटन 13 अप्रैल 2017 को हुआ था। एक साल बीतने के बाद मेडिकल कॉलेज में जन औषधालय खुला लेकिन फिर भी वह मरीजों से छिपा हुआ है। इस जन औषधालय को मेडिकल कॉलेज में ऐसी जगह पर खोला गया है जो किसी की नजर में नहीं आता। मरीजों को इस जन औषधलय से दूर रखा जा रहा है। दरअसल, सस्ती दवाओं का स्टोर मेडिकल कालेज के अस्पताल ब्लाक में प्रशासनिक ब्लाक की ओर जाने वाले रास्ते की ओर खोला गया है। इस पर केवल अमृत फार्मेसी लिखा है। यहां से ओपीडी दूर है और यहां पर आने वाले मरीजों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है और न ही कोई सूचना पट्ट लगाया गया है। इस बारे में अमर उजाला की टीम ने प्रबंधन के कई लोगों से पूछा, लेकिन कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं हुआ। जन औषधालय के संचालक तक ने भी यही कहा कि सोमवार को बताऊंगा।
बाक्स
मैं आई हेल्प यू खुद पूछ रहे कहां पर खुला है स्टोर?
मेडिकल कॉलेज में जन औषधालय अस्पताल ब्लाक के बाहर डायरेक्टर ऑफिस की ओर खोला गया है। जो ओपीडी, अस्पताल व इमरजेंसी में आए मरीजों को दिखाई नहीं देता। जन औषधालय को देखने के लिए जब अमर उजाला की टीम मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक में पहुंची तो वहां मै आई हेल्प यू डेस्क पर बैठी एक महिला से टीम ने जन औषधालय स्टोर के बारे में पूछा तो उसने कहा कि यहां तो कोई स्टोर नहीं खुला है। इसके बाद टीम ने कई सिक्योरिटी गार्डों से इस जन औषधालय के बारे में पूछा तो उन्हें भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में मरीजों को इस स्टोर के बारे में कैसे पता चलेगा।
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बाक्स
ये है जन औषधालय
बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधामंत्री जन औषधि योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अमृत फार्मेसी के नाम से जन औषधालय खोला गया है। इस औषधालय पर मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां सस्ते दाम पर मिलेगी। इस जन औषधालय से खरीदी गई दवा में प्राइवेट मेडिकल स्टोर खरीदी गई दवाइयों के रेट 80 फीसदी कम होंगे।
बाक्स
मरीजों को डाक्टर द्वारा लिखी हुई आधी ही मिलती है डिस्पेंसरी में दवा
मेडिकल कॉलेज में दो हजार से ज्यादा ओपीडी होती है। गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। जो मरीज मेडिकल कॉलेज में चेकअप के लिए आते हैं उनके एडमिट कार्ड पर डॉक्टर द्वारा दवाइयां लिखी जाती है, लेकिन मरीजों को मेडिकल कॉलेज की डिस्पेंसरी से सस्ती आधी ही दवा मिलती है और बाकि की दवा मरीज को बाहर के प्राइवेट मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ी है। जिन्हें मेडिकल स्टोर संचालक बिना डिस्काउंट महंगे दाम में देता है। इस कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज कराना महंगा पड़ रहा है।
बाक्स
प्राइवेट मेडिकल स्टोर की बढ़ रही है संख्या
मेडिकल कॉलेज के मैन गेट के सामने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ती जा रही है। जब मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था उस दौरान वहां पर एक ही प्राइवेट मेडिकल स्टोर था। लेकिन करीब आछ मेडिकल स्टोर खुल चुके है। कुछ मरीजों का आरोप भी है कि इन मेडिकल स्टोर संचालकों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन व डॉक्टरों से सांठगांठ की हुई है।
बाक्स
मेडिकल कॉलेज में आती हैं 159 प्रकार की दवा
मेडिकल कॉलेज में 159 प्रकार की दवा आती हैं, लेकिन डाक्टर मरीज की पर्ची पर जो दवा लिखते हैं, उनमें से कई दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं मिलती और वह दवा प्राइवेट स्टोर से महंगी मिलती है। इससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है। हालांकि, हर माह इनमें से आधी दवाइयां भी सरकारी काउंटरों पर नहीं मिलती। इससे भी मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं।
वर्जन
जन औषधालय के लिए मेडिकल कॉलेज द्वारा बिल्डिंग हैंडओवर कर दी गई है। इस जन औषधालय में मरीजों को सस्ते दाम में जेनरिक ब्रांडेड दवा मिलेंगी। इस स्टोर को शुरू हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है। फिलहाल इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है कि दवाइयां मिल रही हैं कि नहीं मिल रही। सूचना पट्ट आदि लगाया जाएगा, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
-डॉ. सुरेंद्र कश्यप, निदेशक, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में सस्ती दवाइयों का अमृत फार्मेसी के नाम से जन औषधालय एक सप्ताह पहले खोला जा चुका है, लेकिन इसकी भनक तक किसी को नहीं लगने दी जा रही। न तो यहां पर कोई जानकारी देने के लिए कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही स्टाफ को ये तक जानकारी दी गई है कि आखिर कहां पर ये स्टोर खोला गया है? कालेज के सिक्योरिटी गार्ड से लेकर मे आई हैल्प यू डेस्क तक के कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं है। स्टोर खुलने के बाद भी मरीजों को रोजाना बाहर से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। ऐसे में यहां पर भी प्रबंधन और निजी मेडिकल स्टोर संचालकों की मिलीभगत की बू आ रही है।
बता दें कि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग का उद्घाटन 13 अप्रैल 2017 को हुआ था। एक साल बीतने के बाद मेडिकल कॉलेज में जन औषधालय खुला लेकिन फिर भी वह मरीजों से छिपा हुआ है। इस जन औषधालय को मेडिकल कॉलेज में ऐसी जगह पर खोला गया है जो किसी की नजर में नहीं आता। मरीजों को इस जन औषधलय से दूर रखा जा रहा है। दरअसल, सस्ती दवाओं का स्टोर मेडिकल कालेज के अस्पताल ब्लाक में प्रशासनिक ब्लाक की ओर जाने वाले रास्ते की ओर खोला गया है। इस पर केवल अमृत फार्मेसी लिखा है। यहां से ओपीडी दूर है और यहां पर आने वाले मरीजों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है और न ही कोई सूचना पट्ट लगाया गया है। इस बारे में अमर उजाला की टीम ने प्रबंधन के कई लोगों से पूछा, लेकिन कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं हुआ। जन औषधालय के संचालक तक ने भी यही कहा कि सोमवार को बताऊंगा।
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मैं आई हेल्प यू खुद पूछ रहे कहां पर खुला है स्टोर?
मेडिकल कॉलेज में जन औषधालय अस्पताल ब्लाक के बाहर डायरेक्टर ऑफिस की ओर खोला गया है। जो ओपीडी, अस्पताल व इमरजेंसी में आए मरीजों को दिखाई नहीं देता। जन औषधालय को देखने के लिए जब अमर उजाला की टीम मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक में पहुंची तो वहां मै आई हेल्प यू डेस्क पर बैठी एक महिला से टीम ने जन औषधालय स्टोर के बारे में पूछा तो उसने कहा कि यहां तो कोई स्टोर नहीं खुला है। इसके बाद टीम ने कई सिक्योरिटी गार्डों से इस जन औषधालय के बारे में पूछा तो उन्हें भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में मरीजों को इस स्टोर के बारे में कैसे पता चलेगा।
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ये है जन औषधालय
बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधामंत्री जन औषधि योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अमृत फार्मेसी के नाम से जन औषधालय खोला गया है। इस औषधालय पर मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां सस्ते दाम पर मिलेगी। इस जन औषधालय से खरीदी गई दवा में प्राइवेट मेडिकल स्टोर खरीदी गई दवाइयों के रेट 80 फीसदी कम होंगे।
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मरीजों को डाक्टर द्वारा लिखी हुई आधी ही मिलती है डिस्पेंसरी में दवा
मेडिकल कॉलेज में दो हजार से ज्यादा ओपीडी होती है। गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। जो मरीज मेडिकल कॉलेज में चेकअप के लिए आते हैं उनके एडमिट कार्ड पर डॉक्टर द्वारा दवाइयां लिखी जाती है, लेकिन मरीजों को मेडिकल कॉलेज की डिस्पेंसरी से सस्ती आधी ही दवा मिलती है और बाकि की दवा मरीज को बाहर के प्राइवेट मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ी है। जिन्हें मेडिकल स्टोर संचालक बिना डिस्काउंट महंगे दाम में देता है। इस कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज कराना महंगा पड़ रहा है।
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प्राइवेट मेडिकल स्टोर की बढ़ रही है संख्या
मेडिकल कॉलेज के मैन गेट के सामने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ती जा रही है। जब मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था उस दौरान वहां पर एक ही प्राइवेट मेडिकल स्टोर था। लेकिन करीब आछ मेडिकल स्टोर खुल चुके है। कुछ मरीजों का आरोप भी है कि इन मेडिकल स्टोर संचालकों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन व डॉक्टरों से सांठगांठ की हुई है।
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मेडिकल कॉलेज में आती हैं 159 प्रकार की दवा
मेडिकल कॉलेज में 159 प्रकार की दवा आती हैं, लेकिन डाक्टर मरीज की पर्ची पर जो दवा लिखते हैं, उनमें से कई दवा मेडिकल कॉलेज में नहीं मिलती और वह दवा प्राइवेट स्टोर से महंगी मिलती है। इससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है। हालांकि, हर माह इनमें से आधी दवाइयां भी सरकारी काउंटरों पर नहीं मिलती। इससे भी मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं।
वर्जन
जन औषधालय के लिए मेडिकल कॉलेज द्वारा बिल्डिंग हैंडओवर कर दी गई है। इस जन औषधालय में मरीजों को सस्ते दाम में जेनरिक ब्रांडेड दवा मिलेंगी। इस स्टोर को शुरू हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है। फिलहाल इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है कि दवाइयां मिल रही हैं कि नहीं मिल रही। सूचना पट्ट आदि लगाया जाएगा, ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
-डॉ. सुरेंद्र कश्यप, निदेशक, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल।