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निजी स्कूलों के बच्चों को नहीं साहब लोगों को लगती है सर्दी
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:10 AM IST
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बच्चे स्कूल जाते तो मिले पर साहब घर से न निकले
अमर उजाला टीम
करनाल।
सीएम सिटी में निजी स्कूल के बच्चों को शायद सर्दी नहीं लगती, इसलिए ही तो स्कूलों की छुट्टी होने के बावजूद सुबह ठिठुरन में बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ जिले के अधिकारी और बाबुओं को सर्दी शायद ज्यादा लगती है, तभी तो ड्यूटी के बावजूद वे समय पर कार्यालयों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने छुट्टी के बावजूद निजी स्कूल खुलने और ड्यूटी पर आने वाले अधिकारी समय के कितने पाबंद हैं, इसको लेकर रियल्टी चेक किया तो सरकारी आदेशों की पालना और अधिकारियों की जवाबदेही में गंभीरता की पोल खुल गई।
जहां कई निजी स्कूलों के बच्चे कड़ाके की ठंड में सुबह साढे़ सात से लेकर आठ बजे तक घरों के बाहर स्कूली वाहनों का इंतजार करते पाए गए। वहीं, दूसरी ओर चार दिन की छुट्टियां बिताने के बावजूद जिले के आला अधिकारियों समेत कर्मचारी भी बुधवार को कार्यालयों में एक घंटा तक देरी से पहुंचे।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार सुबह साढ़े सात से लेकर 10 बजे तक स्कूलों, लघु सचिवालय और नगर निगम कार्यालय का मुआयना किया। इस दौरान नन्हें बच्चे स्कूल जाते मिले तो बड़े बाबू सर्दी होने के कारण घरों से ही न निकले और देरी से कार्यालय पहुंचे। इसके विपरीत कार्यालय खुलने के निर्धारित 9 बजे के समय से पहले 20-20 किलोमीटर दूर से लोग डीसी और एसपी को शिकायत देने और पेंशन बनवाने को पहुंच गए और साहब का इंतजार करते नजर आए।
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सर्दी तो लगती है, लेकिन क्या करें अंकल जी...
अमर उजाला की टीम बुधवार सुबह साढ़े सात बजे सेक्टर-9 से होते हुए कुंजपुरा रोड पहुंची। यहां निजी स्कूल में पढ़ने वाले दो बच्चे घर के बाहर परिजनों के साथ खड़े स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। इसी प्रकार आरकेपुरम स्थित एक पब्लिक स्कूल खुला मिला, जिसके बच्चे पैदल ही स्कूल की तरफ जाते मिले। बच्चों से जब पूछा गया कि सभी की छुट्टी है तो आपकी छुट्टी क्यों नहीं, इस पर बच्चों ने जवाब दिया कि उनकी छुट्टी एक जनवरी से शुरू होंगी। सर्दी लगती है या नहीं के सवाल पर बच्चों ने कहा- अंकल सर्दी को लगती है, लेकिन क्या करें। वहीं, आईटीआई चौक पर चुन्नी से मुंह ढके लड़कियां ठिठुरती हुई आईटीआई जाती मिलीं। छात्राओं से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब तक छुट्टी नहीं होंगी, तब तक तो आना ही पड़ेगा। पड़ताल के दौरान कान्वेंट स्कूल का गेट बंद मिला। इसी प्रकार सेक्टर-7 स्थित दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, प्रताप स्कूल और सेक्टर-13 स्थित ओपीएस स्कूल बंद मिले। इसके बाद टीम ने शहर के बस स्टैंड, लाइनपार और रेलवे रोड का मुआयना किया। उधर, असंध, नीलोखेड़ी, घरौंडा, इंद्री में भी कुछेक स्कूल खुले मिले। कई गांवों में स्थित स्कूल भी नियमों का उल्लंघन करके खोले गए।
इधर, एक घंटा लेट तक पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी
आठ बजकर 50 मिनिट पर अमर उजाला की टीम लघु सचिवालय पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि निर्धारित समय 9 बजे तक अधिकारियों की बात करें तो केवल डीआईपीआरओ सुनील बसताड़ा ही पहुंचे थे, इसके अलावा, सभी अधिकारियों की गाड़ियों की पार्किंग खाली मिली। इसके बाद टीम ग्राउंड फ्लोर पर गई तो एसडीएम कार्यालय में एक क्लर्क बैठे मिले, जबकि एसडीएम नरेंद्र मलिक नहीं आए हुए थे। प्रथम तल पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया भी कार्यालय में नहीं मिले और डीसी कार्यालय की कई शाखाओं को ताले लगे मिले। सीटीएम कार्यालय भी खाली मिला।
सुबह नौ बजकर 10 मिनिट पर एडीसी निशांत यादव का कार्यालय खुला मिला, लेकिन सीट खाली थी। इसके बाद तीसरे तल पर एसपी जेएस रंधावा भी सीट पर नहीं मिले। टीम ने पूरे लघु सचिवालय का मुआयना किया तो केवल चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या फिर कुछेक क्लर्क ही ऑफिस में मिले या ऑफिस जाते मिले। इसके बाद टीम ने लघु सचिवालय के दूसरे खंड का दौरा किया तो यहां के हालात भी ऐसे ही मिले।
साढ़े नौ बजे तक प्रथम तल पर बने आधार केंद्र पर ताला लगा मिला। इसके बाद चुनाव कार्यालय, सीएम फ्लाइंग ऑफिस, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, पेंशन कार्यालय में सीटें खाली मिलीं। न तो कार्यालय में डीईओ सरोज बाला गुर मिली और न ही पेंशन अधिकारी सत्यवान। डीसी डॉ. आदित्य दहिया और एसपी जेएस रंधावा तो 10 बजे तक भी कार्यालय नहीं पहुंचे। अब सवाल यह है कि जब जिले के आला अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो फिर आम लोगों के समय पर काम कैसे निपट पाएंगे। हालांकि, डीसी कार्यालय द्वारा बताया गया कि वे साइट निरीक्षण पर गए हुए हैं। बता दें कि चार दिन की छुट्टी के बाद बुधवार को ही कार्यालय खुले है।
नगर निगम कार्यालय : ताले खुले पर अधिकारी न मिले
इस दौरान अमर उजाला की दूसरी टीम ने सुबह नौ बजकर 20 मिनिट पर नगर निगम कार्यालय का मुआयना किया। यहां पर न तो निगम के अधिकारी सीट पर मिले और न ही पदाधिकारी। सभी के कमरों के ताले खुले थे लेकिन खुद न मिले। कार्यकारी अधिकारी धीरज कुमार, डीएमसी रोहताश बिश्नोई, डीटीपी धर्मपाल, एमई मोनिका शर्मा, एमई मुकेश शर्मा, एमई सुनील भल्ला की सीट खाली मिलीं। इसी प्रकार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के कमरे भी खाली नजर आए। इतना ही नहीं निगम के बाहर बनाए गए पूछताछ केंद्र पर तीनों सीटें खाली मिली। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई खिड़कियों पर भी कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं मिले। सवाल यह है आखिर लोग शिकायत करने व अपने काम पूरा कराने के लिए कहां जाएं। बता दें कि निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी बीमार होने के कारण छुट्टी पर हैं, वहीं ईओ धीरज कुमार और मोनिका शर्मा ने बताया कि वे निरीक्षण के लिए गए हुए थे। वहीं, निगम के डीडीए रामकुमार, सचिव भाल सिंह अपने आफिस में और टैक्स ब्रांच के अधीक्षक हरफूल सिंह, सेनिटेशन ब्रांच में सुरेंद्र चोपड़ा मौजूद मिले।
पौन नौ बजे ही पहुंचने लगे लोग
एक तरफ कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी होने के बाद भी कार्यालय में समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समस्याओं से परेशान लोग पौने नौ बजे ही लघु सचिवालय पहुंच गए और अधिकारियों का इंतजार करने लगे। निसिंग के कलीराम और सुदेश देवी ने बताया कि वे पेंशन बनवाने को यहां आए हैं, कोई आया नहीं है इसलिए इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार एसडीएम से मिलने आए कैलाश ने बताया कि वह कई बार शिकायत कर चुके हैं, चाय की दुकान चलाते हैं। सुबह-सुबह ही शिकायत करने आए हैं, ताकि बाद में भीड़ न हो, लेकिन कोई आया नहीं है। इसी प्रकार महेश कुमार और गांव उचाना से फकीरचंद ने बताया कि वे भी पेंशन बनवाने को ही अधिकारी का इंतजार कर रहे हैं। बुजुर्गों ने सरकार से सवाल किया कि जब वे उम्रदराज होकर भी सुबह समय से यहां आ सकते हैं तो अधिकारी व कर्मचारी क्यों नहीं।
क्या बोले जिम्मेदारी अधिकारी
प्रदेश सरकार द्वारा सर्दी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी की हुई है, अगर कोई स्कूल आदेशों का अवहेलना करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में स्कूलों को नोटिस जारी किये जाएंगे, साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निजी स्कूलों पर निगरानी के निर्देश दिये जाएंगे। सर्दी को देखते हुए निजी स्कूलों को चाहिए कि वे तुरंत छुट्टी घोषित करें। -सरोजबाला गुर, जिला शिक्षा अधिकारी।
प्रदेश सरकार के आदेशानुसार सभी स्कूलों की छुट्टी की हुई है, अगर कोई स्कूल आदेशों की अवहेलना करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की जानकारी मिले तो वह डीसी कार्यालय में शिकायत दे सकते हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। इसके अलावा, अगर कोई जिले का अधिकारी व कर्मचारी लेट आता है तो यह गंभीर विषय है। मैं खुद ही चेक करूंगा। जिलेभर के अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेश दे रखे हैं कि वे समय पर कार्यालय पहुंचे और समय ही छोड़ें, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर निपटारा हो रहे। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल।
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अमर उजाला टीम
करनाल।
सीएम सिटी में निजी स्कूल के बच्चों को शायद सर्दी नहीं लगती, इसलिए ही तो स्कूलों की छुट्टी होने के बावजूद सुबह ठिठुरन में बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ जिले के अधिकारी और बाबुओं को सर्दी शायद ज्यादा लगती है, तभी तो ड्यूटी के बावजूद वे समय पर कार्यालयों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने छुट्टी के बावजूद निजी स्कूल खुलने और ड्यूटी पर आने वाले अधिकारी समय के कितने पाबंद हैं, इसको लेकर रियल्टी चेक किया तो सरकारी आदेशों की पालना और अधिकारियों की जवाबदेही में गंभीरता की पोल खुल गई।
जहां कई निजी स्कूलों के बच्चे कड़ाके की ठंड में सुबह साढे़ सात से लेकर आठ बजे तक घरों के बाहर स्कूली वाहनों का इंतजार करते पाए गए। वहीं, दूसरी ओर चार दिन की छुट्टियां बिताने के बावजूद जिले के आला अधिकारियों समेत कर्मचारी भी बुधवार को कार्यालयों में एक घंटा तक देरी से पहुंचे।
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अमर उजाला की टीम ने बुधवार सुबह साढ़े सात से लेकर 10 बजे तक स्कूलों, लघु सचिवालय और नगर निगम कार्यालय का मुआयना किया। इस दौरान नन्हें बच्चे स्कूल जाते मिले तो बड़े बाबू सर्दी होने के कारण घरों से ही न निकले और देरी से कार्यालय पहुंचे। इसके विपरीत कार्यालय खुलने के निर्धारित 9 बजे के समय से पहले 20-20 किलोमीटर दूर से लोग डीसी और एसपी को शिकायत देने और पेंशन बनवाने को पहुंच गए और साहब का इंतजार करते नजर आए।
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सर्दी तो लगती है, लेकिन क्या करें अंकल जी...
अमर उजाला की टीम बुधवार सुबह साढ़े सात बजे सेक्टर-9 से होते हुए कुंजपुरा रोड पहुंची। यहां निजी स्कूल में पढ़ने वाले दो बच्चे घर के बाहर परिजनों के साथ खड़े स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। इसी प्रकार आरकेपुरम स्थित एक पब्लिक स्कूल खुला मिला, जिसके बच्चे पैदल ही स्कूल की तरफ जाते मिले। बच्चों से जब पूछा गया कि सभी की छुट्टी है तो आपकी छुट्टी क्यों नहीं, इस पर बच्चों ने जवाब दिया कि उनकी छुट्टी एक जनवरी से शुरू होंगी। सर्दी लगती है या नहीं के सवाल पर बच्चों ने कहा- अंकल सर्दी को लगती है, लेकिन क्या करें। वहीं, आईटीआई चौक पर चुन्नी से मुंह ढके लड़कियां ठिठुरती हुई आईटीआई जाती मिलीं। छात्राओं से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब तक छुट्टी नहीं होंगी, तब तक तो आना ही पड़ेगा। पड़ताल के दौरान कान्वेंट स्कूल का गेट बंद मिला। इसी प्रकार सेक्टर-7 स्थित दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, प्रताप स्कूल और सेक्टर-13 स्थित ओपीएस स्कूल बंद मिले। इसके बाद टीम ने शहर के बस स्टैंड, लाइनपार और रेलवे रोड का मुआयना किया। उधर, असंध, नीलोखेड़ी, घरौंडा, इंद्री में भी कुछेक स्कूल खुले मिले। कई गांवों में स्थित स्कूल भी नियमों का उल्लंघन करके खोले गए।
इधर, एक घंटा लेट तक पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी
आठ बजकर 50 मिनिट पर अमर उजाला की टीम लघु सचिवालय पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि निर्धारित समय 9 बजे तक अधिकारियों की बात करें तो केवल डीआईपीआरओ सुनील बसताड़ा ही पहुंचे थे, इसके अलावा, सभी अधिकारियों की गाड़ियों की पार्किंग खाली मिली। इसके बाद टीम ग्राउंड फ्लोर पर गई तो एसडीएम कार्यालय में एक क्लर्क बैठे मिले, जबकि एसडीएम नरेंद्र मलिक नहीं आए हुए थे। प्रथम तल पर डीसी डॉ. आदित्य दहिया भी कार्यालय में नहीं मिले और डीसी कार्यालय की कई शाखाओं को ताले लगे मिले। सीटीएम कार्यालय भी खाली मिला।
सुबह नौ बजकर 10 मिनिट पर एडीसी निशांत यादव का कार्यालय खुला मिला, लेकिन सीट खाली थी। इसके बाद तीसरे तल पर एसपी जेएस रंधावा भी सीट पर नहीं मिले। टीम ने पूरे लघु सचिवालय का मुआयना किया तो केवल चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या फिर कुछेक क्लर्क ही ऑफिस में मिले या ऑफिस जाते मिले। इसके बाद टीम ने लघु सचिवालय के दूसरे खंड का दौरा किया तो यहां के हालात भी ऐसे ही मिले।
साढ़े नौ बजे तक प्रथम तल पर बने आधार केंद्र पर ताला लगा मिला। इसके बाद चुनाव कार्यालय, सीएम फ्लाइंग ऑफिस, समाज कल्याण अधिकारी, जिला कल्याण अधिकारी, पेंशन कार्यालय में सीटें खाली मिलीं। न तो कार्यालय में डीईओ सरोज बाला गुर मिली और न ही पेंशन अधिकारी सत्यवान। डीसी डॉ. आदित्य दहिया और एसपी जेएस रंधावा तो 10 बजे तक भी कार्यालय नहीं पहुंचे। अब सवाल यह है कि जब जिले के आला अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो फिर आम लोगों के समय पर काम कैसे निपट पाएंगे। हालांकि, डीसी कार्यालय द्वारा बताया गया कि वे साइट निरीक्षण पर गए हुए हैं। बता दें कि चार दिन की छुट्टी के बाद बुधवार को ही कार्यालय खुले है।
नगर निगम कार्यालय : ताले खुले पर अधिकारी न मिले
इस दौरान अमर उजाला की दूसरी टीम ने सुबह नौ बजकर 20 मिनिट पर नगर निगम कार्यालय का मुआयना किया। यहां पर न तो निगम के अधिकारी सीट पर मिले और न ही पदाधिकारी। सभी के कमरों के ताले खुले थे लेकिन खुद न मिले। कार्यकारी अधिकारी धीरज कुमार, डीएमसी रोहताश बिश्नोई, डीटीपी धर्मपाल, एमई मोनिका शर्मा, एमई मुकेश शर्मा, एमई सुनील भल्ला की सीट खाली मिलीं। इसी प्रकार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के कमरे भी खाली नजर आए। इतना ही नहीं निगम के बाहर बनाए गए पूछताछ केंद्र पर तीनों सीटें खाली मिली। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई खिड़कियों पर भी कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं मिले। सवाल यह है आखिर लोग शिकायत करने व अपने काम पूरा कराने के लिए कहां जाएं। बता दें कि निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी बीमार होने के कारण छुट्टी पर हैं, वहीं ईओ धीरज कुमार और मोनिका शर्मा ने बताया कि वे निरीक्षण के लिए गए हुए थे। वहीं, निगम के डीडीए रामकुमार, सचिव भाल सिंह अपने आफिस में और टैक्स ब्रांच के अधीक्षक हरफूल सिंह, सेनिटेशन ब्रांच में सुरेंद्र चोपड़ा मौजूद मिले।
पौन नौ बजे ही पहुंचने लगे लोग
एक तरफ कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी होने के बाद भी कार्यालय में समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समस्याओं से परेशान लोग पौने नौ बजे ही लघु सचिवालय पहुंच गए और अधिकारियों का इंतजार करने लगे। निसिंग के कलीराम और सुदेश देवी ने बताया कि वे पेंशन बनवाने को यहां आए हैं, कोई आया नहीं है इसलिए इंतजार कर रहे हैं। इसी प्रकार एसडीएम से मिलने आए कैलाश ने बताया कि वह कई बार शिकायत कर चुके हैं, चाय की दुकान चलाते हैं। सुबह-सुबह ही शिकायत करने आए हैं, ताकि बाद में भीड़ न हो, लेकिन कोई आया नहीं है। इसी प्रकार महेश कुमार और गांव उचाना से फकीरचंद ने बताया कि वे भी पेंशन बनवाने को ही अधिकारी का इंतजार कर रहे हैं। बुजुर्गों ने सरकार से सवाल किया कि जब वे उम्रदराज होकर भी सुबह समय से यहां आ सकते हैं तो अधिकारी व कर्मचारी क्यों नहीं।
क्या बोले जिम्मेदारी अधिकारी
प्रदेश सरकार द्वारा सर्दी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी की हुई है, अगर कोई स्कूल आदेशों का अवहेलना करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में स्कूलों को नोटिस जारी किये जाएंगे, साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निजी स्कूलों पर निगरानी के निर्देश दिये जाएंगे। सर्दी को देखते हुए निजी स्कूलों को चाहिए कि वे तुरंत छुट्टी घोषित करें। -सरोजबाला गुर, जिला शिक्षा अधिकारी।
प्रदेश सरकार के आदेशानुसार सभी स्कूलों की छुट्टी की हुई है, अगर कोई स्कूल आदेशों की अवहेलना करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की जानकारी मिले तो वह डीसी कार्यालय में शिकायत दे सकते हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। इसके अलावा, अगर कोई जिले का अधिकारी व कर्मचारी लेट आता है तो यह गंभीर विषय है। मैं खुद ही चेक करूंगा। जिलेभर के अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेश दे रखे हैं कि वे समय पर कार्यालय पहुंचे और समय ही छोड़ें, ताकि लोगों की समस्याओं का समय पर निपटारा हो रहे। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी, करनाल।